तो क्या 'आप' का टूटने लगा है 'कुमार' में विश्वास?

दिलीप पांडेय भले ही सफाई दें कि कुमार विश्वास से कोई मनमुटाव नहीं है और पार्टी में सबकुछ ठीक है, लेकिन सार्वजनिक प्लेटफार्म पर दिलीप के कुमार पर हमले इस ओर इशारा करते हैं कि कुमार से आप का "विश्वास" डगमगाता जा रहा है.

रवि सिंह
Updated: June 14, 2017, 6:35 PM IST
तो क्या 'आप' का टूटने लगा है 'कुमार' में विश्वास?
दिलीप पांडेय भले ही सफाई दें कि कुमार विश्वास से कोई मनमुटाव नहीं है और पार्टी में सबकुछ ठीक है, लेकिन सार्वजनिक प्लेटफार्म पर दिलीप के कुमार पर हमले इस ओर इशारा करते हैं कि कुमार से आप का "विश्वास" डगमगाता जा रहा है.
रवि सिंह
रवि सिंह
Updated: June 14, 2017, 6:35 PM IST
आम आदमी पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. ये बात तब और पुख़्ता हो गई जब आप नेता दिलीप पांडेय ने कुमार विश्वास पर निशाना साधते हुए ट्विटर पर तीखे सवाल पूछ लिए. दिलीप ने पूछा, 'भैया, आप कांग्रेसियों को ख़ूब गाली देते हो, पर कहते हो कि राजस्थान में वसुंधरा के ख़िलाफ़ नहीं बोलेंगे? ऐसा क्यों?'

दिलीप पांडेय ने न्यूज 18 इंडिया से कहा कि नेताओं और कार्यकर्ताओं में संशय की स्थिति है कि आखिर कुमार विश्वास नेताओं और पार्टियों पर हमले करने में 'पिक एंड चूज' की रणनीति क्यों अपना रहे हैं? हालांकि दिलीप ने ये भी कहा कि कुमार बड़े नेता हैं, उनसे कोई मनमुटाव नहीं है. आम आदमी पार्टी का सिद्धांत है कि कांग्रेस और बीजेपी के गठजोड़ के ऊपर हमें बराबर हमला करना चाहिए.

दिलीप पांडेय ने न्यूज 18 से कहा, वो कुमार विश्वास के सभी ट्वीट्स और इंटरव्यू को देखते हैं. पता चला कि कुमार, कांग्रेस पर तो हमले कर रहे हैं लेकिन वसुंधरा राजे और बीजेपी नेताओं पर हमले क्यों नहीं कर रहे हैं. ये बात उन्हें परेशान कर रही थी. इसीलिए ट्वीट के जरिए उनसे सवाल पूछा.

हालांकि दिलीप ये भी कह रहे हैं कि उनके ट्वीट का दूसरा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए. लेकिन जब बात यहां तक पहुच जाय कि अपनी पार्टी के नेता से बंद कमरे या आमने-सामने सवाल न पूछकर सार्वजनिक प्लेटफार्म पर तीखे सवाल दागे जाए तो ये मतलब निकालने में कोई परहेज नहीं कि सबकुछ अच्छा नहीं चल रहा है.

जब जगजाहिर हुआ कुमार विश्वास का गुस्सा
इससे पहले पार्टी के निलंबित विधायक अमानतुल्लाह खान और कुमार विश्वास के बीच एक-दूसरे पर हमले जगजाहिर हुए थे. कुमार पर अमानतुल्लाह के हमले ज्यादा बढ़े तो कुमार ने पार्टी से अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की थी. यहां तक पार्टी की बैठकों में भी कुमार ने जाना छोड़ दिया था. जिसके बाद कुमार को मनाने मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी के नेताओं की फौज लग गई थी. कुमार का गुस्सा तब शांत हुआ जब उन्हें राजस्थान का प्रभारी नियुक्त कर दिया गया. उस वक्त ये कहा गया कि आप ने कुमार को राजस्थान का प्रभारी नियुक्त करके उन्हें झुनझुना थमा दिया है.

राजस्थान में क्या कहा था कुमार विश्वास ने
10 जून को कुमार ने दिल्ली में पार्टी के पदाधिकारियों की राजस्थान के मुद्दे पर बैठक बुलाई जिसमें उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी नेता चाहे वो वसुंधरा राजे ही क्यों न हों हमें व्यक्तिगत टिप्पणी से परहेज करना है. दिलीप पांडेय भले ही सफाई दें कि कुमार विश्वास से कोई मनमुटाव नहीं है और पार्टी में सबकुछ ठीक है, लेकिन सार्वजनिक प्लेटफार्म पर दिलीप के कुमार पर हमले इस ओर इशारा करते हैं कि कुमार से आप का "विश्वास" डगमगाता जा रहा है.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर