बिना लाइसेंस के चल रहा था प्ले जोन, गो कार्ट के पहिए में बाल उलझने से हुई छात्रा की मौत

हैदराबाद में इंजनीयरिंग की छात्रा 20 वर्ष की थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
हैदराबाद में इंजनीयरिंग की छात्रा 20 वर्ष की थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक इंजीनियरिंग छात्रा की सिर में चोट लगने से मौत हो गई. उसके बाल गो-कार्ट के एक पहिये में उलझ गए. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महिला ने इस घटना के एक दिन बाद, गुरुवार को एक अस्पताल में दम तोड़ दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 9, 2020, 8:55 AM IST
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हैदराबाद. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad) में इंजनीयरिंग की एक छात्रा के बाल गो कार्ट व्हील में फंसने से उसकी मौत हो गई. बताया गया कि गो कार्ट व्हील (Go cart) में बाल फंसने के बाद वह बुरी तरह से घायल हो गई. हैदराबाद स्थित मीरपेट पुलिस स्टेशन अंतर्गत आने वाले गुर्रम गुड़ा के गो कार्टिंग प्ले जोन में यह हादसा हुआ. इस प्ले जोन का लाइसेंस पहले ही एक्सपायर हो गया था.

पुलिस ने जानकारी दी कि इस हादसे में मारी गई छात्रा की पहचान 20 वर्षीय वर्षिणि के तौर पर हुई है, जो इंजनीयरिंग की पढ़ाई कर रही थी. गुरुवार को गुर्रम गुड़ा के गो कार्टिंग जोन में उसके बाल गो कार्ट के पहिए में उलझ गए, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई. इसके बाद छात्रा को इलाज के लिए अस्पताल लेकर जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.

इस हादसे से वाकिफ़ एक अधिकारी ने बताया कि गो कार्टिंग के दौरान वर्षिणि ने जो हेलमेट पहन रखा था, वह भी बुरी तरह से टूट गया. वर्षिणि के परिजनों का आरोप है कि गो कार्टिंग के आयोजकों की लापरवाही के चलते उनकी बेटी की मौत हो गई और खराब हेलमेट के टुकड़े हो गए. परिजनों ने आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है.



घटना के एक दिन बाद जानकारी दी गई
एक अधिकारी ने  बताया कि इस हादसे के बाद पुलिस ने प्ले जोन के प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया और परिसर को बंद कर दिया. महिला अपने परिवार के सदस्यों के साथ प्ले जोन में गई थी.  अधिकारी ने कहा, वह और एक अन्य व्यक्ति गो-कार्ट की सवारी कर रहे थे, उस समय हेलमेट पहने होने के बाद भी उनके बाल वाहन के पिछले पहिये में उलझ गए जिससे सिर में गंभीर चोटें आईं.

अधिकारी ने कहा कि पुलिस को गुरुवार को घटना की जानकारी दी गई. पुलिस ने कहा कि प्ले जोन का लाइसेंस 2017 में केवल एक वर्ष के लिए नगर निगम के अधिकारियों द्वारा दिया गया था, लेकिन इसके मालिक अवधि खत्म होने के बावजूद इसे चला रहे थे.
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