युवराज सिंह फंडिड स्टार्ट-अप हेल्थियन्स करता है अपने फ्रंट लाइन योद्धाओं को सलाम

हेल्थकेयर स्टार्ट-अप  हेल्थियन्स अपने इन्हीं योद्धाओं को करता है सलाम जिनकी वायरस के ख़िलाफ़ इस युद्ध में है एक अहम भूमिका

हेल्थकेयर स्टार्ट-अप हेल्थियन्स अपने इन्हीं योद्धाओं को करता है सलाम जिनकी वायरस के ख़िलाफ़ इस युद्ध में है एक अहम भूमिका

हेल्थियन्स देश का जाना माना होम टेस्टिंग सर्विस स्टार्ट अप हैं जिसका बिज़नेस देश के 90 मुख्य शहरों में फैला है.

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इस कोविड काल (Covid-19) में हर कोई डॉक्टर और नर्स के आगे हो रहा है नतमस्तक. उनके हौसले और जज़्बे को हर किसी का सलाम बनता भी है. लेकिन कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ एक ऐसा हेल्थ वॉरियर्स का तबका भी है जो पहले दिन से चुप चाप अपनी जान जोखिम में डाल कर काम रहा है लेकिन इस तबके के बारे में बात करना कई भूल गए है.

यहां बात हो रही है उनकी जो घर घर जाकर RT- PCR टेस्ट के लिए सैंपल क्लेकशन करता है या फिर वो तबका जो लैब में सैंपल टेस्ट करके बताता है कि मरीज़ कोविड पॉज़िटिव है या नेगेटिव. इनका वायरस से रोज़ का सामना है.

हेल्थकेयर स्टार्ट-अप हेल्थियन्स (Healthians) अपने इन्हीं योद्धाओं को करता है सलाम जिनकी वायरस के ख़िलाफ़ इस युद्ध में है एक अहम भूमिका.

अपनी टीम के इन मज़बूत योद्धाओं का ही नहीं बल्कि स्टार्ट अप ने इनके परिवार का भी मेडिक्लेम और जीवन बीमा करवाया है. हेल्थियन्स की हर मुमकिन कोशिश यही की सैंपल कलेक्ट करने वाले राइडर हो या लैंब में कोविड सैंपल टेस्ट करने वाले टेक्नीशियन, इन्हें हर एक मुमकिन सुविधा मिले ताकि जब हर रोज़ यह कोविड के ख़िलाफ़ जंग जीतने के लिए निकले तो मानसिक रूप से भी स्वस्थ महसूस करें.
हेल्थियन्स देश का जाना माना होम टेस्टिंग सर्विस स्टार्ट अप हैं जिसका बिज़नेस देश के 90 मुख्य शहरों में फैला है. हेल्थियन्स के फाउंडर और सीईओ दीपक साहनी की माने तो, “हेल्थियन्स वायरस के ख़िलाफ़ इस युद्ध में अपनी टीम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है ताकि सरकार और लोगों को कोई दिक़्क़त न हो और यह जंग जल्द ही जीती जाए”.

बता दें कि इससे पहले भी टीम होल्थियन्स ने बेंगलुरु में डॉक्टरों और नर्सों की मदद के लिए रोबोट रखे थे. गुरुग्राम में कंपनी ने ड्राइव थ्रू टेस्टिंग सेंटर खोला था और फ़रीदाबाद मैं मोबाइल लैब के ज़रिए कोरोना की जांच का काम किया था.

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