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केजरीवाल का खत शिंदे के लिए ‘सिरदर्द’!

2002 में गृह मंत्रालय ने आदेश दिया था कि दिल्ली सरकार को कोई भी बिल पेश करने से पहले पर केंद्र से इजाजत लेनी होगी।

2002 में गृह मंत्रालय ने आदेश दिया था कि दिल्ली सरकार को कोई भी बिल पेश करने से पहले पर केंद्र से इजाजत लेनी होगी।

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    नई दिल्ली। जनलोकपाल पर अरविंद केजरीवाल की चिट्ठी के बाद गृह मंत्रालय 2002 में दिए अपने ही आदेश पर कानून मंत्रालय से सलाह लेगा। केजरीवाल ने कल चिट्ठी लिखकर 2002 की अधिसूचना वापस लेने की मांग की थी। 2002 में गृह मंत्रालय ने आदेश दिया था कि दिल्ली सरकार को कोई भी बिल पेश करने से पहले पर केंद्र से इजाजत लेनी होगी। इसी आदेश को आधार बनाकर सॉलिसीटर जनरल ने दिल्ली के उप-राज्यपाल को सलाह दी थी कि दिल्ली सरकार अगर जनलोकपाल बिल पास करती है तो ये असंवैधानिक होगा।

    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चूंकि ये अधिसूचना मौजूदा सरकार ने जारी नहीं की थी लिहाजा इस पर कानून के जानकारों से सलाह लिए बिना कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। हालांकि इस मामले में गृह मंत्री ही निर्णय लेंगे। केजरीवाल ने गृह मंत्री को लिखी चिट्ठी में कहा है कि अधिसूचना संविधान विरोधी है इसलिए इसे वापस लिया जाए।

    दरअसल केजरीवाल की कैबिनेट ने जनलोकपाल बिल को मंजूरी दे दी थी। जिसके बाद ये कहा गया कि दिल्ली सरकार इस बिल का पास नहीं करा सकती। क्योंकि गृह मंत्रालय की जारी अधिसूचना के मुताबिक इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी की जरूरत पड़ती है। केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली में जनलोकपाल पास करवाने के लिए वो किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने गृहमंत्रालय को चिट्ठी में लिखा था कि ‘गृह मंत्रालय 2002 के उस आदेश को वापस ले जो दिल्ली सरकार को निर्देशित करता है कि विधानसभा में किसी विधेयक को पारित कराने से पहले मंत्रालय की मंजूरी ली जाए। हमारी सरकार ऐसे असंवैधानकि नियमों को स्वीकार नहीं कर सकती है। यह सिर्फ एक आदेश था, जो संविधान के एकदम खिलाफ था।’

    विवाद के पीछे नियम
    2002 में जब लालकृष्ण आडवाणी देश के गृह मंत्री बने थे तब ये विवादित आदेश जारी किया गया था जिसमें साफ कहा गया था कि दिल्ली सरकार को विधानसभा में सभी बिल को पेश करने से पहले केंद्र सरकार को भेजना होगा, उसकी इजाजत लेनी होगी। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि सरकारी नियमों का हवाला देकर उन्हें बिल पारित करने से रोका जा रहा है।

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