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RSS के कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी, कांग्रेस नेता ने लिखा- यह कदम सेक्‍युलर्स के लिए सदमा

News18Hindi
Updated: May 30, 2018, 6:43 PM IST
RSS के कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी, कांग्रेस नेता ने लिखा- यह कदम सेक्‍युलर्स के लिए सदमा
पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी (फाइल फोटो)

प्रणब ने जब से आरएसएस के न्‍योते को स्‍वीकारा है तब से राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ी हुई है. पूर्व केंद्रीय मंत्री सीके जाफर शरीफ ने भी मुखर्जी को पत्र लिखा और उनके फैसले पर हैरानी जताई.

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केरल विधानसभा के नेता विपक्ष और वरिष्‍ठ कांग्रेसी नेता रमेश चेन्‍नीथाला ने पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में जाने को लेकर हैरानी जताई है. उन्‍होंने इस संबंध में मुखर्जी को खत लिखा है और कहा कि इस फैसले से धर्मनिरपेक्ष लोगों को कठोर झटका लगा है. उन्‍होंने पूर्व राष्‍ट्रपति को नागपुर में जून के पहले सप्‍ताह में होने वाले इस कार्यक्रम में न जाने की सलाह दी है.

चेन्‍नीथाला ने आरएसएस को साम्‍प्रदायिक संगठन बताते हुए आरोप लगाया कि संघ केवल एक वर्ग के लोगों को रखकर एक हिंदू राष्‍ट्र बनाने के लिए काम कर रहा है जो कि कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र की विचारधारा के खिलाफ है. उन्‍होंने आगे कहा कि पार्टी के सबसे बड़े नेताओं में से एक के इस फैसले से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में असंतोष है.

बता दें कि प्रणब ने जब से आरएसएस के न्‍योते को स्‍वीकारा है तब से राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ी हुई है. हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन कई नेता इसके विरोध में बोल चुके हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री सीके जाफर शरीफ ने भी मुखर्जी को पत्र लिखा और उनके फैसले पर हैरानी जताई. उन्‍होंने कहा कि उनके आरएसएस के कार्यक्रम में जाने की खबर से धर्मनिरपेक्ष लोग सकते में हैं. शरीफ ने कहा, 'मुझे व्‍यक्तिगत तौर पर लगता है कि आपके कद का व्‍यक्ति जो सेक्‍युलर है और दशकों से राजनीति में है, साथही राष्‍ट्रपति के पद पर रह चुका है उसके लिए संसदीय चुनावों से पहले संघ परिवार के कार्यक्रम में जाना ठीक नहीं है.'

वहीं पूर्व सांसद और दिल्ली कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भी सवाल खड़े किए हैं. दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस में रहते हुए मुखर्जी हमेशा आरएसएस के विचारों के खिलाफ रहे तो आखिर वह इस संगठन के कार्यक्रम में क्यों शामिल हो रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘प्रणब दादा के संघ के बारे में लगभग वही विचार रहे हैं जो कांग्रेस के रहे हैं कि आरएसएस एक फासीवादी संगठन है. आरएसएस की मूल विचाराधारा ही कांग्रेस के खिलाफ है. मुझे यह अटपटा लग रहा है कि आखिर वह उनके कार्यक्रम में क्यों शामिल होने जा रहे हैं?’

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First published: May 30, 2018, 6:29 PM IST
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