गलवान के गुनहगार PLA अधिकारी झाओ झोंगकी को लद्दाख सीमा से हटाएगा चीन!

झाओ झोंगकी की पोस्टिंग बदलकर कहीं और की जा सकती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
झाओ झोंगकी की पोस्टिंग बदलकर कहीं और की जा सकती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

झोंगकी (Zhao Zongqi) की जगह ल्यू जैनली ले सकते हैं. गलवान घाटी (Galwan Valley) में भारतीय सैनिकों (Indian Soldiers) पर हमले की पूरी साजिश से झाओ झोंगकी ने ही रची थी.

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नई दिल्ली. चीनी सेना (PLA) के वेस्टर्न थियेटर कमांडर झाओ झोंगकी (Zhao Zongqi) की पोस्टिंग बदलने की तैयारी चल रही है. झोंगकी की जगह ल्यू जैनली ले सकते हैं. गौरतलब है कि गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर हमले की पूरी साजिश से झाओ झोंगकी ने ही रची थी. सूत्रों के हवाले से यह भी खबर है कि चीनी सेना ने पैंगॉन्ग लेक के पास तोपखानों के लिए पक्के मोर्चे तैयार कर लिए हैं. साथ ही भारत से सीमा विवाद के बीच ही फील्ड हॉस्पिटल भी तैयार किया है.

डोकलाम विवाद की भी शुरुआत की थी
चीनी सेना की वेस्टर्न थियेटर के कमांडर झाओ झोंगकी ने डोकलाम विवाद की शुरुआत भी की थी. उन्हें 2016 में कमांडर बनाया गया था. कहा जाता है कि डोकलाम में झटका खाने के बाद झाओ ने गलवान हमले की साजिश रची थी. मौजूदा समय में लद्दाख के इलाके में जो भी कुछ हो रहा है वो झाओ के दिमाग की ही उपज है. झाओ को लद्दाख के इलाकों के गहरी समझ है. उन्होंने इन इलाकों में लंबे समय तक काम किया है.

शी जिनपिंग की निगाहों में खुद करना चाहते हैं साबित
कहा जा रहा है कि गलवान जैसा हमला कर झाओ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की निगाहों में खुद साबित करना चाहते हैं. वो चीनी सेना में अहम पद पर पहुंचने के लिए ये सबकुछ कर रहे हैं. गौरतलब है कि चीनी पक्ष द्वारा पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) से अपने सैनिकों को पूरी तरह हटाने, तनाव कम करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति व स्थिरता की पूर्ण बहाली के लिए आज से नई कोशिश होगी. पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए शुक्रवार को कूटनीतिक स्तर की एक और दौर की वार्ता होने की संभावना है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि विमर्श व समन्वय कार्य तंत्र (WMCC) के ढांचे के तहत भारत और चीन के बीच कूटनीतिक स्तर की एक और दौर की वार्ता जल्द होने की उम्मीद है.



घटनाक्रम से अवगत लोगों ने कहा कि इस कूटनीतिक वार्ता के शुक्रवार को होने की संभावना है. इसमें मुख्य ध्यान पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग त्सो और विवाद के कुछ अन्य बिंदुओ से सैनिकों को तेजी से पीछे हटाने पर केंद्रित होगा.

छह जुलाई से दोनों देशों के सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया जारी
बता दें पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव कम करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच पांच जुलाई को टेलीफोन पर लगभग दो घंटे तक बात हुई थी. इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने छह जुलाई से विवाद वाले स्थानों से अपने-अपने सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी.
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