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    शिंदे का बयान और धमाकों में इंद्रेश कुमार का नाम!

    गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के बयान पर सियासत भले हो रही हो लेकिन एक सच्चाई ये भी है कि देश में हुए 4 धमाकों में संघ से जुड़े एक बड़े चेहरे का नाम आया था।

    • News18India
    • Last Updated: January 21, 2013, 5:48 PM IST
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    नई दिल्ली। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के बयान पर सियासत भले हो रही हो लेकिन एक सच्चाई ये भी है कि देश में हुए 4 धमाकों में संघ से जुड़े एक बड़े चेहरे का नाम आया था। ये नाम था संघ की प्रचारक समिति के सदस्य इंद्रेश कुमार का। NIA ने बाकायदा अपनी चार्जशीट में इंद्रेश कुमार को आरोपी बताया था।

    भारत की सरजमीं पर चार भयानक धमाके हुए पहला (18 फरवरी 2007) को समझौता एक्सप्रेस में, दूसरा (18 मई 2007) को हैदराबाद की मक्का मस्जिद में, (तीसरा 11 अक्टूबर 2007) को अजमेर दरगाह में और चौथा (29 सितंबर 2008) को मालेगांव में। इन चार धमाकों में कुल 94 लोग मारे गए। एजेंसियों ने जांच शुरू की तो कई गिरफ्तारियों के बाद एक नाम सामने आया, ये नाम था राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रतिनिधि सभा के सदस्य इंद्रेश कुमार का।

    साल 2011 में दाखिल अपनी चार्जशीट में NIA ने बाकायदा इंद्रेश कुमार का नाम लिया था। NIA ने आरोप लगाया था कि देश में हुए 4 धमाकों की साजिश को अमली जामा पहनाने का काम इंद्रेश कुमार ने ही किया था। NIA ने कहा था कि इंद्रेश कुमार ने इन धमाकों को अंजाम देने के लिए पैसे मुहैया कराए और लोगों को उकसाया। यानि एनआईए की चार्जशीट में इंद्रेश कुमार का नाम आतंक के चेहरे के तौर पर उभरा। संघ के इतने बड़े और अहम चेहरे को आतंकवादी साजिशों का कर्ताधर्ता बताया गया?



    दरअसल NIA के हाथ इंद्रेश कुमार के खिलाफ कई अहम सबूत मिले थे। टेलीफोन पर हुई बातचीत और कई दस्तावेजों के अलावा NIA ने अजमेर धमाके में गिरफ्तार स्वामी असीमानंद से पूछताछ के आधार पर साल 2005 में हुई दो अहम बैठकों का भी हवाला दिया था। इसमें से एक बैठक गुजरात में हुई थी जिसमें इंद्रेश के साथ असीमानंद खुद मौजूद था। दूसरी बैठक राजस्थान में हुई थी जिसमें अलग-अलग लोगों को धमाके की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजस्थान की बैठक में इंद्रेश कुमार के साथ साध्वी प्रज्ञा सिंह भी मौजूद थीं।
    वही प्रज्ञा सिंह जो पिछले चार साल से इन धमाकों में जेल की सलाखों के पीछे हैं। यहां ये भी ध्यान देने वाली बात है कि साध्वी प्रज्ञा सिंह भी बीजेपी की छात्र इकाई ABVP की सदस्य थीं। कैंसर से पीड़ित होने के बाद साध्वी लगातार जमानत की कोशिश कर रही हैं। कांग्रेस का ये भी आरोप है कि साध्वी प्रज्ञा केस को लेकर बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज प्रधानमंत्री से भी मिल चुके हैं। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के बयान पर सियासत भले हो रही हो। लेकिन एक सच्चाई ये भी है कि संघ से जुड़ा एक बड़ा चेहरा आतंक के आरोप में कठघरे में है। अदालत में केस भी चल रहा है। ऐसे में शिंदे का ये बयान अंधेरे में मारा गया तीर नहीं कहा जा सकता।


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