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पुलवामा हमले की साजिश के मामले में आरोपी नहीं था युसुफ चोपन: NIA

News18Hindi
Updated: February 27, 2020, 8:17 PM IST
पुलवामा हमले की साजिश के मामले में आरोपी नहीं था युसुफ चोपन: NIA
पिछले साल 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले में आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे (File Photo)

अदालत ने युसूफ चोपन को 50 हजार के निजी मुचलका भरने के साथ सशर्त जमानत की मंजूरी दी. उन्होंने यह भी कहा कि चोपन को जांच एजेंसियों का सहयोग करना होगा और जरूरत पड़ने पर कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा.

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  • Last Updated: February 27, 2020, 8:17 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) ने पुलवामा हमले (Pulwama Attack) की साजिश के मामले में एक आरोपी को जमानत दे दी है. अदालत ने युसूफ चोपन को जमानत देते हुए कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) दी गई समयावधि के भीतर चार्जशीट दायर नहीं कर सकी है.

इस खबर के सामने आने के बाद एनआईए ने जानकारी दी है जिसके मुताबिक युसुफ चोपन को कभी भी पुलवामा हमले के आरोप में कभी भी गिरफ्तार नहीं किया गया.

पीएसए के तहत जेल में बंद है युसुफ
वह 6 अन्य लोगों के साथ एनआईए के मामलों में गिरफ्तार किए गए थे, जो जैश-ए-मोहम्मद की साजिश से संबंधित थे, जिसमें 8 आरोपियों के खिलाफ 2 चार्जशीट दायर की गई थीं. जांच के दौरान, 7 ओवर ग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया गया. अपर्याप्त सबूतों के कारण यूसुफ चोपन के खिलाफ चार्जशीट दायर नहीं की गई थी.



ऐसे में उन्हें नई दिल्ली की एनआईए की विशेष अदालत की ओर से 18.02.2020 को स्वतः जमानत दे दी गई. इसके बाद उन्हें डीएम पुलवामा के आदेश से सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत वापस कोट भलवाल जेल जम्मू भेज दिया गया. कहने की जरूरत नहीं है, एनआईए निष्पक्ष जांच की नीति का पालन करती है.

इससे पहले खबर आई थी कि दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष एनआईए अदालत ने 18 फरवरी को यह आदेश दिया था कि युसूफ चोपन कानूनी रूप से जमानत का हकदार है. अदालत ने चोपन को जमानत बॉन्ड के साथ 50 हजार रुपये का निजी मुचलका भरने का भी आदेश दिया था.

सबूत के अभाव में दायर नहीं हुई चार्जशीट
युसूफ को यह जमानत उस स्थिति में मिली जब गिरफ्तार किए जाने के 180 दिन के बीत जाने के बाद भी जांच एजेंसी चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी. एनआईए ने स्वीकार किया कि जांच एजेंसी समय निकलने के बाद भी सबूतों के अभाव में चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी. यह भी जानकारी दी गई कि एजेंसी मामले में आगे की जांच कर रही है.

अदालत ने आरोपी को दिए ये निर्देश
जज प्रवीण सिंह ने युसूफ चोपन को 50 हजार का निजी मुचलका भरने के साथ सशर्त जमानत की मंजूरी दी. उन्होंने यह भी कहा कि युसूफ चोपन को जांच एजेंसियों का जांच में सहयोग करना होगा और जरूरत पड़ने पर कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा.

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि युसूफ चोपन जमानत मिलने के बाद किसी भी प्रकार के अपराध को अंजाम न दे. जिसमें वह वर्तमान मामले में आरोपी है और प्रत्यक्ष या अप्रत्क्ष रूप से मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी शख्स से कोई अभद्रता या वादा न करे, न ही सबूतों के साथ किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ करे.

अहमद पटेल ने उठाए सवाल
वहीं कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने भी एनआईए के चार्जशीट दाखिल न कर पाने पर और आरोपी को जमानत दिए जाने पर हैरानी जताई है. उन्होंने कहा है कि यह शहीदों का अपमान है. साथ ही उन्होंने सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं.



पिछले साल हुआ था हमला
गौरतलब है कि पिछले साल 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले (Pulwama Attack) में आतंकियों ने सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर हमला किया था. इस हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद (Jash E Mohammad) ने ली थी. जैश आतंकी ने विस्फोटकों से लदी कार को सीआरपीएफ के काफिले से टकरा दिया था. भीषण आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे.

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First published: February 27, 2020, 6:45 PM IST
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