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16 जनवरी से शुरू होगा दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम, यहां जानिए हर सवाल का जवाब

14 जनवरी तक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से 1.1 करोड़ और भारत बायोटेक से 55 लाख खुराक मिल जाएगी.
14 जनवरी तक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से 1.1 करोड़ और भारत बायोटेक से 55 लाख खुराक मिल जाएगी.

Coronavirus vaccination updates: कोविन एप पर डाटा अपलोड होते ही जिस जिस को टीकाकरण की लिस्ट में रखा गया है उसको एसएमएस के जरिए टीकाकरण की तारीख और समय बता दिया जाएगा. साथ ही मैसेज में ये जानकारी भी होगी कि किस साइट पर टीकाकरण उनका किया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 13, 2021, 10:14 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus epidemic) को मात देने के लिए वैक्सीनेशन प्रोग्राम (Vaccination program) 16 जनवरी से शुरू होने वाला है. इस टीकाकरण अभियान के लिए पूरा देश एक जुट होकर काम कर रहा है. इसमें पहले चरण ने 3 करोड़ लोगो को भारत में इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन मिली दो वैक्सीन दी जाएंगी. इस पूरी वैक्सीनेशन प्रक्रिया पर नजर निर्माण भवन में बने स्वास्थ्य मंत्रालय के कंट्रोल रूम से होगी. बारीक से बारीक जानकारी सब कुछ पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी.

अगर आपके मन में वैक्सीनेशन के लिए किसी भी तरह का कोई सवाल है तो हम आपके उन सभी सवालों का जवाब लेकर आए हैं. आज हम आपको बताते हैं देश में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया कैसे चलेगी? कहां vaccination होगा? कैसे लोगों तक वैक्सीन पहुंचेगी और कैसे जानकारी पहुंचेगी?

कोविन ऐप की होगी सबसे अहम भूमिका
वैक्सीनेशन अभियान में सबसे बड़ी भूमिका रहेगी कोविन ऐप की जो पूरे टीकाकरण अभियान का बैकबोन है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कोविन ऐप को बीते साल अक्टूबर महीने से तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी ये पूरा मैनेजमेंट सिस्टम ऐप और पोर्टल के रूप में उपलब्ध है.
-जहां-जहां वैक्सीनेशन होना है वो पॉइंट या कहे वैक्सीनेशन साइट का पता जैसे ही जिले के अधिकारी डाटा अपलोड करेंगे vaccination site क्रिएट हो जाएगी.



-कोविन एप पर डाटा अपलोड होते ही जिस जिस को टीकाकरण की लिस्ट में रखा गया है उसको एसएमएस के जरिए टीकाकरण की तारीख और समय बता दिया जाएगा. साथ ही मैसेज में ये जानकारी भी होगी कि किस साइट पर टीकाकरण उनका किया जा रहा है.
ये भी पढ़ेंः- कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन बिल्कुल सेफ हैं, लोगों चिंता की जरूरत नहीं: ICMR एक्सपर्ट

कैसे काम करेगा पूरा सिस्टम?
वैक्सीन सहमति से ही दी जाएगी. जो व्यक्ति लेने से मना करता है उसकी जानकारी लिस्ट से हटा दी जाएगी. अगर कोई व्यक्ति जिसका वैक्सीन लेने वालों की लिस्ट में नाम है उसको मैसेज गया है वो वैक्सीनेशन साइट पर नहीं पहुंच पाया है तो फिर उसका नाम आगे जो भी वैक्सीनेशन होगा उसमें शामिल किया जाएगा. यानी यह बिल्कुल साफ है कि जिस दिन आपको वैक्सीनेशन का टाइम दिया गया है अगर उस दिन आप नहीं पहुंचते हैं तो फिर आपको आगे जब टीकाकरण होगा तब लग पाएगा.

-वैक्सीन देने के बाद उस व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक सर्टिफिकेट मिलेगा जो एमएसजी के जरिये आप के मोबाइल पर आएगा. साथ ही साथ आपको अगले डोज की तारीख और समय भी बता दिया जाएगा.

- वैक्सीन का डोज देने के बाद अगले 30 मिनट तक वैक्सीन साइट पर निगरानी में रखा जाएगा यदि कोई साइड इफेक्ट नहीं है बॉडी पर कोई असर नहीं है तो आपको एक हेल्पलाइन नंबर देकर घर भेज दिया जाएगा.

- यदि आपके घर जाने के बाद भी इसका कोई साइड इफेक्ट होता है तब भी आप की निगरानी की जाएगी.

- हर वैक्सीनेशन साइट से एक अस्पताल जुड़ा रहेगा जो इमरजेंसी की स्थिति में इलाज करेगा.

स्वास्थ्य मंत्रालय ही राज्यों का और केंद्र के मंत्रालयों का डाटा कोविन ऐप पर देख सकेगा.



देश में वैक्सीन रखने का इंतजाम कैसे किया गया है?
-देश में कुल 60 जगह पर वैक्सीन स्टोरेज के लिए साइट बनाई गई हैं जिनमें चार बफर डिपो हैं . इनको GMSD( गवर्नमेंट मेडिकल स्टोर डिपो) भी कहते है.

-इनको बफर डिपो बनाया गया है यही से बाकी राज्यो के 56 कोल्ड स्टोरज साइट पर वैक्सीन जाएगी.

-करनाल, चेन्नई ,कोलकाता और मुंबई के GMSD डीपो के साथ ही 56 रीज़नल स्टोरेज राज्यों में है जहां पर वैक्सीन स्टोरेज की जाएगी.

-हर राज्य में कम से कम एक रीजनल वैक्सीन स्टोर बना है.

-30 राज्य ऐसे है जिनमें 1 -1 रीजनल कोल्ड स्टोरेज बनाया गया है

7 ऐसे राज्य हैं जहां एक से ज्यादा स्टोरेज प्वाइंट बनाए गए हैं.

  • उत्तर प्रदेश में 9

  • मध्यप्रदेश में 4

  • गुजरात मे 4

  • केरल में 3

  • जम्मू कश्मीर में 2

  • कर्नाटक में 2

  • राजस्थान में 2




-देश भर में 28,600 कोल्ड चेन पॉइंट है यहां वैक्सीन रखने का प्रबंध है.

-कोल्ड चेन में 2 से 8 डिग्री तापमान मेंटेन करते हुए यही से वैक्सीन साइट डोज भेजा जाएगा,यानि जहा लोगो को वैक्सीन दी जाएगी.

-16 जनवरी को जब वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू होगी तो 61 हजार प्रोग्राम मैनेजर, 2 लाख वैक्सीनेटर, 3 लाख 70 हजार वैक्सीनेशन टीम सदस्य को तैनात किया जाएगा जो पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं. इसके साथ ही 2360 मास्टर ट्रेनर है जिनको केंद ने प्रशिक्षण दिया है.

-अभी तक कोविन ऐप पर 1 करोड़ से ज्यादा लोगों का डेटा अपलोड किया जा चुका है.
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