सम्पत्ति में महिलाओं के अधिकार का SC का फैसला वॉट्सऐप पर शेयर किया तो रिश्तेदारों ने कर दिया हमला

सम्पत्ति में महिलाओं के अधिकार का SC का फैसला वॉट्सऐप पर शेयर किया तो रिश्तेदारों ने कर दिया हमला
वॉट्सऐप पर एक खबर शेयर करने के बाद रिश्तेदारों ने दंपत्ति पर हमला कर दिया (सांकेतिक फोटो)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) के इस फैसले में कहा गया था कि बेटियों का पैतृक संपत्ति (ancestral property) पर अधिकार होगा, भले ही हिंदू उत्तराधिकार (अमेंडमेंट) अधिनियम, 2005 के लागू होने से पहले ही पिता की मृत्यु हो गई हो. हिंदू महिलाओं (Hindu Women) को अपने पिता की प्रॉपर्टी में भाई के बराबर हिस्सा मिलेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 17, 2020, 7:29 PM IST
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बेंगलुरु. पैतृक सम्पत्ति पर महिलाओं के अधिकार (Rights of women on ancestral property) संबंधी उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के हाल के आदेश को वॉट्सऐप (Whatsapp) पर साझा करने को लेकर नाराज चार युवकों ने यहां अपने रिश्तेदारों (relatives) पर कथित तौर पर हमला कर दिया. यह जानकारी पुलिस (police) ने सोमवार को दी. पुलिस ने बताया कि एम. शशिकला ने एक शिकायत दर्ज करायी कि उसके भाइयों (brothers) धनराज और मोहन के पुत्रों ने उन पर और उसके होटल व्यवसायी (Hotelier) पति मुत्तू पर गत 12 अगस्त को हमला किया.

पुलिस के अनुसार उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि मुत्तू ने परिवार के वॉट्सऐप ग्रुप (Whatsapp Group) में उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) का आदेश पोस्ट किया था जिसमें कहा गया था कि महिलाओं का अपने अभिभावकों की सम्पत्ति (Parents property) पर समान अधिकार है. 12 अगस्त की रात में धनराज के पुत्रों वैशाख, वैभव और वैष्णव तथा मोहन का पुत्र वरुण मुत्तू के होटल (hotel) पर गए और उन पर लाठी और पत्थर से हमला (attack) किया. जब शशिकला उन्हें बचाने के लिए गई तो उन पर भी हमला किया गया.

सुप्रीम कोर्ट ने कही थी महिलाओं को संयुक्त हिंदू परिवार में संपत्ति के समान अधिकार की बात
संपर्क किये जाने पर पुलिस ने बताया कि चारों को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है. बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने हाल में फैसला सुनाया था कि महिलाओं का संयुक्त हिंदू परिवार की सम्पत्ति पर समान अधिकार है, तब भी यदि पिता की मृत्यु हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005 से पहले हो गई है.
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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) के इस फैसले को संपत्ति विभाजन से जुड़ा एक अहम फैसला माना गया. इसमें कोर्ट ने कहा कि बेटियों का पैतृक संपत्ति पर अधिकार होगा, भले ही हिंदू उत्तराधिकार (अमेंडमेंट) अधिनियम, 2005 के लागू होने से पहले ही कोपर्शनर की मृत्यु हो गई हो. हिंदू महिलाओं को अपने पिता की प्रॉपर्टी में भाई के बराबर हिस्सा मिलेगा. दरअसल साल 2005 में ये कानून बना था कि बेटा और बेटी दोनों को अपने पिता के संपत्ति में समान अधिकार होगा. लेकिन ये साफ नहीं था कि अगर पिता का देहांत 2005 से पहले हुआ तो क्या ये कानून ऐसी फैमिली पर लागू होगा या नहीं. अब यह स्थिति भी कोर्ट ने स्पष्ट कर दी है.
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