Ram Mandir Bhoomi Pujan: राजीव के सहारे राम मंदिर की राजनीति में उतरी कांग्रेस, क्या मिलेगी सफलता?

Ram Mandir Bhoomi Pujan: राजीव के सहारे राम मंदिर की राजनीति में उतरी कांग्रेस, क्या मिलेगी सफलता?
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी.

भूमिपूजन (Ram Mandir Bhoomi Pujan) से पहले कांग्रेस (Congress) भी राम के रंग में रंगने की कोशिश में है. कांग्रेस खुद इस कोशिश में है कि वह किसी भी तरह से लोगों के जेहन में दल को राम भक्त के तौर पर उतार सके. इसके लिए कांग्रेस ने कोशिश भी शुरू कर दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 5, 2020, 11:21 AM IST
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नई दिल्ली. अयोध्या में बुधवार को राम मंदिर (Ram Mandir Bhoomi Pujan) का भूमि पूजन होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सर संघचालक मोहन भागवत की मौजूदगी में यह पूजन किया जाएगा. इसके लिए अयोध्या दुल्हन की तरह सजाई जा चुकी है और भूमि पूजन की पूर्व संध्या पर लोगों ने सरयू तट के किनारे दीप भी जलाए. भूमिपूजन से पहले कांग्रेस भी राम के रंग में रंगने की कोशिश में है. कांग्रेस खुद इस कोशिश में है कि वह किसी भी तरह से लोगों के जेहन में दल को राम भक्त के तौर पर उतार सके. इसके लिए कांग्रेस ने कोशिश भी शुरू कर दी है. गौरतलब है कि साल 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने यूपी के मुख्यमंत्री रहे बीर बहादुर सिंह को मना कर राम जन्मभूमि मंदिर का ताला खुलवाया. इसके बाद लोगों को श्रीराम के दर्शन का मौका मिला. साल 1985 में राजीव के कहने पर दूरदर्शन ने रामानंद सागर कृत रामायण का प्रसारण किया. चेन्नई में अपनी हत्या से पहले आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब राजीव से राम मंदिर से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि इस पर आम राय बनाने की कोशिश जारी है. राम मंदिर अयोध्या में ही बनेगा. साल 1986 में राजीव का यह कदम आज कांग्रेस को लुभा रहा है. इसी के सहारे वह राज्य में आगामी राजनीति का रुख तय करने की कोशिश में है ताकि भाजपा के बरक्स उसे भी इस मुद्दे का लाभ मिले.

दीगर है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को कहा कि भगवान राम सबके हैं और ऐसे में बुधवार को अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए होने जा रहा भूमि पूजन राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का कार्यक्रम बनना चाहिए. कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका ने एक बयान में कहा, ‘दुनिया और भारतीय उपमहाद्वीप की संस्कृति में रामायण की गहरी और अमिट छाप है. भगवान राम, माता सीता और रामायण की गाथा हजारों वर्षों से हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक स्मृतियों में प्रकाशपुंज की तरह आलोकित है.’

प्रियंका ने कहा, ' गांधी के रघुपति राघव राजा राम सबको सन्मति देने वाले हैं. वारिस अली शाह कहते हैं जो रब है वही राम है. राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त राम को ‘निर्बल का बल’ कहते हैं. महाप्राण निराला ‘वह एक और मन रहा राम का जो न थका’ की कालजयी पंक्तियों से भगवान राम को ‘शक्ति की मौलिक कल्पना’ कहते हैं.’



दूसरी ओर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘ राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन से एक दिन पहले मैं कोई राजनीति टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि राजनीति का धर्म होना चाहिए, धर्म की राजनीति नहीं. यह भगवान राम की मर्यादा है.’
 चांदी की 11 ईंटें भेजेगी मध्य प्रदेश कांग्रेस
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि कि प्रदेश कांग्रेस अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चांदी की 11 ईंटें भेजेगी. कमलनाथ ने भोपाल में अपने निवास पर राम दरबार सजाकर हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन भी किया. उन्होंने कहा, 'हम राम मंदिर निर्माण का स्वागत करते हैं. हम राम मंदिर निर्माण के लिए प्रदेश की जनता की ओर से चांदी की 11 ईंट (शिला) भेज रहे हैं. ये ईंट प्रदेश के नागरिकों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सहयोग से चंदा एकत्रित कर खरीदे गये हैं.'

कमलनाथ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने वर्ष 1985 में इसकी शुरुआत की थी और वर्ष 1989 में उन्होंने ही इसका शिलान्यास करवाया था. उन्होंने दावा किया, 'राजीव गांधी जी के कारण ही राम मंदिर का सपना आज साकार हो रहा है. आज राजीव जी होते तो यह सब देखते.' कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि वह राम मंदिर के लिए भूमि पूजन के अवसर पर सभी देशवासियों और श्रद्धालुओं को बधाई देते हैं. गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने कहा कि वह और उनका परिवार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 21 हजार रुपये का दान देंगे.

केंद्रीय मंत्री ने कहा- यह ऐतिहासिक पलटी
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को यह कहते हुए कांग्रेस पर प्रहार किया कि जिस पार्टी ने भगवान राम के अस्तित्व से ही इनकार किया, वह अब इस मुद्दे पर पलटी मारकर उनका गुणगान कर रही है.

शेखावत ने कहा, ‘भगवान राम पर कांग्रेस का बयान एक ऐतिहासिक पलटी है. कांग्रेस ने भगवान राम के अस्तित्व से इनकार करते हुए (सुप्रीम कोर्ट में) हलफनामा दिया था. यह उनकी लीला ही है कि उनके अस्तित्व को ही इनकार करने वाले इस राजनीतिक दल की महासचिव अब उनका गुणगान कर रही हैं.’ भाजपा नेता 2007 में तत्कालीन संप्रग सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दिये गये उस हलफनामे का जिक्र कर रहे थे जिसमें कहा गया था कि भगवान राम के अस्तिव का कोई ऐतिहासिक सबूत नहीं है. (भाषा इनपुट के साथ)
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