नासिक के मंदिर में बकरे की बलि पर रोक से श्रद्धालु नाराज

दिनेश मौर्या | News18Hindi
Updated: September 17, 2017, 12:20 PM IST
नासिक के मंदिर में बकरे की बलि पर रोक से श्रद्धालु नाराज
प्रतीकात्मक फोटो (getty)
दिनेश मौर्या | News18Hindi
Updated: September 17, 2017, 12:20 PM IST
महाराष्ट्र के नासिक के वाणी इलाके में पहाड़ों पर स्थित सप्तश्रृंगी देवी के मंदिर में नवरात्रि के दौरान बलि पर रोक लगा दी गई है. सप्तश्रृंगी देवी को आदिशक्ती का रूप माना जाता है.

यहां सदियों से नवरात्रि के मौके पर देवी को प्रसन्न करने के लिए जानवरों की, खासकर बकरे की, बलि दी जाती है. इतना ही नहीं बलि के दौरान हवाई फायरिंग भी की जाती है. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. नासिक जिला प्रशासन ने इस कुप्रथा को खत्म करने का आदेश दिया है.

क्यों लगी बलि पर रोक?
प्रशासन के इस कड़े फैसले के पीछे बड़ी वजह वह हादसा है जिसमें पिछले साल कई लोग जख्मी हो गए थे. पिछले साल बलि के दौरान हुई फायरिंग में 18 श्रद्धालु घायल हो गए. इसके बाद भगदड़ मच गई थी, इस भगदड़ में भी कई लोग घायल हुए थे. इस तरह का हादसा दोबारा न हो इसलिए प्रशासन ने बलिप्रथा पर रोक लगाने का फैसला किया है.

रोक से श्रद्धालु नाराज
गौरतलब है कि बलि देने की इस पंरपरा में मंदिर प्रशासन बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है. इस फैसले से फडणवीस सरकार के विधायकों से लेकर स्थानीय नागरिक और मंदिर प्रशासन के लोग भी नाराज हैं. बीजेपी विधायक बालासाहेब सानप का कहना है कि प्रशासन इस तरह एकतरफा फैसला नहीं ले सकता. निर्णय से पहले इस बारे में सबसे चर्चा होनी चाहिए थी. इस फैसले के बाद इलाके में तनाव है, कानून व्यवस्था न बिगड़े इसलिये प्रशासन ने मंदिर के संचालको, गांववालों के साथ मंगलवार को एक बैठक बुलाई है. इस बैठक में इस संबंध में बड़ा फैसला लिया जा सकता है.
First published: September 17, 2017
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