World Water Day: PM मोदी ने विश्व जल दिवस पर 'कैच द रेन' कैंपेन किया लॉन्च

World Water Day Catch The Rain Campaign: इस अभियान को मानसून की शुरुआत से पहले और उसके खत्म होने के बीच 30 मार्च से 30 नवंबर के बीच चलाया जाएगा. जमीनी स्तर पर जल संरक्षण में जन भागीदारी के लिए इस अभियान को जन आंदोलन के रूप में शुरू किया जाएगा. इसका मकसद बारिश के पानी को बचाने और संरक्षित करने के लिए लोगों को आगे लाना है.

World Water Day Catch The Rain Campaign: इस अभियान को मानसून की शुरुआत से पहले और उसके खत्म होने के बीच 30 मार्च से 30 नवंबर के बीच चलाया जाएगा. जमीनी स्तर पर जल संरक्षण में जन भागीदारी के लिए इस अभियान को जन आंदोलन के रूप में शुरू किया जाएगा. इसका मकसद बारिश के पानी को बचाने और संरक्षित करने के लिए लोगों को आगे लाना है.

World Water Day Catch The Rain Campaign: इस अभियान को मानसून की शुरुआत से पहले और उसके खत्म होने के बीच 30 मार्च से 30 नवंबर के बीच चलाया जाएगा. जमीनी स्तर पर जल संरक्षण में जन भागीदारी के लिए इस अभियान को जन आंदोलन के रूप में शुरू किया जाएगा. इसका मकसद बारिश के पानी को बचाने और संरक्षित करने के लिए लोगों को आगे लाना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 3:05 PM IST
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लखनऊ. पूरी दुनिया में साल 1993 से 22 मार्च को विश्व जल दिवस (World Water Day) के रूप में मनाया जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) इस मौके पर लखनऊ में कैच द रेन (Catch the Rain) कैंपेन की शुरुआत की. इससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों को सूखे से राहत मिलेगी. PM मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसकी शुरुआत की.

इस दौरान पीएम मोदी की उपस्थिति में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के बीच केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया. केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट, नदियों को आपस में जोड़ने के लिए राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना का पहला प्रोजेक्ट है.

22 मार्च 2021 से 30 नवंबर 2021 तक चलेगा कैंपेन

यह अभियान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में चलाया जाएगा. इसका उद्देश्य बारिश के पानी का संचय करना है. पूरे देश में 22 मार्च 2021 से 30 नवंबर 2021 तक मानसून से पहले और मानसून के दौरान यह अभियान चलाया जाएगा. इसमें लोगों की भागीदारी के जरिये जमीनी स्तर पर जल संरक्षण लिए आंदोलन के रूप में इसे शुरू किया जाएगा.
चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर सभी जगह होंगे कार्यक्रम

इस कार्यक्रम के बाद जल और जल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए देश के सभी जिलों की ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं में कार्यक्रम आयोजित कराए जाएंगे. जल संरक्षण के लिए ग्राम सभाएं जल शपथ भी लेंगी. यह आयोजन उन राज्यों में नहीं होंगे, जहां चुनाव होने वाले हैं.
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