गडकरी की कंपनी के खिलाफ हो सकती है ईडी की जांच

News18India
Updated: October 26, 2012, 2:49 AM IST
गडकरी की कंपनी के खिलाफ हो सकती है ईडी की जांच
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक बीजेपी अध्यक्ष ने उन कंपनियों को जमकर लोन दिया है, जिन्होंने उनकी कंपनी पूर्ति पावर एंड शुगर लिमिटेड में निवेश कर रखा है।
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Updated: October 26, 2012, 2:49 AM IST
नई दिल्ली। बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी की कंपनी पर खुलासों का दौर जारी है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक बीजेपी अध्यक्ष ने उन कंपनियों को जमकर लोन दिया है, जिन्होंने उनकी कंपनी पूर्ति पावर एंड शुगर लिमिटेड में निवेश कर रखा है। आयकर विभाग ने मामले की जांच के लिए कॉरपोर्ट मामलों के मंत्रालय से संपर्क किया है। अखबार के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय मनी लॉन्डरिंग एक्ट के तहत मामले की जांच कर सकता है।

रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास जमा दस्तावेज से ये खुलासा हुआ है कि गडकरी ने पूर्ति में निवेश करने वाली कई कंपनियों को अनसिक्योर्ड लोन दिया है। घाटकोपर ईस्ट मुंबई में रजिस्टर्ड कंपनी अपडेट मर्केंटाइल के पास पूर्ति ग्रुप के 29 लाख शेयर्स हैं। इस कंपनी को 2009-10 में 80 लाख रुपये से ज्यादा का अनसिक्योर्ड लोन मिला था जिसमें से साढ़े 14 लाख रुपये खुद नितिन गडकरी ने दिया था।

ऐसे ही मलाड ईस्ट मुंबई में रजिस्टर्ड कंपनी रीजेंसी इक्वीफिन के पास पूर्ति ग्रुप के 43 लाख शेयर्स हैं। 2008-09 में गडकरी ने इस कंपनी को 26 लाख रुपये का अनसिक्योर्ड लोन दिया था। इनमें से 10 लाख रुपये अगले साल यानी 2009-10 में लौटा दिए गए। इतना ही नहीं खुद करोड़ों के घाटे में चल रही पूर्ति लिमिटेड ने 2011 में रीजेंसी इक्वीफिन को 95 लाख रुपये का लोन दिया था।

इन लेन देन को देखने के बाद जांच एजेंसियों का कान खड़े हो गए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले आर्थिक गड़बड़ी और मनी लॉन्डरिंग की आशंका जताई है आयकर विभाग इस मामले में जल्द ही सीबीडीटी को रिपोर्ट देगा।

नितिन गडकरी की पूर्ति पावर एंड शुगर लिमिटेड में निवेश करने वाली कंपनियों के फर्जी पतों की लिस्ट बढ़ती ही जा रही है। पांच निवेशक कंपनियों ने दिल्ली के मुनिरका का पता दिया है। अखबार के मुताबिक ये पता मुनिरका गांव का है। जब इस पते की पड़ताल की गई तो मालूम चला कि यहां किसी कंपनी का दफ्तर नहीं है।

हालांकि मकान बलवान सिंह टोकस का ही है। टोकस ने इस मामले में फर्जीवाड़े का केस दर्ज कराया है। जिन पांच कंपनियों ने मुनिरका का पता दिया है उनके नाम किंग बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड, न्यू एज इंफ्रावेल प्राइवेट लिमिटेड, निर्माण इंफ्राटेक, एडवेंट आईटी सॉल्यूशंस और फास्ट बिल्डवेल हैं। इन सभी कंपनियों ने पूर्ति पावर एंड शुगर पावर लिमिटेड में निवेश कर रखा है।

बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नितिन गडकरी का खुलकर बचाव किया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि गडकरी के अध्यक्ष के कार्यकाल पर इन खुलासों से कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जांच चलती रहेगी। गडकरी जी ने साफ कहा है कि किसी भी एजेंसी के लिए वो तैयार हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता संदीप दीक्षित का कहना है कि ऐसे मामले में जांच तो होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद साफ हो जाएगा कि असलियत क्या है?
First published: October 26, 2012
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