कुलगाम: ‘आतंकवाद का महिमामंडन‘ करने के आरोप में महिला SPO गिरफ्तार, UAPA के तहत मामला दर्ज

 (सांकेतिक फोटो)

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दक्षिण कश्मीर (South Kashmir) में सेना द्वारा घर की लगातार तलाशी लेने के वीडियो वायरल होने के एक दिन बाद, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शुक्रवार को एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) को आतंकवाद निरोधी कानूनों के तहत गिरफ्तार किया और उसकी सेवाएं समाप्त कर दीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 17, 2021, 7:24 AM IST
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के कुलगाम जिले की एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) को ‘आतंकवाद का महिमामंडन करने’ और सरकारी अधिकारियों को उनके कर्तव्य का निर्वहन करने से ‘रोकने’ के आरोप में गिरफ्तार कर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. एक पुलिस प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि दक्षिण कश्मीर जिले में फ्रिसल इलाके की निवासी सायमा अख्तर को अवैध गतिविधि रोकथाम कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है.

उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों को फ्रिसल गांव के कारेवा मोहल्ले में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद वहां तलाश अभियान चलाया गया. प्रवक्ता ने बताया कि अभियान के दौरान अख्तर ने आतंकवादियों को खोज रही टीम को अपना काम करने से रोका.

'दल को रोका और वह हिंसक हो गई'

उन्होंने कहा, ‘महिला ने तलाश अभियान चला रहे दल को रोका और वह हिंसक हो गई. महिला ने आतंकवादियों के हिंसक कृत्यों का महिमामंडन करने वाले बयान भी दिए.’ प्रवक्ता ने बताया कि सायमा अख्तर ने अपने फोन से एक वीडियो बनाया और ‘‘तलाश अभियान बाधित करने के इरादे से’’ उसे सोशल मीडिया मंचों पर साझा किया.
उन्होंने बताया कि मामले को संज्ञान में लेते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया गया और सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. प्रवक्ता ने कहा, ‘इस मामले में पुलिस थाना यारीपोरा में भारतीय दंड संहिता की धारा 353 (लोक सेवक को कर्तव्य का निर्वहन करने से रोकने के लिए बल प्रयोग या हमला करना) और अवैध गतिविधि रोकथाम कानून की धारा 13 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा मामले की जांच जारी है.’

वायरल वीडियो में क्या है?

बता दें आरोपी द्वारा बनाए गए वीडियो में दिख रहा है एक महिला सैन्यकर्मी पर चिल्ला रही थी. उसका कहना था कि कम से कम रमजान के दौरान तो सुरक्षाकर्मी छानबीन ना करें. महिला द्वारा सैन्यकर्मियों को वीडियो में बाहरी बुलाया जाना सुना जा सकता है.



अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार वीडियो में  महिला ने कहा- 'तुम बार-बार क्यों आते हो? उन घरों में जाएं जहां आतंकवादी हैं. आप हमें हमारी सेहरी (रमज़ान के दौरान सुबह का भोजन) करने की भी अनुमति नहीं देते हैं ... यदि आपको हमारे घर की तलाशी लेनी है, तो पहले अपने जूते निकालें.' मेरी मां की तबीयत ठीक नहीं है. अगर उसके साथ कुछ होता है, तो आप देखेंगे.'



वीडियो में देखा जा सकता है महिला के रोकने पर सैन्य कर्मी चिल्लाया. इस पर महिला ने कहा कि 'वे उसे डरा नहीं सकते. अपना मुंह बंद करें. हम डरने वाले नहीं हैं. यह हमारा कश्मीर है. आप बाहर से आए हैं. जो कुछ भी आप करना चाहते हैं, वह करें, अगर वे  आतंकवादी यहां होते  तो अब तक आपके दिल में गोलियां उतार चुके होते.'

‘नए कश्मीर’ में महिलाओं को भी नहीं बख्शा जा रहा: महबूबा

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने आतंकवाद का कथित महिमा मंडन करने के कारण महिला एसपीओ को गिरफ्तार किए जाने के मामले में शुक्रवार को कहा कि ‘नए कश्मीर में जुल्मों से महिलाओं को भी नहीं बख्शा’ जा रहा है.

मुफ्ती ने बयान में कहा, ‘सायमा अख्तर को उसके घर में बार-बार अकारण तलाशी लिए जाने के कारण उचित प्रश्न उठाने पर यूएपीए (अवैध गतिविधि रोकथाम कानून)के तहत आरोपी बनाया गया. यह समझा जा सकता है कि सायमा की मां के बीमार होने के कारण उसकी चिंता और बढ़ गई. नए कश्मीर में क्रूरता से महिलाओं को भी नहीं बख्शा जा रहा.’ (भाषा इनपुट के साथ)
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