अपना शहर चुनें

States

न मैं, न बिड़ला और न ही पीएम दोषीः पारख

आईबीएन 7 के मैनेजिंग एडिटर आशुतोष से खास बातचीत में तत्कालीन कोयला सचिव प्रकाश चंद्र पारख ने कहा कि उन पर लगे आरोप गलत हैं और सीबीआई की दलील में दम नहीं है।

  • Share this:
नई दिल्ली। कोयला घोटाले में एफआईआर दर्ज होने के बाद तत्कालीन कोयला सचिव प्रकाश चंद्र पारख पर सवाल उठ रहे हैं। लेकिन पारख खुद को निर्दोष बता रहे हैं। उनका कहना है कि अगर सीबीआई को कोयला आवंटन में साजिश नजर आती है तो उसे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आरोपी नंबर एक बनाना चाहिए क्योंकि इस फैसले पर उन्होंने ही मुहर लगाई थी। आईबीएन 7 के मैनेजिंग एडिटर आशुतोष से खास बातचीत में पारख ने कहा कि उन पर लगे आरोप गलत हैं और सीबीआई की दलील में दम नहीं है।

पीसी पारख ने कहा कि मैं पीएम को आरोपी नंबर-1 नहीं बोल रहा हूं। मैं तो ये कह रहा हूं कि इस केस में कोई दम नहीं है और सीबीआई ने बेवजह इसकी एफआईआर दर्ज की है लेकिन अगर सीबीआई को ये लगता है कि ये एफआईआर सही हैं और आवेदनकर्ता कुमार मंगलम बिड़ला को और उनकी फाइल को आगे बढ़ाने वाले अफसर यानी मुझे आरोपी बनाया है तो इस फाइल को मंजूरी देने वाले पीएम को भी आरोपी बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस केस में कुछ भी गलत नहीं हुआ है। न तो मैंने, न बिड़ला ने और न ही पीएम ने कुछ गलत किया है।

कोयला घोटाले में PM को बनाओ आरोपी नं-1: पारख



पारख ने कहा कि बिड़ला से मेरी मीटिंग मेरे ऑफिस में ही हुई थी। उन्होंने प्रजेंटेशन दिया कि हम इस ब्लॉक के पहले आवेदक हैं इसलिए हमें प्राथमिकता मिलनी चाहिए। मैंने उनके दावे को सही माना क्योंकि उनके केस में दम था। पारेख ने कहा कि बिड़ला की पीएम से मुलाकात हुई या नहीं ये मुझे नहीं पता, लेकिन बिड़ला ने पीएम ऑफिस में प्रजेंटेशन दी और वहां से संदेश मेरे पास आया।
पारख ने कहा कि मेरे हिसाब से ये पूरी तरह निष्पक्ष निर्णय था। मैं सीबीआई की थ्योरी को चुनौती देता हूं। पारख ने माना कि कोल ब्लॉक की नीलामी के मुद्दे पर उनके और उनके मंत्रियों के बीच मतभेद थे। शिबू सोरेन ने मेरे खिलाफ शिकायत की कि मेरा तबादला कर दिया जाए। मेरे उनके साथ मतभेद थे। वो कोल ब्लॉक की नीलामी के पक्ष में नहीं थे और भी कई मुद्दे थे जिनपर हमारे विचार नहीं मिलते थे। सोरेन की चिट्ठी के बाद भी मुझे हटाया नहीं गया। पीएम मेरे साथ खड़े थे। जब सांसदों ने मेरे खिलाफ कुछ कहा तो मैं इस्तीफा देना चाहता था पर पीएम ने मुझे मना किया। मेरे राज्यमंत्री दसारी नारायण भी मुझसे नाखुश थे। इस सवाल पर कि क्या उन्हें हटाने में लगे लोग करप्शन करना चाहते थे, पारख ने कहा कि ये मैं कैसे कह सकता हूं।

(पूरा इंटरव्यू देखने के लिए वीडियो देखें)

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज