वर्तमान और पूर्व सांसद भी कूद गए हैं यूपी के रण में!

वर्तमान और पूर्व सांसद भी कूद गए हैं यूपी के रण में!
उत्तर प्रदेश में आगामी आठ फरवरी से तीन मार्च तक सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव का आकर्षण कुछ इस कदर है कि कुछ वर्तमान और पूर्व सांसद पहली बार राज्य के निचले सदन में जाने के लिये मैदान में उतर गये हैं।

उत्तर प्रदेश में आगामी आठ फरवरी से तीन मार्च तक सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव का आकर्षण कुछ इस कदर है कि कुछ वर्तमान और पूर्व सांसद पहली बार राज्य के निचले सदन में जाने के लिये मैदान में उतर गये हैं।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी आठ फरवरी से तीन मार्च तक सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव का आकर्षण कुछ इस कदर है कि कुछ वर्तमान और पूर्व सांसद पहली बार राज्य के निचले सदन में जाने के लिये मैदान में उतर गये हैं।

भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य कलराज मिश्र, समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद आनंद सिंह, बीजेपी के पूर्व सांसद छत्रपाल सिंह और सच्चिदानंद हरिसाक्षी महाराज के अभी तक विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा था लेकिन इस बार देश के सबसे बड़े विधानसभा में बैठने के मोह से यह खुद को अलग नहीं रख पाये हैं।

कलराज मिश्र के राज्यसभा का कार्यकाल आगामी मार्च में खत्म हो रहा है। वह राज्य में पार्टी के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष भी हैं। बीजेपी के पूरे राज्य में प्रचार की जिम्मेवारी भी है लेकिन पार्टी ने उन्हें लखनऊ पूर्वी सीट से प्रत्याशी बनाया है। मिश्र राज्य सभा और उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे हैं।



उन्होंनें अभी तक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा है। वह सबसे पहले 1978 में राज्यसभा के लिये चुने गये थे। इसके बाद 2001 तथा 2006 में उन्हें राज्यसभा के लिये चुना गया।
बीजेपी के लिये लखनऊ पूर्वी सीट काफी सुरक्षित मानी जा रही है। मिश्र का कांग्रेस के रमेश श्रीवास्तव और समाजवादी पार्टी की जूही सिंह से मुकाबला है। रमेश श्रीवास्तव लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे हैं तो जूही सिंह विवादास्पद पूर्व नौकरशाह अखंड प्रताप सिंह की पुत्री हैं। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के प्रत्याशी के.के.त्रिपाठी हैं।

गोंडा के मनकापुर राज घराने के आनंद सिंह एसपी के प्रत्याशी हैं। वह गोंडा सीट से 1971, 1980, 1984 और 1989 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। सिंह के पुत्र कीर्तिवर्धन सिंह ने एसपी के टिकट पर 1998 और 2004 में लोकसभा चुनाव जीता। लोकसभा के लिए 2009 में हुए चुनाव के पहले दोनों पिता पुत्र बीएसपी में शामिल हो गये लेकिन एसपी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के आग्रह पर वह पिछले साल एसपी में चले आये। आनंद सिंह इस बार गोंडा की परिसीमन के बाद बनी गौरा सीट से एसपी के प्रत्याशी हैं। वह पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

बीजेपी के टिकट पर बुलंदशहर विधानसभा सीट से छत्रपाल सिंह भी पहली बार मैदान में हैं। उन्होंने बीजेपी के टिकट पर 1991, 1996, 1998 और 1999 में बुलंदशहर सीट से लोकसभा का चुनाव जीता था। लोकसभा के लिये 2004 के चुनाव में पार्टी ने उनकी जगह कल्याण सिंह को इस सीट से प्रत्याशी बनाया। बीजेपी ने इसके एवज में उन्हें राज्यसभा में भेजा।

सच्चिदानंद हरिसाक्षी महाराज भी फर्रुखाबाद लोकसभा सीट 1996 और 1998 में हुए चुनाव में बीजेपी के टिकट पर जीत चुके हैं। वह बाद में एसपी में शामिल हो गये और 1999 का लोकसभा चुनाव इसी पार्टी के टिकट पर लड़ा। एसपी अध्यक्ष ने 2000 में उन्हें राज्यसभा में भेजा। अब बीजेपी में हैं और मैनपुरी जिले की भोगांव सीट से पार्टी के प्रत्याशी हैं।

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