CMO मर्डर केस में माया के करीबी अंटू मिश्र पर शिकंजा

लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर मौजूद गेस्ट हाउस में बने सीबीआई के अस्थाई कार्यालय में अचानक शुक्रवार देर शाम गहमागहमी बढ़ गई। सीबीआई ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्र अंटू को हिरासत में ले लिया और उनसे घंटे भर से ज्यादा पूछताछ की गई।

लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर मौजूद गेस्ट हाउस में बने सीबीआई के अस्थाई कार्यालय में अचानक शुक्रवार देर शाम गहमागहमी बढ़ गई। सीबीआई ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्र अंटू को हिरासत में ले लिया और उनसे घंटे भर से ज्यादा पूछताछ की गई।

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    लखनऊ। यूपी मेडिकल घोटाले की फांस ने एक बार फिर सत्ता से हाथ धो चुकी बीएसपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मायावती के बेहद करीबी बाबू सिंह कुशवाहा को जेल भेजने के बाद सीबीआई खामोश बैठी थी लेकिन अचानक सीबीआई ने बीएसपी के कद्दावार नेता सतीशचंद्र मिश्र के मौसेरे भाई और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्र अंटू से कत्ल के सिलसिले में लंबी पूछताछ की।
    लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर मौजूद गेस्ट हाउस में बने सीबीआई के अस्थाई कार्यालय में अचानक शुक्रवार देर शाम गहमागहमी बढ़ गई। सीबीआई ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्र अंटू को हिरासत में ले लिया और उनसे घंटे भर से ज्यादा पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि ये पूछताछ आम पूछताछ से थोड़ा हट कर थी, क्योंकि सीबीआई ने एक तरफ अंटू मिश्र को बैठाया था तो दूसरी तरफ सीएमओ डॉक्टर विनोद आर्या के कत्ल में गिरफ्तार लखनऊ के पूर्व सीएमओ डॉक्टर एके शुक्ल को।
    यही नहीं इन दोनों के साथ कत्ल के आरोप में जेल में बंद स्वास्थ्य महकमे के ठेकेदार आरके वर्मा को भी बिठाया गया था। खबरों के मुताबिक इन सब के पीछे एक बड़ी वजह है। सीबीआई हर कदम बेहद संजीदगी से रख रही है।
    जानकारों के मुताबिक सीबीआई के हाथ कई फोन कॉल्स की रिकार्डिंग और डॉक्टर सचान की एक चिट्ठी लगी है। अब इन सुरागों को आपस में जोड़कर इसकी गुत्थी सुलझाने के लिए सीबीआई ने तीनों से एकसाथ पूछताछ की।
    माना जा रहा है कि देर शाम शुक्रवार की सीबीआई की ये पूछताछ घोटाले से कम बल्कि डॉक्टर बीपी सिंह और डॉक्टर विनोद आर्या के कत्ल से ज्यादा जुड़ी थी। मालूम हो कि सीबीआई ने गुरुवार को डॉक्टर एके शुक्ल और प्रदीप शुक्ल को भी आमने सामने बिठाया था। तब डॉक्टर शुक्ल ने प्रदीप शुक्ल के दबाव और आदेशों की कहानी प्रदीप शुक्ल के मुंह पर बयां की थी और प्रदीप शुक्ल कुछ नहीं बोल पाए थे, लेकिन शुक्रवार शाम की बातचीत के दौरान तीनों ही एक दूसरे के बारे में बस न न करते रहे। आरके वर्मा को जानने से दोनों ने ही इंकार किया लेकिन एक दूसरे को जानने के सवाल पर विभागीय जान-पहचान बताया।

    गौरतलब है कि पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, ठेकेदार सौरभ जैन, विवेक जैन, जल निगम के जीएम एके जैन, बीएसपी विधायक रामप्रसाद जायसवाल सहित कई इंजीनियर डासना जेल में बंद हैं। लघु उद्योग निगम के एमडी अभय बाजपेई को पिछले दिनों ही जमानत मिली है। लखनऊ जेल में तीन शूटर, दो स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सहित एक ठेकेदार बंद हैं। डॉक्टर एके शुक्ल की रिमांड आज खत्म हो जाएगी जबकि प्रदीप शुक्ल सीबीआई रिमांड पर दिल्ली में हैं। अब जबकि सीबीआई ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि और किन-किन चेहरों से नकाब हटेगा।

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