लॉकडाउन का असर, यमुना का पानी हुआ साफ, हेवी मेटल की मात्रा भी कम

लॉकडाउन का असर, यमुना का पानी हुआ साफ, हेवी मेटल की मात्रा भी कम
लॉकडाउन में यमुना का पानी हुआ साफ (फाइल फोटो)

रिपोर्ट के मुताबिक, यमुना (Yamuna) नदी में 2012 की पिछली अध्ययन की तुलना में हैवी मेटल की मात्रा कम हुई है. इसके आधार पर टेरी ने यमुना की स्थिति ऐसी ही बनी रहे इसके लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं.

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नई दिल्ली. यमुना नदी (Yamuna River) का नाम आते ही लोगों के जहन में सफेद झाग वाला काला पानी की तस्वीर सामने आती है. लेकिन कोरोना वायरस लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) ने यह तस्वीर बदल दी है. दिल्ली-नोएडा में यमुना का पानी साफ दिखने लगा है. इतना ही नहीं यमुना के पानी में हैवी मेटल की मात्रा काफी कम हुई है. टेरी ने मई 2020 के दौरान राजधानी दिल्ली में 5 जगहों पर यमुना के पानी की जांच कर यह रिपोर्ट जारी की है.

रिपोर्ट के मुताबिक, यमुना नदी में 2012 की पिछली अध्ययन की तुलना में हैवी मेटल की मात्रा कम हुई है. इसके आधार पर टेरी ने यमुना की स्थिति ऐसी ही बनी रहे इसके लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं. बता दें कि टेरी ने ओखला बैराज, निजामुद्दीन, आटीओ, निगमबोध घाट और वजीरबाद बैराज से सैंपल लिए थे. इन सैंपल्स की इंडक्टिव कपल्ड प्लास्मा मास स्पेक्ट्रोमेट्री (ICP-एमएस) तकनीक से की गई. इस तकनीक से पानी में मेटल की मात्रा का पता लगाया जाता है. इसी के तहत यमुना में भी क्रोमियम, निकल, कॉपर, जिंक, आर्सेनिक, केडमियम, लेड और मर्करी की मौजूदगी की जांच की गई.

यमुना में हेवी मेटल की मात्रा काफी कम



टेरी की 2012 की जांच में केडमियम को छोड़कर अन्य सभी हेवी मेटल की मात्रा अधिक मिली थी. 2017 की रिपोर्ट में भी हेवी मेटल की मात्रा अधिक पाई गई थी. टेरी के अनुसार, इस बार के सर्वे में वजीराबाद बैराज से ओखला बैराज की तरफ बह रहे पानी में मैग्नीज और आयरन की मात्रा कम मिली. वजीराबाद यमुना का दिल्ली में एंट्री पॉइंट है और ओखला बैराज एग्जिट पॉइंट. बता दें कि टेरी ने यमुना का पानी ऐसा ही साफ सुथरा बना रहे, इसके लिए सुझाव भी दिए हैं.
टेरी ने दिए ये सुझाव-
दिल्ली में इफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट का समय-समय पर ऑडिट होना चाहिए.
फैक्ट्रियों का पानी जहां-जहां यमुना में गिर रहा है, वहां चुरल ट्रीटमेंट सिस्टम लगाए जाएं
जंगली पेड़, जो हैवी मेटल को सोख कर पानी में उसकी मात्रा कम करते हैं, लगाए जाएं

बता दें कि यमुना नदी कुल 1370 किलोमीटर यमुनोत्री से इलाहबाद तक बहती है. इसमें से 54 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में पड़ता है. लेकिन यमुना के कुल प्रदूषण का 76 फीसदी इसी हिस्से से होता है.
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