'...आत्महत्या कीजिए, एक करोड़ रुपए लीजिए', केजरीवाल सरकार को फटकार

(File Photo)

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने ओआरओपी आंदोलन के दौरान आत्महत्या करने वाले एक पूर्व सैनिक के परिवार को मुआवज़ा देने के दिल्ली सरकार के फैसले से मंगलवार को असहमति जतायी.

  • भाषा
  • Last Updated: December 12, 2017, 11:35 PM IST
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने ओआरओपी आंदोलन के दौरान आत्महत्या करने वाले एक पूर्व सैनिक के परिवार को मुआवज़ा देने के दिल्ली सरकार के फैसले से मंगलवार को असहमति जतायी. उच्च न्यायालय ने कहा, 'आप ये परिपाटी बना रहे हैं कि आत्महत्या कीजिए और एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा पाइए.'



अदालत की ये टिप्पणी पूर्व सैनिक को शहीद का दर्ज़ा देने, एक करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी के फैसले पर आयी है जिन्होंने वन रैंक, वन पेंशन आंदोलन के दौरान पिछले साल नवंबर में कथित तौर पर कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली थी.



कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने कहा, 'आप एक परिपाटी बना रहे हैं, आत्महत्या कीजिए और एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा प्राप्त कीजिए. और जब आप उनके परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा दे रहे हैं तो अनुकंपा के आधार पर नौकरी का सवाल कहां पैदा होता है.'





अदालत ने दो जनहित याचिकाओं को खारिज़ करते हुए ये टिप्पणी की. याचिकाओं में राम किशन ग्रेवाल को शहीद का दर्ज़ा दिए जाने के दिल्ली सरकार के फैसले को चुनौती दी गयी है.
अदालत ने कहा कि याचिकाएं समय से पहले दाखिल की गयी हैं और इस चरण में विचार करने योग्य नहीं हैं क्योंकि उपराज्यपाल ने अभी इस पर फैसला नहीं किया है.
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