अलगाववादी नेता यासीन मलिक की पार्टी JKLF पर सरकार ने लगाया बैन: रिपोर्ट

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Updated: March 22, 2019, 11:25 PM IST
अलगाववादी नेता यासीन मलिक की पार्टी JKLF पर सरकार ने लगाया बैन: रिपोर्ट
जेकेएलफ प्रमुख यासीन मलिक

पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए फिदायीन हमले के बाद सरकार ने अलगाववादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है.

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केंद्र सरकार ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) पर बैन लगा दिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने शुक्रवार को यह रिपोर्ट प्रकाशित की है. पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए फिदायीन हमले के बाद सरकार ने अलगाववादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है.

जेकेएलएफ की गतिविधियां 1988 से जारी थी. आरोप है कि कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के कत्लेआम में यासीन मलिक का हाथ था. इस संगठन पर मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया के अपहरण, एयरफोर्स अधिकारियों की हत्या जैसे संगीन आरोप लग चुके हैं. केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा ने कहा कि यह कदम आतंकवाद पर सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत उठाया गया है.

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आरोप है कि यह संगठन पत्थरबाजी और अलगाववादी गतिविधियों के लिए फंड इकट्ठा करवाता है. जम्मू कश्मीर पुलिस ने इस संगठन के खिलाफ 37 FIR, सीबीआई ने 2 और एनआई ने एक मामला दर्ज किया है.

जम्मू-कश्मीर के कई अलगाववादी नेताओं को सरकारी सुरक्षा दी गई थी. हालांकि 14 फरवरी के पुलवामा हमले के बाद इन नेताओं से सुरक्षा वापस ले ली गई है. सरकार का कहना है कि जेकेएलएफ की गतिविधियां भारत की संप्रभुता के लिए खतरा हैं.

बता दें कि 7 मार्च को यासीन मलिक को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत गिरफ्तार किया गया है. उसे भलवाल जेल में रखा गया है.

इससे पहले भारत सरकार ने जमात-ए-इस्लामी जे एंड के पर 28 फरवरी को प्रतिबंध लगाया था. इस संगठन ने हिजबुर को खड़ा में मदद की थी. सरकार ने दलील दी थी कि संगठन की गतिविधियां राष्ट्रविरोधी हैं और वह हिंसक गतिविधियों में लिप्त है.
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First published: March 22, 2019, 6:41 PM IST
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