अकेले मई में 30 फीसदी मौतें, कोरोना की दोनों लहर का सबसे घातक महीना

कोरोना डेथ के मद्देनजर मई का महीना बेहद घातक साबित हुआ है. (सांकेतिक तस्वीर-AP)

कोरोना डेथ के मद्देनजर मई का महीना बेहद घातक साबित हुआ है. (सांकेतिक तस्वीर-AP)

स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के मुताबिक सोमवार तक देश में 3,03,720 लोगों ने महामारी से जान गंवाई है. ब्राजील, अमेरिका के बाद आज भारत तीसरा ऐसा देश बन गया, जहां पर कोरोना की वजह से 3 लाख से ज्यादा मौतें हुई हैं.

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नई दिल्ली. साल 2020 में देश में कोरोना के आउटब्रेक (Covid-19 Outbreak) के बाद मई अब तक का सबसे घातक महीना (Deadliest Month) साबित हुआ है. आंकड़े बताते हैं कि देश में 1 मई के बाद से अब तक 95390 लोगों ने महामारी से जान गंवाई है जो कुल आंकड़ों का 31.41 फीसदी है. अगर संक्रमण के मामलों की बात करें तो देश में अब तक कुल 2.67 करोड़ केस सामने आए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इनमें 1.45 करोड़ यानी 54.32 फीसदी लोग 1 अप्रैल के बाद संक्रमित हुए हैं.

अकेले मई महीने में अब तक 79.89 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं जो पूरे आंकड़ों का तीस फीसदी है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक सोमवार तक देश में 3,03,720 लोगों ने महामारी से जान गंवाई है. ब्राजील, अमेरिका के बाद आज भारत तीसरा ऐसा देश बन गया जहां पर कोरोना की वजह से 3 लाख से ज्यादा मौतें हुई हैं. महामारी की दूसरी लहर ज्यादा घातक साबित हुई है. सिर्फ अप्रैल और मई महीने में 46 फीसदी मौतें हुई हैं. एक अप्रैल से अब तक देश में 1.40 लाख लोगों की मौत हुई है. मई में 95390 मौतें हुई हैं. मई में अप्रैल से दोगुना मौतें हुईं.

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तेजी से बढ़ा आंकड़ा, 2 लाख से 3 लाख होने में लगे महज 27 दिन
भारत में कोरोना वायरस से पहली मौत 2020 में 12 मार्च को हुई थी. कर्नाटक के कलबुर्गी के रहने वाले एक वृद्ध व्यक्ति की जान वायरस ने ले ली थी. 2 अक्टूबर को कुल मौतों का आंकड़ा एक लाख हो गया था. वहीं बीते 28 अप्रैल को ये दो लाख हुआ. आज भारत ने तीन लाख का आंकड़ा पार कर लिया. जहां एक लाख और दो लाख मौतों के बीच में 206 दिन का अंतर था वहीं दो से तीन लाख तक पहुंचने में सिर्फ 27 दिन लगे. ये आंकड़ा बेहद चिंताजनक है.

जारी है वैक्सीनेशन कार्यक्रम

भारत ने महामारी के खिलाफ 16 जनवरी को वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत की थी. शुरुआत हेल्थकेयर वर्कर्स के साथ हुई थी, लेकिन अब 18 से ज्यादा उम्र वाला कोई भी व्यक्ति वैक्सीनेशन करवा सकता है. भारत में इस वक्त कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक-V के साथ वैक्सीनेशन कार्यक्रम जारी है.



(NIVEDITA SINGH की पूरी रिपोर्ट यहां क्लिक कर पढ़ी जा सकती है.)

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