तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद पहली बार सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पी. चिदंबरम की सिब्‍बल-सिंघवी से हुई बहस

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद पहली बार आज बतौर अधिवक्‍ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे.

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद पहली बार आज बतौर अधिवक्‍ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आईएनएक्‍स मीडिया केस (INX Media Case) में कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व वित्‍त मंत्री पी. चिदंबरम (P Chidambaram) की जमानत मंजूर की थी. 4 दिसंबर को 106 दिन तिहाड़ जेल (Tihar jail) में बिताने के बाद रिहा हुए चिदंबरम 5 दिसंबर को शीतकालीन सत्र में हिस्‍सा लेने के लिए संसद भी पहुंचे थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 11, 2019, 6:20 PM IST
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नई दिल्‍ली. कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम (P Chidambaram) आईएनएक्‍स मीडिया केस में 106 दिन बाद तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद आज पहली बार बतौर अधिवक्‍ता सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंचे. चिदंबरम घरेलू हिंसा और तलाक के एक मामले की पैरवी करने के लिए शीर्ष अदालत पहुंचे थे. मामले में उन्‍हें वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) और कपिल सिब्‍बल (Kapil Sibbal) से बहस करनी थी. बता दें कि सिब्‍बल और सिंघवी ने ही आईएनएक्‍स मीडिया केस (INX Media Case) में चिदंबरम को जमानत दिलाने के लिए पैरवी की थी.

4 दिसंबर को जेल से रिहा होने के बाद 5 को पहुंचे थे संसद

पूर्व वित्‍त व गृह मंत्री पी. चिदंबरम 4 दिसंबर को जमानत पर तिहाड़ जेल (Tihar Jail) से रिहा हुए थे. इसके बाद उन्‍होंने 5 दिसंबर को संसद के शीतकालीन सत्र में हिस्‍सा लिया था. जेल से रिहा होने पर चिदंबरम ने कहा था कि 106 दिन बाद खुली हवा में सांस लेकर उन्‍हें अच्‍छा लग रहा है. इससे पहले उन्‍होंने कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से उनके आवास पर मुलाकात की थी. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्‍ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के फैसले को खारिज करते हुए उनकी जमानत (Bail) मंजूर की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत मंजूर करते हुए दी थीं कई हिदायतें
सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम को जमानत देते हुए हिदायत दी थी कि वह सबूतों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की कोशिश नहीं करेंगे. साथ ही गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे. इसके अलावा निर्देश दिया कि वह इस मामले पर मीडिया को कोई इंटरव्‍यू नहीं देंगे. कोर्ट ने उन्‍हें 2 लाख रुपये के निजी मुचलके और 2-2 लाख के दो जमानतियों के आधार पर जमानत दी. मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा ये मामला साल 2007 का है और आईएनएक्‍स मीडिया कंपनी से जुड़ा है. इसकी डायरेक्टर शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी और उसके पति पीटर मुखर्जी थे. मामले में ये दोनों भी आरोपी हैं.



आईएनएक्‍स मीडिया हाउस को फायदा पहुंचाने का है आरोप

आरोपों के मुताबिक पी. चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए रिश्वत लेकर आईएनएक्‍स मीडिया हाउस को 305 करोड़ रुपये का फंड लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIPB) से मंजूरी दिलाई थी. इस प्रक्रिया में जिन कंपनियों को फायदा हुआ, उन्हें चिदंबरम के सांसद बेटे कार्ति चलाते हैं. सीबीआई ने 15 मई, 2017 को इस मामले में केस दर्ज किया था. ईडी ने भी 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया. कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने इंद्राणी की कंपनी के खिलाफ टैक्स का एक मामला खत्म कराने के लिए अपने पिता के रुतबे का इस्तेमाल किया.

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