दुनिया का सबसे खतरनाक कॉम्बेट हेलीकॉप्टर अपाचे इसी महीने पहुंचेगा भारत, अगस्त में वायुसेना में होगा शामिल

किसी भी कॉम्बेट हेलीकॉप्टर की ताकत उसमें लगे हथियार होते हैं. दो सीटर अपाचे हेलीकॉप्टर में हेलीफायर और स्ट्रिंगर मिसाइलें और दोनों तरफ 30mm की दो गन लगी हैं.

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Updated: July 19, 2019, 4:05 PM IST
दुनिया का सबसे खतरनाक कॉम्बेट हेलीकॉप्टर अपाचे इसी महीने पहुंचेगा भारत, अगस्त में वायुसेना में होगा शामिल
अगस्त में वायुसेना में होगा शामिल होगा अपाचे हेलीकॉप्टर
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Updated: July 19, 2019, 4:05 PM IST
(संदीप बोल)

दुनिया में जब सबसे खतरनाक कॉम्बेट हेलीकॉप्टर की बात होती है तो सबसे पहले अमेरिका के अपाचे का नाम आता है. ये ताकतवर हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना में अगले महीने आधिकारिक तौर पर शामिल हो जाएगा. अपाचे का स्क्वाड्रन पठानकोट में तैनात होगा. इसके पहले स्क्वाड्रन का नाम 125 H होगा.

अपाचे की पहली खेप इसी महीने गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर पहुंचेगी, जहां से इसे पूरी तरह असेंबल करके उड़ाकर पठानकोट ले जाया जाएगा. पहली खेप दुनिया के सबसे बडे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट AN 224 के जरिये हिंडन एयरबेस पर पहुंचेगी. अगस्त में यह आधिकारिक तौर पर वायुसेना में शामिल होगा.

MI 35 की जगह लेगा अपाचे

भारतीय वायुसेना 22 AH-64E अत्याधुनिक अपाचे हेलीकॉप्टर बोइंग से खरीद रही है. ये  हेलीकॉप्टर तीन दशक पुराने MI 35 युद्धक हेलीकॉप्टर की जगह लेगा. पहले अपाचे स्क्वाड्रन की बागडोर ग्रुप कैप्टन एम शयलु के हाथ में होगी, जो इससे पहले कार निकोबार में MI 17 V5 हेलीकॉप्टर यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर थे. वह अपाचे हेलीकॉप्टर पर पूरी तरह ट्रेनिंग ले चुके हैं. इस हेलीकॉप्टर के शामिल होने से भारत की दुश्मन के घर में घुसकर मार करने की क्षमता और बढ़ेगी.



भारत की बढ़ेगी ताकत
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किसी भी युद्धक हेलीकॉप्टर की ताकत उसमें लगे हथियार होते हैं. दो सीटर अपाचे हेलीकॉप्टर में हेलीफायर और स्ट्रिंगर मिसाइलें और दोनों तरफ 30mm की दो गन लगी हैं. यह दिन की तरह रात में भी अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकता है. हेलीकॉप्टर में आगे एक ऐसा सेंसर फिट है जो की रात में ऑपरेशन को अंजाम देने में सहूलियत देता है.

अपाचे 365 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है और दुश्मन के इलाके में जाकर अपने टार्गेट को आसानी से नेस्तानाबूत  कर सकता है. अपाचे हेलीकॉप्टर में कुछ ऐसे फीचर हैं जो इसे बाकी हेलीकॉप्टर से अलग करते हैं. सबसे अहम है इसका हेलमेट माउंटेड डिसप्ले, जिसकी मदद से पायलट हेलीकॉप्टर में लगी ऑटोमैटिक गन से अपने दुश्मन पर आसानी से निशाना लगा सकता है.

पठानकोट में पूरी हुई तैयारी
इस हेलीकॉप्टर के आने से पहले पठानकोट में इसकी तैयारी पूरी की जा चुकी है. क्योंकि अपाचे की स्क्वाड्रन 125 H होगी. इसी के चलते पूरे पठानकोट बेस पर 1250 पेड़ भी लगा दिए गए है. आपको बता दें कि बोइंग 11 मई को अमेरिका में हेलीकॉप्टर को हैंडओवर कर चुका है. अमेरिका अपाचे को पनामा से लेकर अफगानिस्तान और इराक में भी इस्तेमाल में ला चुका है. यहीं नहीं इजरायल भी लेबनान और गाजा पट्टी में इस एडवांस युद्धक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करता है.

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First published: July 19, 2019, 3:23 PM IST
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