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जेल से निकलकर एक दिन घर में बिताया पूर्व सीएम कोड़ा ने

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा पर चार हजार करोड़ रुपए की काली कमाई के आरोप है। अब उनपर एक आरोप और है कि एक दिन वो जेल की कैद से फरार रहें।

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    रांची/नईदिल्ली। रांची की जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा अभी भी रसूखदार हैं। इतने रसूखदार कि वो तिहाड़ जेल से निकलकर रांची जेल तक पहुंचने में भी एक दिन फरार रह सकते हैं। गायब रह सकते हैं। गायब रहने का बाकायदा जुगाड़ कर सकते हैं। और हैरानी की बात ये है कि न तो तिहाड़ जेल को इस बारे में कुछ पता है और ना ही रांची जेल को। यही नहीं जेल के तमाम नियमों को तोड़कर वो अपनी पत्नी के साथ एसी फर्स्ट क्लास में यात्रा भी कर सकते हैं। आईबीएन7 आपके सामने ला रहा है एक सनसनीखेज रिपोर्ट।

    झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा पर चार हजार करोड़ रुपए की काली कमाई के आरोप है। अब उनपर एक आरोप और है कि एक दिन वो जेल की कैद से फरार रहें। वो इसी महीने की आठ सितंबर को दिल्ली की तिहाड़ जेल से झारखंड पुलिस के पांच जवानों के साथ निकले रांची जेल जाने के लिए लेकिन पहुंचे दो दिन बाद यानि दस सितंबर को। यानि पूरे एक दिन झारखंड पुलिस के पांच जवानों के साथ वो लापता रहें। हम आपको आईबीएन7 के खुफिया कैमरे में कैद वो तस्वीरें हैं जो है 9 सितंबर की। जब वो दिल्ली से रांची की ट्रेन में सवार हुए। हैरान हो जाएंगे आप जानकर कि वो ट्रेन कि फर्स्ट क्लास कि बोगी में अपनी पत्नी के साथ बैठे थे। यानि उन्होंने तिहाड़ जेल से आठ सितंबर को निकलकर रांची की ट्रेन नहीं पकड़ी बल्कि एक दिन बाद 9 सितंबर को वो ट्रेन में बैठे।

    ये सवाल बेहद अहम है। तिहाड़ से निकलकर आखिर एक दिन तक 4000 करोड़ की अवैध संपत्ति के मालिक कोड़ा कहां रहे। उनके साथ मौजूद पांच पुलिस वाले उन्हें लेकर कहां गए। वो रांची एक दिन बाद क्यों पहुंचे। इस एक दिन को जेल मैनुअल के हिसाब से हम फरारी कह सकते हैं। यानि एक दिन कोड़ा फरार रहे। आखिर क्यों।

    असल में सांसद मधु कोड़ा दिल्ली संसद के मानसून सत्र में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। उन्हें कोर्ट ने इजाजत दी थी। रांची जेल से उन्हें दिल्ली के तिहाड़ जेल लाया गया था। आठ सितंबर को तिहाड़ जेल ने उन्हें रांची पुलिस के हाथों सौंप दिया। लेकिन इसके बाद वो कहां गए। कहां रुके। फौरन रांची के लिए रवाना क्यों नहीं हुए इस बारे में तिहाड़ जेल को कुछ नहीं पता है। तिहाड़ का कहना है कि जेल से निकलने के बाद कोड़ा उनकी जिम्मेदारी नहीं हैं। कोड़ा 9 सितंबर को रांची न पहुंचकर दस को क्यों पहुंचे। उन्होंने रांची की ट्रेन एक दिन बाद क्यों पकड़ी। इस सवाल का जवाब तलाश करने के लिए आईबीएन7 की टीम पहुंची रांची जेल। लेकिन वहां हम और हैरान हो गए। जब रांची जेल प्रशासन ने हमसे ये कहा कि उसे तो पता ही नहीं है कि तिहाड़ ने कोड़ा को आठ सितंबर को छोड़ा। उसके पास तो ऐसी कोई सूचना ही नहीं है।

    रांची जेल के सुपरिटेंडेंट ने बताया कि उन्हें कोड़ा के लाने वाले पुलिस कर्मियों ने ये कहा कि वो एक दिन तक स्टेशन के रिटायरिंग रूम में रहे। रूम नंबर था बीस। विश्राम कक्ष नंबर है 501032। इस कमरे का पैसा भी चुकाया गया था। लेकिन हैरानी की बात है कि इसकी रसीद पर कोई तारीख नहीं है। रांची जेल के प्रशासन के पास 9 सितंबर को कोड़ा की दिल्ली से रांची तक ट्रेन यात्रा का टिकट है। लेकिन यही टिकट इस बात का शक भी पैदा करता है कि असल में मधु कोड़ा को एक दिन तक जेल से गायब करने की बकायदा साजिश रची गई। कोड़ा ने 9 सितंबर को जिस टिकट पर नई दिल्ली रांची राजधानी ट्रेन में यात्रा की थी वो पांच सितंबर की सुबह करीब सवा 11 बजे खरीद लिया गया था। इसका पीएनआर नंबर 2554325192 है। कोड़ा समेत छह आदमी थे इस टिकट पर। क्लास है बी थ्री।

    सवाल ये कि अगर आठ तारीख को कोड़ा को रांची के लिए कोई ट्रेन पकड़नी ही नहीं थी तो उन्हें तिहाड़ से झारखंड पुलिस ने निकाला क्यों। वो स्टेशन क्यों गए। वहां के रिटारिंग रूम में क्यों रुके। क्या ये कोडा़ को एक दिन के लिए जेल से आजादी दिलाने की साजिश नहीं है?
    कोड़ा के साथ झारखंड पुलिस के पांच जवान मौजूद थे
    1. विनय चंद्र
    2. बंधना औरौन
    3. संजय सिंह
    4.समीर कुमार
    5.ऋषिकेश कुमार
    क्या इन्हें पता है कि आखिर कोड़ा एक दिन तक कहां थे।
    आईबीएन7 की ये सनसनीखेज तफ्तीश देश के कानून व्यवस्था की पोल खोलती है। दिखाती है कि किस तरह रसूखदार लोग अपने फायदे के लिए तमाम जुगाड़ कर लेते हैं। 4000 हजार करोड़ रुपए की काली कमाई के आरोपी झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री यही नहीं रुके। अभी तो उन्होंने अपनी रेल यात्रा में भी खास जुगाड़ कर रखा था। 9 तारीख को वो नई दिल्ली रांची राजधानी ट्रेन के एसी थ्री कोच बीथ्री में सवार तो हुए। लेकिन उनकी मंजिल थी ट्रेन की एसी फर्स्ट क्लास की बोगी। जहां उनकी पत्नी उनका इंतजार कर रही थी।

    जेल के नियमों के मुताबिक कोड़ा का रिजर्वेशन एसी थ्री में करवाया गया था। लेकिन तमाम नियमों को धता बताते हुए वो ट्रेन के एसी फर्स्ट क्लास के डिब्बे में अपनी पत्नी के साथ बैठे। इस यात्रा में उनका एक सहयात्री यूपी का एक सांसद भी था। ये सीधा-सीधा कानून और नियमों का उल्लंघन है। नियमों के मुताबिक कोड़ा वीआईपी कैदी होने के वजह से सिर्फ एसी थ्री तक की यात्रा के हकदार हैं। लेकिन आईबीएन7 के खुफिया कैमरे में कैद सच। वो रांची राजधानी के एसी फर्स्ट क्लास के डिब्बे में बैठे हैं। वो भी बिना टिकट। क्योंकि उनका टिकट एसी थ्री के बी3 बोगी का है।

    कोड़ा- कहां से हैं आप?
    रिपोर्टर- दिल्ली से हूं सर.
    कोड़ा- दिल्ली में क्या करते हैं?
    रिपोर्टर- छोटा-मोटा काम है प्रॉपर्टी का.
    कोड़ा- प्रॉपर्टी डीलिंग करते हैं?
    रिपोर्टर- जी
    कोड़ा- कहां?
    रिपोर्टर- नोएडा...गाजियाबाद
    कोड़ा- इधर कहां से आ रहे हैं?
    रिपोर्टर- रांची
    कोड़ा- रांची से

    खुफिया कैमरा लिए हुए रिपोर्टर कोड़ा से प्रॉपर्टी डीलर के तौर पर मिला। एसी फर्स्टक्लास के बाहर कोड़ा के सुरक्षाकर्मी भी थे। असल में कोड़ा का इसी ट्रेन के एसी थर्ड क्लास यानि बी थ्री डिब्बे में रिजर्वेशन हुआ था। आईबीएन7 के पास वो चार्ट मौजूद है। ये रिजर्वेशन कोड़ा को रांची जेल तक पहुंचाने वाले एक हवलदार ने पांच सितंबर को करवाया था। मालूम हो कि एसी फर्स्ट क्लास का रिजर्वेशन सिर्फ गीता कोड़ा के नाम पर है। एक बार फिर ये भी सुन लीजिए कि कोड़ा तमाम नियम कायदों को तोड़कर इस डिब्बे में बैठने आए हैं।
    रिपोर्टर- सर कभी आप से मिलना हो तो कैसे मुलाकात होगी, रांची में रहते हैं क्या आप?
    कोड़ा- रांची में मुलाकात होगी सेंट्रल जेल में, बाहर तो मुलाकात होगी नहीं।
    रिपोर्टर- सर आप बुला लिजिएगा अगर आएं तो।
    कोड़ा- आप आइएगा वहां पर...वहां का जेल प्रशासन है...वहां अगर मिलना हो तो देखना पड़ेगा।
    कोड़ा का साथी- मुलाकात होगा तो खुद करा देंगे।
    कोड़ा- मुलाकात की कोई फिक्र नहीं है, आप बता दें अगर तो मुलाकात हो ही जाती है।

    रिपोर्टर से बातचीत में कहा कि वो जेल में मोबाइल नहीं रख सकते। क्या उन्हें ये नहीं पता है कि वो जेल मैन्यूअल के हिसाब से एसी फर्स्टक्लास में यात्रा भी नहीं कर सकते। कोड़ा को एसी थ्री के बी थ्री कूपे में होना चाहिए था। लेकिन देखिए उन्होंने कैसे गैरकानूनी यात्रा की।
    सवाल ये है कि आखिर कोड़ा के साथ मौजूद पुलिस वालों ने कोड़ा को एसी थ्री से एसी फर्स्ट क्लास में आने कैसे दिया। उन्हें रोका क्यों नहीं। सवाल ये भी है कि आखिर टीटी ने कोड़ा को एसी फर्स्ट क्लास में किस आधार पर बिठाया। उनसे टिकट के बारे में क्यों नहीं पूछा। और अगर कोड़ा एसी फर्स्ट क्लास में टिकट लेकर सफर कर रहे थे तो वो किसके नाम से था। जाहिर है वो पूर्व मुख्यमंत्री हैं और रसूखदार हैं और जब कोई रसूखदार पूर्व मुख्यमंत्री जेल में रहता है, जेल से आता जाता है तो कहीं न कहीं वो अपने कायदे कानून तय करता है, बनाता है औऱ तोड़ता है मरोड़ता है। फिर भले ही वो घोटाले में फंसा है, फिर भले ही उसके सिर पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी का इल्जाम हो। ये हिंदुस्तान है।

    (स्टिंग ऑपरेशन वीडियो में देखें।)

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