40 सालों तक मुंबई में भटकता रहा शख्स, Youtube की मदद से मिला परिवार

यूट्यूब पर यह वीडियो अपलोड करने वाले फिरोज शकीर का कहना है कि उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले यह वीडियो बनाया था. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उनके वीडियो के जरिए गंभीर अपने परिवार से मिल रहे हैं.

Vivek Gupta | News18Hindi
Updated: April 17, 2018, 11:33 PM IST
40 सालों तक मुंबई में भटकता रहा शख्स, Youtube की मदद से मिला परिवार
गंभीर सिंह 40 साल बाद अपने परिवार से मिलने वाले हैं.
Vivek Gupta | News18Hindi
Updated: April 17, 2018, 11:33 PM IST
उनकी कोई पहचान नहीं है, उन्हें अपना नाम तक याद नहीं, ये भी नहीं पता कि वह कहां के रहने वाले हैं लेकिन वह गाना बहुत अच्छा गाते हैं. बस इसी गाने ने उन्हें अपने परिवार से मिला दिया. वह चालीस सालों से अपने परिवार से दूर थे. यह कारनामा यूट्यूब की वजह से संभव हो पाया.

इस शख्स का नाम खोदरम गंभीर सिंह है, वह मणिपुर के रहने वाले हैं. 1976 में अपनी शादी के महज चार महीने बाद गंभीर सिंह घर से भाग गए थे और किसी तरह मुंबई पहुंच गए. इसके बाद छोटा-मोटा काम कर या गाना गाते हुए भीख मांगकर वह अपना गुजारा करते रहे. न किसी ने उनसे उनका नाम पूछा और न ही उन्हें किसी को अपनी पहचान बताने की जरूरत पड़ी.

हालांकि बांद्रा इलाके में एक दिन किसी ने गाना गाते हुए उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे यूट्यूब पर अपलोड कर दिया. यह वीडियो मणिपुर में उनके परिवार ने देखा और अब उनके परिजन उन्हें लेने के लिए मणिपुर से मुंबई आ रहे हैं. गंभीर सिंह को मणिपुरी के अलावा कोई और भाषा नहीं आती थी, हालांकि इधर-उधर से सुनकर उन्होंने हिंदी गाने जरूर सीख लिए थे.

ऐसे हुई गंभीर सिंह की पहचान

जिस वीडियो को देखकर गंभीर सिंह के परिवार ने उनकी पहचान की उसे 17 अक्टूबर 2017 को अपलोड किया गया था. इस वीडियो को इम्फाल में कुछ युवाओं ने देखा और किसी तरह गंभीर सिंह के भाई से संपर्क किया. वीडियो देखकर गंभीर के भाई रो पड़े और उन्हें पुलिस से संपर्क किया.

बांद्रा पुलिस थाने के सीनियर इंस्पेक्टर पंडित ठाकरे का कहना है कि उनके पास 15 तारीख को इंफाल से फोन आया कि मणिपुर से 40 साल पहले जो इंसान लापता हुआ था उसे मुंबई में देखा गया है. हमने उस शख्स को ढूंढने के लिए कई टीमें बनाई और काफी कोशिशों के बाद उन्हें बांद्रा स्टेशन पर ढूंढ लिया. बाद में पता चला कि 1976 में अपने परिवार से झगड़ा कर वह मुंबई आ गए थे. फिलहाल उन्हें मुंबई से दूर एक एनजीओ में रखा गया है क्योंकि उनकी मानसिक हालत ठीक नहीं है.

यूट्यूब पर यह वीडियो अपलोड करने वाले फिरोज शकीर का कहना है कि उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले यह वीडियो बनाया था. वह बांद्रा में भटक रहे थे और बच्चे उन्हें नेपाली कहकर चिढ़ा रहे थे. गंभीर चिल्लाकर कह रहे थे कि वह मणिपुरी हैं नेपाली नहीं. फिरोज का कहना है कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उनके वीडियो के जरिए गंभीर अपने परिवार से मिल रहे हैं.
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