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तीसरी बार मुख्यमंत्री बने अरविंद केजरीवाल की कैबिनेट में एक भी महिला नहीं

News18Hindi
Updated: February 16, 2020, 5:32 PM IST
तीसरी बार मुख्यमंत्री बने अरविंद केजरीवाल की कैबिनेट में एक भी महिला नहीं
कहा जा रहा है कि सीएम केजरीवाल ने अपने पास कोई विभाग नहीं रखा है. (फाइल फोटो)

आप (AAP) ने 9 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिए थे, जिसमें से सिर्फ रोहतास नगर की उम्मीदवार सरिता सिंह को जीत हासिल नहीं हुई थी. वहीं 2015 में पार्टी ने 6 महिलाओं को टिकट दिए थे जिनमें सभी प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई थी.

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  • Last Updated: February 16, 2020, 5:32 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Elections) में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की लगातार तीसरी बार जीत के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल (LG Anil Baijal) ने रविवार को आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के छह सदस्यों को मंत्री पद की शपथ दिलायी. केजरीवाल सरकार के दूसरे कार्यकाल में किसी भी महिला को कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया है.

आम आदमी पार्टी की ओर से आठ महिला इस बार चुनकर विधानसभा पहुंची हैं. जिनमें आतिशी मर्लेना, राखी बिड़ला, राजकुमारी ढिल्लन, प्रीति तोमर, धनवती चंदेला, प्रमिला टोकस, भावना गौड़ और बंदना कुमारी शामिल हैं. आम आदमी पार्टी ने अपने चुनाव कैंपेन के दौरान भी महिलाओं के मुद्दे जोर-शोर से उठाए थे जिसमें फ्री बस सर्विस और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर काफी बात हुई थी.

सिर्फ एक महिला प्रत्याशी की हुई हार
आप ने 9 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिए थे जिसमें से सिर्फ रोहतास नगर की उम्मीदवार सरिता सिंह को जीत हासिल नहीं हुई थी. वहीं 2015 में पार्टी ने 6 महिलाओं को टिकट दिए थे जिनमें सभी प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई थी.



ऐसा माना जा रहा था कि कालका जी विधानसभा से जीतीं आतिशी मर्लेना जो कि शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया की मुख्य सलाहाकार हैं और जिनका दिल्ली के सरकारी स्कूलों की शिक्षा नीति को बदलने में बड़ा हाथ है उन्हें इस कार्यकाल में कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है.



मंगोलपुरी से जीतकर दोबारा विधायक बनने वाली राखी बिड़ला को लेकर भी ऐसे कयास लगाए जा रहे थे क्योंकि पिछली सरकार में राखी को मंत्री बनाया गया था और वह पिछली विधानसभा में उपाध्यक्ष भी थीं.

स्मृति ईरानी ने बताया था महिला विरोधी
बता दें मतदान वाले दिन भी अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट किया था जिसके बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उन्हें महिला विरोधी करार दिया था. केजरीवाल ने लिखा था- वोट डालने ज़रूर जाइये
सभी महिलाओं से ख़ास अपील - जैसे आप घर की ज़िम्मेदारी उठाती हैं, वैसे ही मुल्क और दिल्ली की ज़िम्मेदारी भी आपके कंधों पर है. आप सभी महिलायें वोट डालने ज़रूर जायें और अपने घर के पुरुषों को भी ले जायें. पुरुषों से चर्चा ज़रूर करें कि किसे वोट देना सही रहेगा.

केजरीवाल के इस ट्वीट के जवाब में स्मृति ने लिखा था- आप क्या महिलाओं को इतना सक्षम नहीं समझते की वे स्वयं निर्धारित कर सके किसे वोट देना है? #महिलाविरोधीकेजरीवाल
जिस पर अरविंद केजरीवाल ने सफाई देते हुए कहा था- स्मृति जी, दिल्ली की महिलाओं ने किसे वोट देना है ये तय कर लिया है. और पूरी दिल्ली में इस बार अपने परिवार का वोट महिलाओं ने ही तय किया है. आखिर घर तो उन्हें ही चलाना होता है.

गौरतलब है कि नवनियुक्त मंत्रिमंडल में केजरीवाल ने कोई फेरबदल किये बिना पिछली सरकार के सभी छह मंत्रियों को एक बार फिर जगह दी है.

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First published: February 16, 2020, 5:21 PM IST
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