क्या आप भी शेयर या म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, जानिए कहां- कितना लगता है टैक्स

शेयर से कमाई पर टैक्स

शेयर से कमाई पर टैक्स

मुंबई. कोरोना काल में तेजी से मार्केट और म्यूचुअल फंड में नए निवेशक बढ़े हैं. ज्यादातर नए निवेशक को शेयर बाजार से होने वाली कमाई पर टैक्स के बारे में जानकारी नहीं होती. शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश से होने वाले मुनाफे पर भी टैक्स लगता है.

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मुंबई. कोरोना काल में तेजी से मार्केट और म्यूचुअल फंड में नए निवेशक बढ़े हैं. ज्यादातर नए निवेशक को शेयर बाजार से होने वाली कमाई पर टैक्स के बारे में जानकारी नहीं होती. शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश से होने वाले मुनाफे पर भी टैक्स लगता है.

हालांकि, मुनाफे की प्रकृति ( लॉन्ग टर्म, शॉर्ट टर्म आदि) के आधार पर लगने वाला टैक्स और उसकी दर बदल जाते हैं. आइए जानते हैं किस स्थिति में आपको कितना टैक्स चुकाना होती है और किन परिस्थितियों में टैक्स बचाया जा सकता है.

शेयर बाजार

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन
अगर आप 12 महीने के भीतर शेयर बेच कर मुनाफा कमा लेते हैं, तो वह मुनाफा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन कहलाएगा. इस पर 15 फीसदी शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स चुकाना होगा. अगर आप शेयर नुकसान में बेचते हैं तो आने वाले 8 साल के भीतर तक उस नुकसान को आप कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं.

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लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन



अगर आप किसी शेयर को 12 महीने रखने के बाद बेच कर मुनाफा कमाते हैं, तो वह लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन कहलाएगा. इस पर आपको 10 फीसदी टौक्स देना होगा, वह भी तब जबकि कुल मुनाफा एक लाख रुपए से अधिक हो.अगर नुकसान हुआ तो वह 8 साल तक कैरी फॉरवर्ड हो सकेगा. लेकिन ध्यान रखिए कि नुकसान सिर्फ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन से ही सेट-ऑफ हो जाएगा.

ड्रे ट्रेडिंग

अगर आफ डिलीवरी नहीं ले रहे हैं और सिर्फ आज लिया और आज बेचने का काम कर रहे हैं तो ये आपका स्पेक्युलेटिव बिजनेस इनकम है. आपका जो नॉर्मल टैक्स स्लैब है, उसके अंदर ये स्पेक्युलेटिव बिजनेस इनकम के रूप में एड हो जाएगा. अगर आपको नुकसान हुआ है तो वो कैरी फॉरवर्ड हो सकता है, लेकिन सिर्फ चार साल के लिए. स्पेक्युलेटिव इनकम का नुकसान स्पेक्युलेटिव इनकम से ही सेट ऑफ हो सकता है.

म्यूचुअल फंड

इक्विटी फंड

एक साल से पहले इक्विटी म्यूचुअल फंड ( ऐसे फंड जिनका 60 फीसदी हिस्सा इक्विटी है) की यूनिट बेचने से हुए मुनाफे पर 15 फीसदी शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स और 4 फीसदी सेस लगता है. वहीं, निवेश अवधि यदि एक साल से अधिक हो तो मुनाफे पर 10 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स औप 4 फीसदी सेस लगता है. एक लाख रुपए से कम लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर कोई टैक्स नहीं लगता.

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डीडीटी- इक्विटी म्यूचुअल फंड की ओर से दिया गया डिविडेंट निवेशक के हाथ में कर मुक्त होते हैं, लेकिन एएमी 11.648 की दर से डिविडेंट डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स ( डीडीटी) का भुगतान करती है.

डेट फंड

डेट फंड में शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन के लिए न्यूनतम होल्डिंग्स अवधि 3 वर्ष है. निवेश के तीन साल के भीतर यूनिट बेचने से होने वाले मुनाफा निवेश की आय में जुड़ जाता है. निवेशक की टैक्स स्लैब के अनुसार आयकर लगता है. वहीं, निवेश के तीन साल बाद यूनिट बेचने से होने वाले मुनाफे पर इंडेक्सेशन के साथ 20 फीसदी टैक्स लगता है. यहां भी आप नुकसान को 8 साल तक कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं. इसे किसी भी इनकम के साथ एडजस्ट कर सकते हैं.

डीडीटी

डेट फंड में फंड हाउस निवेशकों को डिविडेंट बांटने से पहले 29.120 फीसदी की दर से डिविडेंट डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स का भुगतान करते हैं.

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