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यूपी चुनाव में इन प्रोजेक्ट्स के सहारे जनता के सामने विकास की तस्वीर रखेगी योगी सरकार

यूपी चुनाव में इन प्रोजेक्ट्स के सहारे जनता के सामने विकास की तस्वीर रखेगी योगी सरकार

बीते 4.5 साल में  सीएम योगी आदित्यनाथ  ने कई परियोजनाओं पर जोर दिया है.(File photo)

बीते 4.5 साल में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई परियोजनाओं पर जोर दिया है.(File photo)

योगी सरकार का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक कानपुर मेट्रो का एक कॉरिडोर चालू हो जाए. इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो अन्य बड़ी परियोजनाओं- जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखने के लिए जल्द ही आ सकते हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की मुख्यमंत्री रहते हुए मायावती (Mayawati) ने साल 2012 तक नोएडा से आगरा के बीच यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ में अम्बेडकर मेमोरियल पार्क और नोएडा में दलित प्रेरणा स्थल बनवाया. साल 2017 तक सीएम रहे अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, लखनऊ मेट्रो, गोमती रिवर फ्रंट और लखनऊ में जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर जैसी परियोजनाओं का हवाला देते हुए 'काम बोलता है' का नारा दिया. अब उत्तर प्रदेश में 2022 के चुनावों से पहले, भाजपा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने और उसे जनता के बीच दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. इस एजेंडे में सबसे ऊपर लखनऊ से गाजीपुर तक पूर्वांचल एक्सप्रेसवे है, जिसे सरकार 1 सितंबर से चालू करने की योजना बना रही है.

योगी सरकार का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक कानपुर मेट्रो का एक कॉरिडोर चालू हो जाए. इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दो अन्य बड़ी परियोजनाओं- जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखने के लिए जल्द ही आ सकते हैं.

राज्य के राजनीतिक इतिहास से पता चलता है कि इस तरह की प्रमुख परियोजनाओं ने मौजूदा मुख्यमंत्रियों को सत्ता में वापस आने में मदद नहीं की. जाति का गणित अभी भी सभी परियोजनाओं पर हावी है. यूपी ने यह भी देखा है कि कैसे एक सीएम दूसरे सीएम की  परियोजनाओं को रोक देते हैं या उनको खारिज कर देता है. जैसे कि मुलायम सरकार ने अपने कार्यकाल में यमुना एक्सप्रेसवे को आगे नहीं बढ़ाया, जबकि योगी सरकार ने अखिलेश यादव की गोमती रिवर फ्रंट और जेपी नारायण इंटरनेशनल सेंटर परियोजनाओं में पूछताछ कराई. योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में कई बड़े परिवर्तन लाने का दावा किया है. इसमें वाराणसी में घाटों का सुधार या अयोध्या में रिवर-फ्रंट शामिल है.

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे
लखनऊ से गाजीपुर तक 340 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे यूपी सरकार के अनुसार '90% पूरा' हो चुका है और यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) की हालिया बैठकों अनुसार, एक्सप्रेसवे को जनता के लिए 1 सितंबर तक खोलने की उम्मीद है, इस बीच यूपीईडा ने टोल एजेंसी, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और पेट्रोल पंप्स के टेंडर जारी किए हैं. ऐसे में यह माना जा रहा है कि परियोजना सही रास्ते पर है.

हालांकि समाजवादी पार्टी का दावा है कि कि मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश यादव ने  इस एक्सप्रेसवे की परिकल्पना की थी और काम शुरू करने के निर्देश दिए थे लेकिन योगी सरकार साढ़े चार साल बाद भी इसे पूरा नहीं कर पाई है. सपा का यह भी कहना है कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे अखिलेश के कार्यकाल में दो साल से भी कम समय में बनकर तैयार हुआ था. हालांकि भाजपा का कहना है कि सपा सरकार ने बहुत अधिक दरों पर काम दिए थे. लागत बचाने के लिए योगी सरकार को इस परियोजना को फिर नए सिरे से शुरू करना पड़ा. कोविड की दो लहरों के चलते भी काम पर असर पड़ा.

कानपुर मेट्रो
समाजवादी पार्टी सरकार ने लखनऊ में मेट्रो के निर्माण का श्रेय लिया और अपने कार्यकाल में एक पायलट रन भी किया. दूसरी ओर योगी सरकार के कार्यकाल में लखनऊ मेट्रो की परियोजना सुचारु रूप से संचालित हो सकी. योगी सरकार और केंद्र अब यूपी के दूसरे बड़े शहर कानपुर में मेट्रो के एक कॉरिडोर को पूरा करने पर जोर दे रहे हैं और चुनाव से पहले साल के अंत तक इसका उद्घाटन करने की योजना है. मेट्रो के लिए बैगेज स्कैनर और सुरक्षा उपकरणों के लिए टेंडर पहले ही किए जा चुके हैं.

गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की भी जल्द ही आधारशिला रखी जाएगी. इस बाबत पीएम मोदी खुद आ सकते हैं. गंगा एक्सप्रेस-वे की बड़ी परियोजना के लिए लगभग 76 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है. योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल ने पिछले हफ्ते भी हवाई अड्डे के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को 1334 हेक्टेयर पट्टे पर देने के लिए स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क माफ कर दिया, जिससे परियोजना पर जल्द ही काम शुरू हुआ.

अयोध्या में राम मंदिर
प्रदेश में चल रही सबसे बड़ी परियोजना अयोध्या में राम मंदिर है जिसका भूतल यूपी चुनाव के समय तक बनना शुरू होगा क्योंकि इसकी नींव का काम अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है. हालांकि भाजपा  का कहना है कि राम मंदिर लाखों लोगों की आस्था है न कि राजनीतिक मुद्दा. माना जा रहा है चुनावों के दौरान राम मंदिर की बहुत चर्चा होगी.

आपके शहर से (लखनऊ)

Tags: BJP, Poorvanchal Uttar Pradesh Lok Sabha Elections 2019, UP Elections 2022, Yogi Adityananth

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