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दक्षिण अफ्रीका को पटखनी दे सेंचुरियन टेस्‍ट में पूरी हुई भारत की वर्षों पुरानी ख्वाहिश

भारत ने 113 रन से मेजबान को पटखनी देकर सेंचुरियन में वर्षों पुरानी ख्‍वाहिश पूरी कर ली. सुपर स्पोर्ट पार्क में भारत के लिए लोकेश राहुल का शतक बेहद यादगार रहा. भारत के लिए सीनियर क्रिकेटरों की तरह अलावा जूनियर खिलाड़ियों ने जलवा बिखेरते हुए यूएई में चल रहे अंडर- 19 एशिया कप में शानदार जीत दर्ज की. वहीं,  भारत ने नेत्रबाधितों की टी-20 और वनडे सीरीज में बांग्लादेश को एकतरफा मुकाबले में 3-0 के समान अंतर से हरा दिया. हिमाचल प्रदेश ने पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी वनडे प्रतियोगिता का खिताब जीत लिया है. घरेलू क्रिकेट की अंडर-19 की कूच बिहार ट्रॉफी का लीग चरण कल ही समाप्त हुआ है.

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    नमस्कार, सप्ताह भर की क्रिकेट सरगर्मियों को समेटे इस साप्ताहिक पॉडकास्ट के साथ मै हूँ संजय बैनर्जी, सुनो दिल से.

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    दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय टीम से जिस शुरुआत की उम्मीद की जा रही थी उसे कोहली की टीम ने कर दिखाया. सेंचुरियन में वर्षों से भारत की ख्वाहिश थी कि इस मैदान पर मेजबान को पटखनी दे और आखिरकार कल समाप्त हुए पहले टेस्ट में भारत ने 113 रन से मुकाबला जीतकर इसे अंजाम दे दिया. विराट कोहली का बल्ला भले ही न चला हो लेकिन उन्होंने साबित कर दिया है कि कप्तानी में अब भी उनका कोई मुकाबला नहीं. रवि शास्त्री की जगह राहुल द्रविड के कोच के रूप में आने से टीम की किलर स्टिंक्ट और बढ़ी है. दूसरा दिन पूरी तरह बारिश की भेंट चढ जाने और विकेटों के पतझड़ के बीच भारत ने यह मुकाबला न केवल बल्लेबाजों, बल्कि गेंदबाजों के बेहतरीन इसमे कोई शक नहीं.

    सेंचुरियन में पहली बार भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराया है और इससे क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदें और भी बढ़ गयी हैं. भारत कभी भी दक्षिण अफ्रीका में सीरीज नहीं जीत सका, ऐसे में साल के अंत में मिली यह जीत अगले साल के आरंभ में टॉनिक का काम कर सकती है. हो सकता है भारत तीन जनवरी से जोहांसबर्ग में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में ही सीरीज जीतने का नया इतिहास भी बना दे.

    सुपर स्पोर्ट पार्क में भारत के लिए लोकेश राहुल के शतक को हमेशा याद रखा जाएगा, उन्ही 123 रन की पारी की बदौलत भारत ने जीत की नींव रखी. मयंक अग्रवाल के साथ शतकीय साझेदारी के बाद अजिंक्य रहाणे और कुछ हद तक विराट कोहली के योगदान के बाद भारत ने 327 रन का स्कोर खड़ा किया. दूसरे दिन की बारिश के बाद तीसरे दिन से पिच का रुख अचानक ही बदल जाने से गेंदबाजों की पौ बारह हो गयी.

    रन कम बनते रहे पर विकेट लगातार गिरते रहे. एनगिडी और रबाडा और फिर टेस्ट डेब्यू करने वाले मार्को यानसेन की गेंदों पर भारतीय बल्लेबाज आते और जाते रहे. लेकिन यह सिलसिला आगे भी कायम रहा. मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और आर. अश्विन ने मिलकर दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी को नतमस्तक होने के लिए मजबूर कर दिया. शमी ने मैच में आठ विकेट हासिल कर टेस्ट क्रिकेट मे अपनी सार्थकता साबित कर दी. सबसे बढकर बुम-बुम बुमराह के समय पर विकेट निकाल लेने की क्षमता ने भारत की जीत में बड़ा योगदान किया.

    पहले टेस्ट के दौरान मोहम्मद शमी ने जहां टेस्ट क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे किए वही जसप्रीत बुमराह भी विदेशी सरजमीं पर केवल 22 टेस्टों में सबसे तेज 100 विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बने. साथ ही ऋषभ पंत ने भी टेस्ट क्रिकेट में विकेट के पीछे 100 शिकार पूरे किये.

    भारत के लिए यह जीत इस मायने में काफी महत्व रखती है, क्योंकि इसने सभी ‘सेना’ देशों यानि साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया के खिलाफ एक ही साल में 2018 के बाद पहली बार जीत हासिल की है. आपको याद होगा कि भारत ने इसी साल आस्ट्रेलिया के खिलाफ उसी की धरती पर पहले ड्रॉ खेलने के बाद अगले टेस्ट में गाबा में मेजबान को हराया था. फिर इंग्लैंड को लार्ड्स और ओवल दोनों में पीटा और कीवियों को अपनी धरती पर भी हराया था. एक तरह से भारत ने साल की शुरुआत जीत से और अंत भी जीत से की है.

    इतना कुछ होने के बावजूद अब भी कुछ सवाल सामने हैं. विराट कोहली का बल्ला कब बोलेगा. लगभग डेढ दशक बाद वह भारत के पहले कप्तान हैं जिनके बल्ले से पूरे साल एक भी शतक नहीं निकला है. चेतेश्वर पुजारा का योगदान एक बार फिर टीम को नहीं मिल सका. इसके अलावा पहली पारी के 48 रन को छोड़ दें तो भी अजिंक्य रहाणे के फॉर्म को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं.

    इसके बावजूद एक बड़ी खासियत इन दोनों को टीम के साथ जोड़े रखने का भी है-वह यह कि जब से कोहली कप्तान बने हैं भारत ने जब भी सेना देशों में जीत हासिल की है-हर बार दोनों ही टीम के सदस्य रहे हैं. तो क्या दोनों को इसी आधार पर टीम में रखा जाना चाहिए या फिर अगले कुछ मैचों में दूसरे को मौका दिया जा सकता है.

    कोच राहुल द्रविड अलग तरीके से सोचते हैं इसलिए कुछ भी हो सकता है. इस जीत को द्रविड के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखना चाहिए. द्रविड ने अपना पहले टेस्ट शतक साउथ अफ्रीका में ही लगाया था. भारत को वहां पहली जीत भी उन्होंने ही दिलाई थी और अब कोच के रूप में उनकी पहली जीत भी सामने है.

    भारत के लिए सीनियर क्रिकेटरों के अलावा जूनियर खिलाड़ियों ने भी जीत का जलवा बिखेरा है. यूएई में चल रहे अंडर- 19 एशिया कप में आज भारत और श्रीलंका के बीच खिताबी मुकाबला खेला जा रहा है. इससे पहले भारत ने कल सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 103 रन से हराया था. इस मैच में भारत के लिए शेख रशीद ने नाबाद 90 रन की पारी खेली. भारत के 243 के जवाब में बांग्लादेश को 140 रन पर समेटने में गेंदबाजों ने अहम किरदार निभाये. भारत के छह गेंदबाजों ने मोर्चा संभाला और सभी ने कुछ न कुछ विकेट अपने नाम किये.

    दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 22 रन से हराया. असल में टूर्नामेंट में अब तक खेले गये चार मैचों में भारत को एकमात्र हार पाकिस्तान के खिलाफ ही मिली है जिसने आखिरी गेंद पर चौका लगाकर जीत हासिल की थी.

    उधर भारत ने नेत्रबाधितों की टी-20 और वनडे सीरीज में बांग्लादेश को एकतरफा मुकाबले में 3-0 के समान अंतर से हरा दिया. भोपाल में परसो खेला गया तीसरा वनडे दिलचस्प रहा जिसमें भारत के लिए दुर्गा राव और कप्तान सुनील रमेश ने शतकीय पारी खेली-जिससे भारत ने 466 रन का स्कोर केवल 40 ओवर में खड़ा कर लिया था.

    इस बीच नेत्रबाधितों के लिए खुशी की खबर है कि उनके लिए भी आईपीएल की तर्ज पर फरवरी में लीग का आयोजन होगा जिसमें विदेशी खिलाड़ी भी खेलेंगे. इसके लिए सात जनवरी को आॅक्शन होंगे.

    हिमाचल प्रदेश ने पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी वनडे प्रतियोगिता का खिताब जीत लिया है. भारतीय घरेलू क्रिकेट मे इस साल सीनियर खिलाड़ियों की यह आखिरी बड़ी प्रतियोगिता थी. फाइनल में हिमाचल प्रदेश ने तमिलनाडु को पराजित किया.  हिमाचल के लिए फाइनल में शुभम अरोड़ा ने शतक जमाया. वैसे तमिलनाडु के लिए दिनेश कार्तिक ने भी सैकड़ा जमाया.

    इससे पहले सेमीफाइनल तमिलनाडु ने सौराष्ट्र को और हिमाचल प्रदेश ने सर्विसेज को 77 रन से शिकस्त दी थी. विजय हजारे टूर्नामेंट में इस बार महाराष्ट्र नॉकआउट में नहीं पहुंचा लेकिन उसके रुतुराज गायकवाड ने सबसे ज्यादा 603 रन बनाये जिसमें चार शतक भी शामिल थे. विदर्भ के यश ठाकुर ने सबसे ज्यादा 18 विकेट लिये. लेकिन सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया हिमाचल प्रदेश के ऋषि धवन ने, जिन्होंने 458 रन बनाने के अलावा 17 विकेट भी लिये.

    घरेलू क्रिकेट की अंडर-19 की कूच बिहार ट्रॉफी का लीग चरण कल ही समाप्त हुआ है. इसमें विभिन्न ग्रुपों में झारखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, बंगाल, हरियाणा और अरुणाचल प्रदेश ने शीर्ष स्थान हासिल किया है. ट्रॉफी का नॉक आउट चरण चार जनवरी से प्री क्वार्टर फाइनल के रूप में शुरू होगा.

    और अंत में 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के प्रदर्शन पर एक नजर. इस साल भारत ने 14 टेस्टों में से आठ जीते और तीन ड्रॉ किये. आर. अश्विन ने साल में सबसे ज्यादा 54 विकेट लिये. इसके अलावा अक्षर पटेल ने 36, सिराज ने 31 और बुमराह ने 30 विकेट अपने नाम किये. बल्लेबाजी में रोहित शर्मा ने जो रूट के बाद सबसे ज्यादा 906 रन बनाये. वनडे और टी-20 में व्यक्तिगत प्रदर्शन ज्यादा उल्लेखनीय नहीं रहा.

    वैसे भारत ने वनडे में छह में से चार मैच जीते जबकि टी-20 में 16 मैचों में 10 जीते और छह मैच हारे हैं. सबसे बड़ी कसक यह रही कि भारत न तो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीत सका और न ही टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुंच सका.

    इस बीच आईसीसी ने अश्विन को टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर और स्मृति मंधाना को वूमेन  टी-20 प्लेयर ऑफ द ईयर अवार्ड के नामित खिलाड़ियों में शामिल किया है.

    बहरहाल स्वागत कीजिए नये साल का, इस उम्मीद के साथ कि भारतीय क्रिकेट और ऊंचाई पर होगा. आप सभी को नये साल की बधाई॥

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    तो यह था, हफ्ते भर की क्रिकेट सरगर्मियों पर आधारित हमारा सापताहिक पॉडकास्ट- सुनो दिल से . अगले हफ्ते फिर मिलेंगे, हर साल की तरह नए साल मे भी चलते रहिए न्यूज़ 18 के साथ, अनुमति  दीजिए संजय बैनर्जी को नमस्कार

    Tags: BCCI, Cricket news, Ind vs sa, India vs South Africa, KL Rahul, Team india, Virat Kohli

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