कर्नाटक: कांग्रेस में CM की जंग, एक नहीं चार दावेदार

कर्नाटक: कांग्रेस में CM की जंग, एक नहीं चार दावेदार
कर्नाटक में कांग्रेस की मुश्किल ये है कि पार्टी में मुख्यमंत्री पद को लेकर घमासान छिड़ता दिख रहा है। पार्टी में सीएम पद के चार दावेदार हैं। कौन-कौन हैं ये दावेदार नजर डालते हैं।

कर्नाटक में कांग्रेस की मुश्किल ये है कि पार्टी में मुख्यमंत्री पद को लेकर घमासान छिड़ता दिख रहा है। पार्टी में सीएम पद के चार दावेदार हैं। कौन-कौन हैं ये दावेदार नजर डालते हैं।

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नई दिल्ली। कर्नाटक में कांग्रेस जीत की तरफ बढ़ रही है। रुझान से साफ है कि कर्नाटक में अगली सरकार उसी की बन रही है वो भी पूर्ण बहुमत से। लेकिन कांग्रेस की मुश्किल ये है कि पार्टी में मुख्यमंत्री पद को लेकर घमासान छिड़ता दिख रहा है। पार्टी में सीएम पद के चार दावेदार हैं। कौन-कौन हैं ये दावेदार नजर डालते हैं-
मल्लिकार्जुन खरगे
मल्लिकाअर्जुन खरगे राज्य में कांग्रेस के बड़े दलित नेता हैं। 71 साल के खरगे लगभग 45 साल से कांग्रेस में हैं और उन्होंने अभी तक अपने सभी 9 विधानसभा चुनाव जीते हैं। यानी उनका व्यापक जनाधार है। 2009 में गुलबर्गा से जीतकर लोकसभा पहुंचे खरगे को श्रममंत्री बनाया गया। उनकी दावेदारी बेहद मजबूत है क्योंकि अभी तक कोई भी दलित नेता सीएम नहीं बना है।

वीरप्पा मोइली
सीएम पद के दूसरे दावेदार हैं पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली। 73 साल के मोईली हाईकमान के बेहद करीबी हैं। वो 1972 में पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए और 1992 -1994 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। ओबीसी से संबंध रखने वाले मोईली 6 बार विधानसभा पहुंच चुके हैं। मोइली ने 2009 में पहली बार चिकबालपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीतकर आए। तब उन्हें कानून मंत्री बनाया गया था।



सिद्दारमैया
55 साल के सिद्दारमैया मुख्यमंत्री पद के तीसरे दावेदार हैं। ओबीसी वर्ग के सिद्दारमैया एक प्रभावशाली नेता हैं। वो दो बार राज्य के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। जनता दल में विभाजन के बाद वो एच डी देवगौडा की पार्टी जेडी(एस) के साथ चले गए। लेकिन 2006 में वापस कांग्रेस में आ गए। 2008 में विधानसभा का चुनाव जीतकर विधानसभा में नेता बने।

जी परमेश्वर
62 साल के जी परमेश्वर सीएम पद के चौथे दावेदार हैं। वो राज्य के दूसरे बड़े दलित नेता हैं। परमेश्वर चार बार विधानसभा पहुंचे और अक्टूबर 2010 में उन्हें कांग्रेस दल का प्रमुख बनाया गया।

इनमें से खरगे की दावेदारी सबसे ज्यादा मजबूत है। लेकिन वीरप्पा मोइली भी खासे ताकतवर उम्मीदवार हैं। कांग्रेस हाईकमान में उनकी खासी पैठ भी है। देखऩा है कि हाईकमान किसके हाथ में कर्नाटक की चाभी सौंपता है।




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