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कोविड-19: भारत को इस हफ्ते मिल सकता है जायकोव-डी वैक्सीन, दुनिया का पहला DNA आधारित टीका

कोविड-19: भारत को इस हफ्ते मिल सकता है जायकोव-डी वैक्सीन, दुनिया का पहला DNA आधारित टीका

मुंबई में कोरोना-रोधी वैक्सीन की खुराक लेती एक महिला. (पीटीआई फाइल फोटो)

मुंबई में कोरोना-रोधी वैक्सीन की खुराक लेती एक महिला. (पीटीआई फाइल फोटो)

Zydus Cadila Coronavirus Vaccine: जायडस का दावा है कि इसका टीका लक्षण वालों कोरोना वायरस मामलों के खिलाफ 66.6% और मध्यम कोविड-19 के लिए 100% प्रभावी है.

    नई दिल्ली. भारतीय दवा कंपनी जायडस कैडिला (Zydus Cadila) के कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) जायकोव-डी को इस सप्ताह आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिल सकती है. समाचार एजेंसी एएनआई ने सोमवार को यह जानकारी दी. अगर मंजूरी मिल जाती है तो यह कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए दुनिया का पहला डीएनए आधारित टीका होगा.

    अहमदाबाद स्थित दवा कंपनी ने 1 जुलाई को तीन-खुराक वाली डीएनए वैक्सीन, जायकोव-डी के लिए भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) के कार्यालय में आपातकालीन उपयोग के लिए आवेदन किया था. कंपनी ने हाल ही में कहा था कि मंजूरी मिलने के दो महीने के भीतर कंपनी वैक्सीन लॉन्च कर सकती है.

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    जायडस का दावा है कि उसका टीका लक्षण वाले कोरोना वायरस मामलों के खिलाफ 66.6% और मध्यम कोविड-19 के लिए 100% प्रभावी है. कंपनी ने यह भी कहा कि यह टीका 12 से 18 साल के बच्चों के लिए सुरक्षित है. हालांकि, इसके परीक्षण डाटा की अभी तक समीक्षा नहीं की गई है.

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    अगर मंजूरी मिल जाती है तो यह भारत का दूसरा स्वदेशी टीका और देश में इस्तेमाल के लिए अधिकृत होने वाली छठी वैक्सीन होगी. भारत पहले ही जॉनसन एंड जॉनसन, मॉडर्ना, एस्ट्राजेनेका और पार्टनर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बायोटेक एवं रूस के गामालेया इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार टीकों को मंजूरी दे चुका है.

    जायकोव-डी वैक्सीन को जैव प्रौद्योगिकी विभाग और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ साझेदारी में विकसित किया जा रहा है. इसे दो से चार डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जा सकता है और कोल्ड चेन की जरूरत नहीं होगी. इससे देश के किसी भी हिस्से में इसकी खेप आसानी से पहुंचायी जा सकेगी.

    एक बार मंजूरी मिलने के बाद, यह त्वचा और मांसपेशियों के बीच दिया जाने वाला ऐसा टीका (Intra Dermal Vaccine) होगा जिसे विशेष सुई-मुक्त इंजेक्टर के माध्यम से शरीर में लगाया जाएगा. वर्तमान में लाइसेंस प्राप्त कोरोना वायरस टीकों को सामान्य सुई के माध्यम से नसों में लगाया जाता है.

    Tags: Coronavirus, DCGI, Zydus Cadila

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