Analysis: पूर्वोत्तर को पूरी तरह भगवा करने की दिशा में बीजेपी ने बढ़ाए कदम

सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) के 10 विधायकों के पार्टी में शामिल होने से बीजेपी अब राज्य में मुख्य विपक्षी दल है. पूर्वोत्तर में असम (Assam), अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh), मणिपुर (Manipur) और त्रिपुरा (Tripura) में बीजेपी की सरकार है और अब सिक्किम में भी कमल खिलने की पूरी संभावना है

विक्रांत यादव | News18India
Updated: August 13, 2019, 4:46 PM IST
Analysis: पूर्वोत्तर को पूरी तरह भगवा करने की दिशा में बीजेपी ने बढ़ाए कदम
बीजेपी ने पूर्वोत्तर को पूरी तरह से भगवा करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए सिक्किम में भी कमल खिलने की पूरी तैयारी में लग गयी है.
विक्रांत यादव
विक्रांत यादव | News18India
Updated: August 13, 2019, 4:46 PM IST
बीजेपी (BJP) ने पूर्वोत्तर (North East) को पूरी तरह से भगवा करने की दिशा में एक और कदम बढ़ा लिया है. सिक्किम (Sikkim) में मुख्य विपक्षी दल सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट(SDF) के 10 विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. यानी विधानसभा चुनावों में 2 फीसदी से कम वोट पाने वाली भाजपा अब राज्य में मुख्य विपक्षी दल बन गई है. सिक्किम ही पूर्वोत्तर का एकमात्र राज्य है, जहां बीजेपी या उसके सहयोगी दलों की सरकार नहीं है.

पूर्वोत्तर में बीजेपी की मज़बूत उपस्थिति
पूर्वोत्तर में असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा में बीजेपी की सरकारें हैं और नगालैंड, मेघालय और मिजोरम में उसके सहयोगी दलों की सरकार है. पूर्वोत्तर में बीजेपी ने एनडीए की तर्ज पर नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस यानी नेडा बनाया था, जो एक तरह से अब पूर्वोत्तर के राज्यों में सरकारें चला रहा है. सिक्किम में सत्ताधारी सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के भी इस साल हुए विधानसभा चुनावों से पहले तक बीजेपी से दोस्ती की खबरें आती रही हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव पार्टी ने अकेले लड़ा था और 32 सदस्यीय विधानसभा में 17 सीटें हासिल करने में कामयाबी पाई थी.

North East - सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 10 विधायक बीजेपी में शामिल हुए
सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 10 विधायक बीजेपी में शामिल हुए


मज़बूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी भाजपा
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में बड़ी भूमिका निभाने वाले बीजेपी नेता राम माधव का कहना है कि इन 10 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने से पार्टी को राज्य में मजबूती मिलेगी. बीजेपी अब वहां एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगा. वहीं, बीजेपी में शामिल होने वाले 10 विधायकों में से एक दोरजी थेरिंग लेपचा का कहना है कि सिक्किम में लंबे समय से क्षेत्रीय दलों की ही सरकार रही है. अब वहां कमल खिलने के दिन करीब आ रहे हैं. लेपचा के मुताबिक उनके राज्य के युवा पीएम मोदी से काफी प्रभावित हैं.

अलग थलग पड़े चामलिंग
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सिक्किम में 25 साल तक सरकार चलाने वाले पवन कुमार चामलिंग अब अपनी पार्टी में अकेले रह गए हैं. विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी का सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा से कांटे का मुकाबला हुआ. जिसमें चामलिंग की पार्टी को ज्यादा वोट हासिल हुए. लेकिन वो केवल 15 सीटें ही हासिल कर सके. सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा ने 17 सीटें जीतीं और उसके नेता पी एस गोले राज्य के मुख्यमंत्री बन गए. हालांकि करप्शन के एक मामले में दोषी साबित होने के बाद एक साल जेल में बिता चुके गोले को 6 माह के अंदर चुनाव जीतना ज़रूरी है. जबकि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक वो 7 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकते. हालांकि इस नियम से राहत देने के लिए उनकी अर्जी चुनाव आयोग के समक्ष लंबित है.

3 सीटों पर पुनर्मतदान
राज्य में पवन कुमार चामलिंग समेत तीन विधायक दो-दो सीटों पर चुनाव जीते थे. जाहिर है कि इन 3 सीटों पर भी पुनर्मतदान होना है. इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए साफ है कि सिक्किम में भी कमल खिलने की पूरी संभावना है. ऐसा होने के बाद ये बीजेपी के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा, क्योंकि तब पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में या तो बीजेपी या उसके सहयोगी दलों की सरकार होगी.

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First published: August 13, 2019, 3:43 PM IST
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