क्या कर्नाटक में चुनाव प्रचार करेंगे योगी आदित्यनाथ?

जब गोरखपुर और फूलपुर सीट पर बीजेपी की हार हुई, तो कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया बड़ी मुस्कान के साथ बीएसपी और सपा को जीत की बधाई देना नहीं भूले.

News18Hindi
Updated: March 15, 2018, 11:12 AM IST
क्या कर्नाटक में चुनाव प्रचार करेंगे योगी आदित्यनाथ?
कर्नाटक में बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करते हुए योगी ने विकास और कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला था
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Updated: March 15, 2018, 11:12 AM IST
(डीपी सतीश)

उत्तर प्रदेश और बिहार की 5 सीटों पर उपचुनाव के नतीजे आ चुके हैं. कर्नाटक में सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल बीजेपी को भी उत्तर प्रदेश उपचुनाव के रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार था. कुछ महीने पहले उपचुनाव को लेकर कर्नाटक ने कुछ खास दिलचस्पी नहीं दिखाई थी. लेकिन, जैसे-जैसे वोटिंग की तारीख नज़दीक आती गई, कर्नाटक सरकार की रुचि भी बढ़ती गई. सीएम सिद्धारमैया के इस दिलचस्पी की वजह थे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, जिसे कर्नाटक में बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार का स्टार चेहरा हैं.

यूपी की गोरखपुर सीट योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि रही है. यहां जीत हासिल करना बीजेपी के साथ-साथ योगी की प्रतिष्ठा का भी सवाल था. लेकिन, बीएसपी समर्थित सपा उम्मीदवार प्रवीण निषाद ने यहां जीत हासिल कर ली. यही नहीं, फूलपुर लोकसभा सीट भी सपा के खाते में गई है. ऐसे में जब गोरखपुर और फूलपुर सीट पर बीजेपी की हार हुई, तो कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया बड़ी मुस्कान के साथ बीएसपी और सपा को जीत की बधाई देना नहीं भूले.

यूपी उपचुनाव के नतीजे आने के बाद सिद्धारमैया ने ट्वीट किया और दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने वाले बीएसपी समर्थित सपा उम्मीदवारों को बधाई दी. सिद्धारमैया ने योगी आदित्यनाथ पर निशाना भी साधा. उन्होंने योगी को दूसरे राज्यों से पहले अपने राज्य यूपी पर फोकस करने की सलाह भी दे डाली.

कर्नाटक सीएम ने ट्वीट किया, "यूपी के सीएम और डिप्टी सीएम की लोकसभा सीट हारना बीजेपी के लिए अपमानजनक है. इस ऐतिहासिक जीत के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को बधाई. गैर बीजेपी पार्टियों की एकता ही बीजेपी की हार में अहम भूमिका अदा करेगी." सिद्धारमैया ने लिखा, "शायद अब योगी आदित्यनाथ कर्नाटक में विकास को लेकर लेक्चर देने में वक्त बर्बाद नहीं करेंगे.


बता दें कि कर्नाटक में बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करते हुए योगी ने विकास और कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला था. लेकिन, पिछले कुछ महीनों में योगी को राज्य में विरोध का सामना भी करना पड़ा है.

यूपी सीएम योगी के भाषणों को लेकर सिद्धारमैया ने उन्हें सांप्रदायिक नेता बताया था, जिसका मुख्य उद्देश्य कर्नाटक के वोटर्स को हिंदू और मुस्लिम में बांटना है. हालांकि, कड़े विरोध के बाद भी योगी अब तक चार बार कर्नाटक का दौरा कर चुके हैं.

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राज्य के कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, गोरखपुर और फूलपुर सीट पर अगर बीजेपी को जीत मिलती, तो इससे पार्टी के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ को भी फायदा पहुंचता. लेकिन, योगी और केशव प्रसाद मौर्या की सीट पर मिली अपमानजनक हार ने बीजेपी के उत्साह को कुछ कम जरूर कर दिया है. वहीं, बीजेपी की हार से कांग्रेस का मनोबल बढ़ेगा.

2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कर्नाटक चुनाव जीतना कांग्रेस के लिए बहुत जरूरी है. कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमिटी यूपी उपचुनाव में बीजेपी की हार का मजाक बनाकर अपने कैडर में जोश भर रही है.

ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि बुधवार को अपने गढ़ में मिली अपमानजनक हार के बाद शायद योगी आदित्यनाथ कर्नाटक में चुनाव प्रचार करने से बचना चाहेंगे.

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