लाइव टीवी

छठे चरण में राज बब्बर और अजीत सिंह की अग्नि परीक्षा

वार्ता
Updated: February 24, 2012, 8:47 AM IST

छठें चरण में आगरा में होने वाले विधानसभा चुनाव में आरएलडी के मुखिया अजीत सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है तो कांग्रेस सांसद व फिल्म स्टार राजबब्बर के दमखम की भी परीक्षा होना है।

  • Share this:
आगरा। यूपी विधानसभा चुनाव के छठें चरण में आगरा में होने वाले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के मुखिया अजीत सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है तो कांग्रेस सांसद व फिल्म स्टार राजबब्बर के दमखम की भी परीक्षा होना है।

कांग्रेस के स्टार प्रचारक राज बब्बर ने राहुल गांधी के सपनों को साकार करने के लिए इस बार आगरा मंडल में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। समाजवादी पार्टी (एसपी) में अमर सिंह के मतभेद के चलते राजबब्बर ने एसपी का साथ छोड़ 2007 में कांग्रेस का हाथ थामा और फिरोजाबाद सीट पर प्रतिष्ठा की लड़ाई में कांग्रेस को अप्रत्याशित जीत दिलवाई।

आगरा की नौ सीटों पर इस बार के चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और समाजवादी पार्टी (एसपी) के बीच रोचक जंग होने के आसार नजर आ रहे हैं तो कहीं कहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस-आरएलडी गठबंधन के उम्मीदवार चुनाव मैदान में ताल ठोक कर चुनावी गणित को बिगाड़ने में जुटे हुए हैं। बीएसपी ने पिछले चुनाव में मेरठ जिले की सात में से चार सीटें हस्तिनापुर (सु), सरधना, खरखौदा और सिवालखास जीती थीं। बची तीन सीट में किठौर से एसपी, मेरठ कैंट से बीजेपी और मेरठ शहर से निर्दलीय हाजी याकूब निर्वाचित हुए थे। हाजी याकूब बाद में बीएसपी में शामिल हो गये।

परिसीमन के बाद इस बार खरखैदा सीट खत्म हो गई है इसलिए बीएसपी ने किठौर सीट से लखीराम नागर को उम्मीदवार बनाया है। एसपी के जीते शाहिद मंजूर इस बार भी प्रत्याशी हैं। यहां बीजेपी के साथ तिकोना मुकाबला है। बीजेपी ने जयपाल सिंह को मैदान में उतारा है।

हस्तिनापुर (सु) सीट से बीएसपी ने इस बार जीते विधायक योगेश वर्मा को टिकट नहीं दिया लिहाजा वह पीस पार्टी के उम्मीदवार हैं। बीएसपी ने प्रशान्त गौतम को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर मुख्य मुकाबला एसपी के प्रभुदयाल और कांग्रेस आरएलडी गठबंधन के गोपाल काली के बीच है।

सरधना सीट पर बीएसपी के वर्तमान विधायक चन्द्रवीर सिंह फिर से मैदान में हैं। उनको बीजेपी के ठाकुर संगीत सोम और बीएसपी छोड़ आरएलडी में आए हाजी याकूब कड़ी चुनौती दे रहे हैं। मेरठ कैंट सीट पर बीजेपी के जीते विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल की सीधी टक्कर बीएसपी के सुधीर कुमार बाधवा से मानी जा रही है।

मेरठ शहर सीट पर बीएसपी ने मुम्बई के व्यवसायी सलीम अंसारी को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी के लमीकांत वाजपेयी और हाजी याकूब के भाई और कांग्रेस प्रत्याशी युसूफ कुरैशी के बीच है।सिवालखास सीट पर बीएसपी के विनोद कुमार हरित पिछले चुनाव में जीते थे, इस बार यह सीट सामान्य हो गई है। बीएसपी ने इस बार जगत सिंह को मैदान में उतारा है जिनका मुख्य मुकाबला आरएलडी छोड़ बीजेपी में आए समरपाल सिंह से है। मेरठ जिले में नई बनी सीट मेरठ दक्षिण से बीएसपी ने पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के भाई राशिद अखलाक को टिकट दिया है।

बागपत की सभी चार सीटों पर आरएलडी ने जीत दर्ज की थी। यह अजित सिंह के प्रभाव वाला जिला है। इस बार बरनावा और खेकड़ा सीट परिसीमन के बाद खत्म हो गई है जबकि बड़ौत नई सीट बनी है।

बागपत सीट से बीएसपी विधायक प्रशान्त चौधरी की पत्नी हेमलता व आरएलडी से कोकब हमीद प्रत्याशी हैं। छपरौली सीट से बीएसपी ने जाट बिरादरी के देवपाल शास्त्री को टिकट दे आरएलडी के सामने कड़ी चुनौती पेश की है। नई बनी बड़ौत सीट से बीएसपी के लोकेश दीक्षित प्रत्याशी हैं।

बुलंदशहर जिले की आठ में बीएसपी ने छह सीटें जीती थीं। खुर्जा से अनिल कुमार, डिबाई से भगवान शर्मा, अनूपशहर से गजेन्द्र सिंह, बुलंदशहर से अलीम खान, शिकारपुर (सु) से वासुदेव सिंह व सिकन्दराबाद से वेदराम भाटी चुनाव जीते थे। स्याना और अगोता से बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। वेदराम भाटी को इस बार गौतमबुद्धनगर की जेवर सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।

जेवर सीट पिछली बार सुरक्षित थी और बीएसपी के होराम चुनाव जीते थे इस बार उन्हें खुर्जा से टिकट दिया गया है। डिबाई सीट से जीते भगवान शर्मा पार्टी से निकाले जाने के बाद इस बार एसपी के उम्मीदवार हैं। अनूप शहर सीट पर बीएसपी ने वर्तमान विधायक गजेन्द्र सिंह पर भरोसा जताया है। बुलंदशहर सीट से बीएसपी ने वर्तमान विधायक अलीम खान को फिर से उतारा है।

गाजियाबाद जिले में पांच में बीएसपी ने दो सीट जीती थी। मोदीनगर से राजपाल सिंह और हापुड़ से धर्मपाल सिंह ने जीत दर्ज की थी। मुरादनगर सीट से जीते निर्दलीय राजपाल त्यागी बाद में बीएसपी में शामिल हो गये थे। राजपाल त्यागी को मायावती ने मंत्री भी बनाया था लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप के कारण उन्हें हटा दिया गया। राजपाल त्यागी इस बार एसपी के प्रत्याशी हैं।

परिसीमन के बाद इस बार लोनी, साहिबाबाद और धौलाना का गठन हुआ है। गौतमबुद्धनगर जिले की दोनों सीटें पिछले चुनाव में बीएसपी की झोली में गई थी। परिसीमन के बाद इस बार नोएडा नई सीट बनी है। बीएसपी ने जेवर से वेदराम भाटी, दादरी से सतवीर सिंह गुर्जर और नोएडा से ओमदत्त को प्रत्याशी बनाया है।

बीजेपी इस बार बिना गठबंधन के चुनाव लड़ रही है। पिछला चुनाव आरएलडी के साथ गठबंधन के तहत लड़ा गया था। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल जनता दल (यू) भी इस बार साझेदार नहीं है इसलिए पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पॉलिटिक्स से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 24, 2012, 8:47 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर