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किसानों के खिलाफ NIA की कार्रवाई पर यूथ अकाली दल का विरोध प्रदर्शन, अमित शाह के पुतले फूंके

रोमाना ने किसान आंदोलन की हिमायत करने वालों को बिल्कुल NIA की तरफ से नोटिस भेजे जाने का कड़ा विरोध किया.
रोमाना ने किसान आंदोलन की हिमायत करने वालों को बिल्कुल NIA की तरफ से नोटिस भेजे जाने का कड़ा विरोध किया.

Farmer Protest: रोमाना ने किसान आंदोलन की हिमायत करने वालों को बिल्कुल NIA की तरफ से नोटिस भेजे जाने का कड़ा विरोध किया. उन्होंने कहा कि किसानों की कोई भी ट्रांसपोर्ट, लंगर या फिर वित्तीय तौर पर मदद कर रहा है, उसे निशाना बनाया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 9:00 PM IST
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सूरज सिंह

किसानों के खिलाफ एनआईए (National Investigation Agency) द्वारा की जा कार्रवाई को लेकर यूथ अकाली दल ने प्रदेशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Nrender Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) के पुतले फूंक कर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया.

बठिंडा में इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते यूथ अकाली दल के प्रधान परमबंस सिंह रोमाना ने कहा कि प्रधानमंत्री (Prime Minister) और गृह मंत्री (Home Minister) दोनों को इतिहास से सबक सीखना चाहिए. जब भी दमनकारी नीतियां अपनाई गई तो पंजाबियों ने इन का डट कर विरोध किया है और भाजपा का नेतृत्व वाली केंद्र सरकार जितना इस शांतिपूर्ण संघर्ष को दबाने की कोशिश करेगी, पंजाबी दमन का मुकाबला करन के लिए खड़े हो जाएंगे.




हर किसी को निशाना बना रही है NIA
रोमाना ने किसान आंदोलन की हिमायत करने वालों को बिल्कुल NIA की तरफ से नोटिस भेजे जाने का कड़ा विरोध किया. उन्होंने कहा कि किसानों की कोई भी ट्रांसपोर्ट, लंगर या फिर वित्तीय तौर पर मदद कर रहा है, उसे निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह NIA के उद्देश्यों के खिलाफ है क्योंकि यह एजेंसी तो आतंकवादियों के संपर्कों की जांच के लिए बनाई गई थी.

कैप्टन के इशारों पर हो रहा है सबकुछ
यूथ अकाली दल के प्रधान ने कहा कि यह सब कुछ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) केंद्र के इशारों पर काम कर रहे हैं. आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पर गृह मंत्री अमित शाह के आदेशों का पालन कर रहे हैं. यही कारण है कि पंजाब पुलिस ने किसान आंदोलन पर गाना लिखने वाले गायकों को भी नहीं छोड़ा. उनके खिलाफ एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने नोटिस भी जारी किये हुए हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की तरफ से स्कूल और कॉलेज भी इस मकसद के साथ खोले जा रहे हैं कि किसान आंदोलन कमजोर किया जा सके क्योंकि ऐसे कदम के साथ किसानों को राज्य में वापस अपने घरों को लौटना पड़ेगा.

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रद्द किए जाएं विवादाग्रस्त खेती कानून
रोमाना ने कहा कि लोकतंत्र में अहंकार की कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों की आवाज सुननी चाहिए और तीन विवादाग्रस्त खेती कानून तत्काल खारिज करने चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इन को निरस्त करने की बात करके यह मान लिया है कि यह कानून गलत हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इन्हें और लंबे समय तक नहीं खींचना चाहिए. इन्हें रद्द करने में ही सरकार की भलाई है. यूथ अकाली नेता ने कहा कि इस मामले पर शिरोमणी अकाली दल की तरफ से किसान जत्थेबंदियों के साथ मिल कर संघर्ष और तेज किया जाएगा.
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