रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, महिलाओं को सेना की 10 ब्रांच में मिलेगा स्थायी कमीशन

प्रतीकात्मक तस्वीर
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इसका मतलब है कि अब रिटायरमेंट की उम्र तक महिलाएं सेना में काम कर सकती हैं. अब महिलाएं अपनी मर्जी के अनुसार या फिर रिटायरमेंट की उम्र खत्म होने पर नौकरी छोड़ सकती हैं.

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  • Last Updated: March 6, 2019, 3:04 AM IST
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रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि महिला अधिकारियों को भारतीय सेना की उन सभी 10 शाखाओं में स्थायी कमीशन दिया जाएगा. जहां उन्हें शॉर्ट-सर्विस कमीशन (एसएससी) में शामिल किया गया है. महिला अधिकारियों को अब तक केवल दो शाखाओं (न्यायाधीश एडवोकेट जनरल (JAG) और सेना शिक्षा कोर) में ही स्थायी कमीशन की अनुमति थी.

इसका मतलब है कि अब रिटायरमेंट की उम्र तक महिलाएं सेना में काम कर सकती हैं. अब महिलाएं अपनी मर्जी के अनुसार या फिर रिटायरमेंट की उम्र खत्म होने पर नौकरी छोड़ सकती हैं.

अब महिलाओं को सिग्नल, इंजीनियर, आर्मी एविएशन, आर्मी एयर डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियर, आर्मी सर्विस कॉर्प्स, आर्मी ऑर्डिनेंस कॉर्प्स और इंटेलिजेंस में भी स्थायी कमीशन दिया जाएगा.



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बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2018 को लाल किले से महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन दिए जाने की घोषणा की थी. अभी भी महिलाओं को स्थायी कमीशन दिया जाता है, लेकिन इसका दायरा बहुत छोटा है. अब इसे बढ़ाया जाएगा. अब महिलाओं को युद्धक ब्रांचों में भी एंट्री दी जा सकती है.

पहले सेना में शार्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) के जरिए जो अधिकारी भर्ती होते थे, वह केवल 10 साल तक सेवा दे पाते थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग के बाद इसे बढ़ाया गया है. अब वे 14 साल तक सेवा दे पाते हैं. इसके साथ ही सातवें वेतन आयोग में यह विकल्प दिया गया है कि अगर कोई सात साल के बाद सेवा छोड़ना चाहता है, तो उसे गोल्डन हैंडसेक दिया जाएगा.

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पहले महिला अधिकारियों की भर्ती केवल इसी तरीके से होती थी. तीनों सेनाओं में लगभग साढ़े तीन हजार महिला अधिकारी इसी रूट से काम कर रही हैं. बता दें कि महिला अधिकारियों के एक समूह ने स्थाई कमीशन का दायरा बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में रिट फाइल की थी. जिसके बाद सरकार ने दायरा बढ़ाने के फैसले पर विचार किया.

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