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  • ZYDUS CADILA TO CREATE 5 CRORE VACCINE BY THE END OF THE YEAR PARTNERSHIP TO BE ANNOUNCED SOON

दूर होगी वैक्सीन की कमी! साल के अंत तक जायडस कैडिला बनाएगी टीके की 5 करोड़ डोज

जायडस-कैडिला की वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत मिलने की स्थिति में वह भी आम लोगों के लिए उपलब्ध हो सकेगी.

Corona Vaccine of Zydus Cadila: दवा निर्माता ज़ायडस कैडिला (Zydus Cadila) दूसरी भारतीय कंपनी है जिसे भारत में वैक्सीन के ट्रायल की अनुमति मिली है. ये कोरोना वायरस के खिलाफ बनने वाली पहली भारतीय डीएनए वैक्सीन होगी. दवा निर्माता इस महीने के अंत तक ट्रायल के परिणाम सौंप देंगे.

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    नई दिल्ली. देश की बड़ी फार्मास्यूटिकल कंपनियों में शामिल जायडस कैडिल ने शुक्रवार को बताया कि वो साल के अंत तक अपनी कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) के 5 करोड़ डोज़ तैयार करने की योजना बना रही है. फिलहाल इनकी कोविड-19 वैक्सीन का भारत में फेज 3 का ट्रायल चल रहा है. दवा निर्माता ज़ायडस कैडिला (Zydus Cadila) दूसरी भारतीय कंपनी है जिसे भारत में वैक्सीन के ट्रायल की अनुमति मिली है.

    ये कोरोना वायरस के खिलाफ बनने वाली पहली भारतीय डीएनए वैक्सीन होगी. दवा निर्माता इस महीने के अंत तक ट्रायल के परिणाम सौंप देंगे. कंपनी के समूह के प्रबंध निदेशक शार्विल पटेल ने सीएनबीसी टीवी 18 से बातचीत में कहा, 'हम अभी तक बिल्कुल वक्त पर चल रहे हैं, एक बार हमें इससे जुड़े डाटा मिल जाएं, जिसके मई के अंत तक मिल जाने की उम्मीद है. जिसमें हमें पता चल जाएगा कि दवा कितनी सुरक्षित है और ये कितनी प्रभावशाली है.'

    साल के अंत तक 5 करोड़ डोज तैयार करने की उम्मीद
    उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि साल के अंत तक हम 5 करोड़ के करीब डोज तैयार कर सकते हैं. और अगर संभव हुआ तो अगले छह महीने में इसे और बढ़ा देंगे. जायडस कैडिला के प्रबंध निदेशक ने बताया कि कुछ और नई सुविधाएं जून तक जुड़ जाएंगी. इस सुविधा के जुड़ने के बाद हम अतिरिक्त डोज़ बनाने में सक्षम हो जाएंगे.

    उन्होंने कहा कि निर्माण क्षमता को बढ़ाने के लिए हम अभी साझेदार भी ढूंढ रहे हैं. जिनके साथ अपनी तकनीक साझा कर सकें और वह कोविड-19 वैक्सीन की अतिरिक्त डोज का निर्माण करें. हमें उम्मीद है कि कुछ हफ्तों में हम अपनी साझेदारी की घोषणा कर देंगे. पटेल ने बातचीत में बताया कि लोगों को ये समझना होगा कि किसी वैक्सीन को ऐसे ही तैयार नहीं किया जा सकता है. इसकी निर्माण प्रक्रिया जटिल होती है, ऐसे में ऐसा निर्माता ढूंढना जो आपके जैसे ही वैक्सीन का निर्माण करता हो थोड़ी मुश्किल प्रक्रिया होती है.

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    कोविड के खिलाफ भारत में बनने वाली पहली डीएनए वैक्सीन
    अहमदाबाद में ज़ायडस वैक्सीन तकनीक केंद्र में विकसित, ZyCoV-D ट्रायल के दौरान सुरक्षित और प्रतिरक्षा में बेहतर पाई गई. ZyCoV-D के साथ ही ज़ायडस कैडिला ने भारत में डीएनए वैक्सीन प्लेटफार्म स्थापित करने में सफलता हासिल कर ली है. इस प्लेटफार्म के ज़रिये निर्माता कम से कम जैव-सुरक्षा ज़रूरतों के अनुसार वैक्सीन का निर्माण कर पाएंगे.

    ज़ायडस का दावा है कि यह वैक्सीन जहां ज्यादा टिकाऊ होगी वहीं इसके स्टोरेज की दिक्कत नहीं होने की वजह से इसे भारत के दूरदराज के इलाकों में आसानी से पहुंचाया जा सकता है. यही नहीं इस प्लेटफार्म के विकसित होने के बाद अगर वायरस आगे खुद को म्यूटेंट करता है तो कम समय में ही वैक्सीन को संशोधित किया जा सकता है.
    Published by:Ashu
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