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अकाल तख्त के जत्थेदार ने की RSS को बैन करने की मांग, कहा- ये देश में भेदभाव की नई लकीर खींच देगा

News18Hindi
Updated: October 15, 2019, 12:31 PM IST
अकाल तख्त के जत्थेदार ने की RSS को बैन करने की मांग, कहा- ये देश में भेदभाव की नई लकीर खींच देगा
श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह

श्री अकाल तख्त साहिब (Akal Takht) के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह का बयान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने भारत को एक हिंदू राष्ट्र बताया था. विजयादशमी पर आरएसएस के नागरपुर मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में भागवत ने कहा था कि भारत की पहचान हमेशा से एक हिंदू राष्ट्र की रही है. भारत हिंदुस्तान है एक हिंदू राष्ट्र है.

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  • Last Updated: October 15, 2019, 12:31 PM IST
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नई दिल्ली. सिखों की सबसे बड़ी संस्था श्री अकाल तख्त साहिब (Akal Takht) के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर देश को बांटने का आरोप लगाते हुए इसे बैन करने की मांग की है. अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह ने कहा, 'RSS जिस तरह से काम कर रहा है, उससे वह देश में भेदभाव की एक नई लकीर खींच देगा. देश के लिए अच्छा नहीं है. ये देश को तबाह कर देगा. इस पर रोक लगनी चाहिए.'

ज्ञानी हरप्रीत सिंह मंगलवार को अमृतसर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए ये बातें कही. उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय स्वयं संघ के नेताओं के बयान राष्ट्रहित में नहीं होते हैं. ये लोगों को नुकसान पहुंचाएगा.' आरएसएस तो मोदी सरकार का समर्थन करता है? इस सवाल पर अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने कहा, 'ये देश के लिए अच्छा नहीं है.'

श्री अकाल तख्त साहिब (Akal Takht) के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह का बयान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने भारत को एक हिंदू राष्ट्र बताया था. विजयादशमी पर आरएसएस के नागरपुर मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में भागवत ने कहा था कि भारत की पहचान हमेशा से एक हिंदू राष्ट्र की रही है. भारत हिंदुस्तान है. एक हिंदू राष्ट्र है.

इसके पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (SGPC) ने भी आएसएस प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान की आलोचना की थी. 'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, SGPC के अध्यक्ष गोविंद सिंह लॉन्गवॉल ने कहा था कि संविधान ने सभी नागरिकों को धार्मिक आचरण की स्वतंत्रता दी है. लॉन्गवॉल का कहना था कि भागवत जानबूझकर धार्मिक आचरण की स्वतंत्रता को दरकिनार कर देश पर हिंदू राष्ट्र का एजेंडा थोपना चाहते हैं.

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First published: October 15, 2019, 12:27 PM IST
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