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मध्य प्रदेश के चुनावी दौरे पर अखिलेश यादव, क्या कांग्रेस के साथ बनी रहेगी दूरियां?

Pranshu Mishra | News18Hindi
Updated: July 19, 2018, 12:28 PM IST
मध्य प्रदेश के चुनावी दौरे पर अखिलेश यादव, क्या कांग्रेस के साथ बनी रहेगी दूरियां?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

अखिलेश मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहते हैं, और फिर वो चुनाव में हार जीत के बारे में सोचेंगे- सूत्र

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  • Last Updated: July 19, 2018, 12:28 PM IST
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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार से मध्यप्रदेश में तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत कर रहे हैं. इसी क्रम में पार्टी ने स्पष्ट चुनावी रणनीति का संकेत दिए हैं...'कांग्रेस से दूर रहें, कांग्रेस को दूर रखें'.

समाजवादी पार्टी (एसपी) के सूत्रों ने न्यूज 18 को इस बात की पुष्टि कि है कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राज्य में लोकसभा की 80 सीटों को कांग्रेस के साथ साथा करने के मूड में नहीं है. इसलिए समाजवादी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस से दूर रहने का फैसला किया है.

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में होने वाले चुनाव पर नजर रखने वाले एक वरिष्ठ एसपी नेता ने कहा, "पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ बीएसपी के गंठबंधन से कोई समस्या नहीं है. लेकिन जहां तक एसपी का सवाल है, वो कांग्रेस से दूरी बनाए रखने की नीति पर काम करेगी.''

कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाने के लिए समाजवादी पार्टी इसलिए उत्सुक नहीं है क्योंकि उनकी नजर 2019 के चुनाव पर है, जहां उनके राज्य में हालात अलग होंगे.

समाजवादी पार्टी के नेताओं का मानना है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन उनकी राजनीतिक से मेल नहीं खाती है. ये 85% बनाम 15% की एकता है. इस मामले में, वे अपर कास्ट के खिलाफ दलितों, पीछड़ा वर्ग और मुस्लिमों को एकजुट करने की राजनीतिक रणनीति का जिक्र कर रहे हैं. जबकि परंपरागत रूप से अपर कास्ट को बीजेपी के साथ देखा गया है.

इसके अलावा, 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी का अनुभव अलग तरह का रहा है. समाजवादी पार्टी कांग्रेस से साथ अपर कास्ट का समर्थन लेना चाहती लेकिन पार्टी की ये कोशिश पूरी तरह से बेकार गई थी.

इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए एसपी अब कांग्रेस पार्टी को दूर रखना चाहती है. सूत्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में एसपी का ज्यादा बड़ा जनाधार नहीं है, इसलिए इन राज्यों में चुनाव में हार या जीत से वो ज़्यादा परेशान नहीं है.अखिलेश यादव भोपाल में ही ज़्यादा देर तक रुकना चाहते हैं. वो यहां पूरे जिलों से पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे. सूत्रों के मुताबिक राज्य कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के साथ अखिलेश यादव की एक बैठक भी रखी गई है.

न्यूज़ 18 ने पहले ही आपको बताया था कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस, बीएसपी और एसपी दोनों से हाथ मिलाने के लिए तैयार है. कांग्रेस 280 सीटों में से सिर्फ 50 सीट इनके लिए छोड़ने के लिए तैयार है. पार्टी ने शुरुआत में बीएसपी को लगभग 30 सीट और एसपी को 20 सीट देने की पेशकश की थी, जो ज्यादातर उत्तर प्रदेश के बॉर्डर यानी बुंदेलखंड और चंबल के इलाके है.

उस वक्त समाजवादी पार्टी ने बताया था कि वो इतने कम सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं है. उनका कहना था कि वो आत्म सम्मान के साथ समझौता नहीं कर सकते. एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अखिलेश मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहते हैं, और फिर वो चुनाव में हार जीत के बारे में सोचेंगे. यहां पिछले विधानसभा चुनाव में सामजवादी पार्टी को सिर्फ 2 फीसदी वोट मिले थे और उन्हें किसी भी सीट पर जीत नहीं मिली थी.

पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी की बैठक 28 जुलाई को लखनऊ में है इसके बाद ही इस बात पर अधिकारिक मुहर लग जाएगी कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस से दूरियां बनाती है या फिर नजदीकियां.

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First published: July 19, 2018, 12:27 PM IST
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