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दिल्ली में बिजली है गुल, पर सियासत फुल

News18India
Updated: June 10, 2014, 12:37 PM IST

लेकिन देश की राजधानी होने की वजह से दिल्ली में बिजली का हाल विकास के दावों को मुंह चिढ़ा रहा है और हमेशा की तरह एक बार फिर दिल्ली की बिजली पर सियासत शुरु हो गई।

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  • Last Updated: June 10, 2014, 12:37 PM IST
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नई दिल्ली। सिर्फ दिल्ली ही नहीं देश के कई राज्यों में खस्ताहाल बिजली लोगों को रुला रही है, सरकारें बहाने बनाने में जुटी हुई है। लेकिन देश की राजधानी होने की वजह से दिल्ली में बिजली का हाल विकास के दावों को मुंह चिढ़ा रहा है और हमेशा की तरह एक बार फिर दिल्ली की बिजली पर सियासत शुरु हो गई।

गर्मी है, लेकिन बिजली नहीं, संसद में नेता चिंता जता रहे हैं, नई सरकार के वादे पर भरोसा करने के लिए कह रहे हैं तो पुरानी सरकार दावे कर रही है कि उसने सबसे ज्यादा बिजली दी। लेकिन फिर भी देश की राजधानी घंटों अंधेरे में डूब जाती है। सियासत है लेकिन आम जनता की इस मुश्किल के लिए जिम्मेदार कौन है इसका जवाब किसी के पास नहीं है, हैं तो सिर्फ आरोप और प्रत्यारोप।

तो अगर दिल्ली में बिजली थी तो आखिर वो चली कहां गई, आखिर दिल्ली की गुल बिजली के लिए कौन जिम्मेदार है। केंद्रीय उर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली के उपराज्यपाल और कई वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक की, स्थिति की समीक्षा की, वादा किया कि 30 मई को तूफान में खराब हुए टावर, ट्रांसफॉर्मर, बिजली के खंबों और लाइनों को ठीक करने का काम चल रहा है। कुछ मंगलवार शाम तक ही ठीक हो जाएंगे, वादा है कि आने वाले 2 हफ्तों में दिल्ली में सबकुछ ठीक हो जाएगा, हांलाकि सियासी आरोप उनके पास भी थे।
पूयूष गोयल ने कहा कि हर चीज को 12 साल तक नजरअंदाज किया गया है। 2010 के बाद तो धराशाही हो गई दिल्ली सरकार। ऐसी परिस्थिति में मेरी सरकार को सवाल पूछने से पहले जनता और आप पहले उनसे सवाल पूछें। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने इसका जवाब दिया।



उर्जा मंत्री के मुताबिक दिल्ली को इस वक्त 5600 मेगावॉट बिजली की जरुरत है, लेकिन इस वक्त सिर्फ 5300 मेगावॉट बिजली ही उपलब्ध है यानि दिल्ली 300 मेगावॉट बिजली की कमी से जूझ रही है। उर्जा मंत्री पीयूष गोयल का ये भी कहना है कि बिजली के वितरण में भी भारी खामियां हैं।


पावर ग्रिड और ट्रांसमिशन सिस्टम पुराना पड़ चुका है। उर्जा मंत्री के मुताबिक बवाना प्लांट से सिर्फ 290 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जबकि इसकी क्षमता 1500 मेगावॉट है। उर्जामंत्री का कहना है कि जल्द ही प्लांट को गैस मुहैया कराया जाएगा। उर्जा मंत्री ने उम्मीद जताई है कि बवाना प्लांट से जल्द ही तकरीबन 700 मेगावॉट बिजली का उत्पादन शुरु हो जाएगा।
वहीं कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने ऊर्जा मंत्री पीयूष के आरोपों का जवाब दिया है। राजीव शुक्ला से बात की हमारे संवाददाता नीरज गुप्ता ने।

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First published: June 10, 2014, 12:37 PM IST
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