राजस्थान: 10-12 मरीजों के लिए ही बची ब्लैक फंगस की दवा, केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर मांगे 50 हजार डोज

ब्लैक फंगस दवा को लेकर चिकित्सा मंत्री ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा है. पत्र में दवा लाइपोजोमल एम्फोटेरिसिन बी की 50000 वाईल की तुरंत आवश्यकता बताते हुए डिमांड की गई.

ब्लैक फंगस दवा को लेकर चिकित्सा मंत्री ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा है. पत्र में दवा लाइपोजोमल एम्फोटेरिसिन बी की 50000 डोज की तुरंत आवश्यकता बताते हुए डिमांड की गई. 31 मई तक इस दवा के केवल 700 वायल का कोटा ही निर्धारित किया गया है.

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जयपुर. ब्लैक फंगस दवा को लेकर चिकित्सा मंत्री ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा है. पत्र में दवा लाइपोजोमल एम्फोटेरिसिन बी (Anti Fungal Liposomal Amphotericin B) की 50000 वायल की तुरंत आवश्यकता बताते हुए डिमांड की गई है. 31 मई तक इस दवा के केवल 700 वायल का कोटा ही निर्धारित किया गया है. मरीज को करीब 60 वाईल की आवश्यकता होती है. ऐसे में कोटे से केवल 10-12 मरीजों का ही इलाज हो सकेगा. प्रदेश में ब्लैक फंगस इंफेक्शन के रोगी तेजी से बढ़ रहे है, लेकिन केन्द्र सरकार की ओर से ब्लैक फंगस दवा की आपूर्ति भी अपने हाथ में लेने से दवा की उपलब्धता में परेशानी आ रही है.

चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से राजस्थान को 31 मई तक इस दवा के केवल 700 वाईल का कोटा ही निर्धारित किया गया है. उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस इंफेक्शन के मरीज को करीब 60 वाईल की आवश्यकता होती है, ऐसे में निर्धारित कोटे से केवल 10-12 मरीजों का ही इलाज हो सकेगा. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को लिखे पत्र में चकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि सरकार की ब्लैक फंगल इंफेक्शन के लिए निर्धारित औषधि की उपलब्धता के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है.

उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस के उपचार के काम में आने वाली दवा लाइपोजोमल एम्फोटेरिसिन बी की 50000 वाईल की राज्य को तुरंत आवश्यकता है.  इस सबंध में उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को पत्र लिखकर दवा को उपलब्ध कराने की मांग की है.

राज्य सरकार 8 कंपनियों के संपर्क में

डॉ शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अपने स्तर पर भी इस दवा को बनाने वाली कंपनियों (Cipla, Sun pharma, AHPL, Bharat Serum, Ranbaxy, Life Care, Intas, CritiCare Lab, Maylon, Celon) के संपर्क में है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार व आरएमएससीएल के स्तर पर इन दवा कंपनियों के प्रमुखों से वार्ता जारी है. जिससे कि इस दवा की प्रदेश में उपलब्धता सुनिश्चित हो सके. उन्होंने कहा कि इस दवा का देश में अब तक सीमित उपयोग होता रहा है इसलिए इसका उत्पादन भी काफी कम है. जिससे कि इसकी उपलब्धता में परेशानी आ रही है.

दो अन्य दवाओं का भी सुझाव दिया

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि ब्लैक फंगस इंफेक्शन के सर्वाधिक मरीज जयपुर स्थित निजी चिकित्सालय में भर्ती है. जहां के विशेषज्ञों द्वारा लाइपोजोमल एम्फोटेरिसिन बी की अनुपलब्धता की स्थिति में अन्य दवाओं के उपयोग का सुझाव दिया गया है. इन दवाओं में टेबलैट पोसाकोनाजोल व आइसोकोनाजोल है, जिनका उपयोग स्टेप डाउन मेडिकेशन के रुप में किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इन वैक्लपिक दवाओं का उपयोग कितना प्रभावशाली है इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के​ लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है.

2500 वायल खरीदने के आदेश 

आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक आलोक रंजन ने बताया कि इस दवा की खरीद के लिए के लिए भारत सीरम कंपनी को 2500 वायल खरीदने के आदेश जारी कर दिये गये हैं. वहीं अन्य फार्मा कंपनियों से भी प्रस्ताव प्राप्त किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पड़ौसी देशों जैसे नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका व दुबई से भी दवा के आयात के सबंध में जानकारी जुटाई जा रही है.