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असम में बीजेपी गठबंधन को मिल सकता है पूर्ण बहुमत, सर्वे में सरकार बनने का दावा

News18India.com
Updated: March 30, 2016, 1:15 PM IST
असम में बीजेपी गठबंधन को मिल सकता है पूर्ण बहुमत, सर्वे में सरकार बनने का दावा
India's Prime Minister Narendra Modi(R) poses with Bharatiya Janata Party (BJP) election candidate Sarbananda Sonwal as he is given a traditional Assamese mask at an election rally at Majuli Island on March 26, 2016, ahead of state assembly elections in Assam. Thousands of Indian voters will elect legislators for the 126 seats contested in 25,000 polling stations in the north-eastern state of Assam in two phases on April 4 and 11. / AFP / Biju BORO (Photo credit should read BIJU BORO/AFP/Getty Images)

अगले हफ्ते से असम और पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव होने वाले हैं। यहां हर पार्टी अपनी जीत का परचम लहराने के लिए जोर शोर से प्रचार कर रही है।

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नई दिल्ली। अगले हफ्ते से असम और पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव होने वाले हैं। यहां हर पार्टी अपनी जीत का परचम लहराने के लिए जोर शोर से प्रचार कर रही है। दोनों राज्यों में किस पार्टी की सरकार बनेगी यह तो मतदान के बाद भी पता चलेगा लेकिन अगर सर्वे की मानें तो असम में मोदी सरकार कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर अपना परचम लहरा सकती है वहीं पश्चिम बंगाल में मोदी सरकार को निराशा हाथ लग सकती है क्योंकि यहां लोगों का झुकाव दूसरी बार भी दीदी की तरफ ही नजर आ रहा है।

अगर असम में बीजेपी सरकार बनाने में सफल हो जाती है, तो यह नॉर्थ-ईस्ट में पार्टी की पहली सरकार होगी। असम में 2011 में कांग्रेस ने 78 सीटें हासिल कर जीत दर्ज की थी, वहीं बीजेपी को सिर्फ 6, एजेपी को 9, बीपीएफ को 12, एयूडीएफ को 18 और अन्य पार्टियों को 3 सीटें मिली थीं। लेकिन, सर्वे के मुताबिक इस बार कांग्रेस को 36 सीटें, बीजेपी, एजेपी, बीपीएफ को मिलाकर 78 सीटें, एयूडीएफ को 11 सीटें और अन्य पार्टियों को भी 11 सीटें मिलने की संभावना है।

एक टीवी चैनल और सर्वे एजेंसी द्वारा कराए गए इस सर्वे  के मुताबिक जब असम की जनता से गोगोई के कामकाज के बारे में पूछा गया तो करीब 40% लोगों ने गोगोई के काम को अच्छा बताया, 33% ने उनके काम को औसत माना तो करीब 26% नाखुश नजर आए। असम में मुख्यमंत्री पद के लिए 39% जनता ने गोगोई को अपनी पहली पसंद बताया, जबकि 29% सर्बानंद सोनोवाल के समर्थन में दिखे। असम के लिए यूपीए और एनडीए में से किसने बेहतर काम किया, इस बारे में कांटे की टक्कर देखने को मिली। बांग्लादेशी शरणार्थियों के मुद्दे का इस चुनाव पर फर्क पड़ सकता है ऐसा 52% लोगों ने माना।

वहीं पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार दीदी की वापसी के ही संकेत मिल रहे हैं। 2011 में हुए विधानसभा चुनाव में जहां तृणमूल कांग्रेस ने 294 में से 184 सीटें हासिल की थीं, वहीं इस सर्वे के मुताबिक इस बार पार्टी 178 सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाब रहेगी। लेफ्ट और कांग्रेस के गठबंधन को इस बार 110 सीटें मिलने की उम्मीद है। वहीं, केंद्र में शासन करने वाली प्रमुख पार्टी बीजेपी के खाते में भी 1 सीट गिर सकती है। ममता के काम से राज्य में 58% लोग संतुष्ट नजर आए। वहीं 37% लोगों ने कहा कि उन्होंने कुछ खास काम नहीं किया।

50% वोटरों ने माना कि शारदा चिटफंड घोटाले और रोस वैली कांड से ममता की सरकार की छवि बिगड़ी है। लेकिन 38% ने कहा कि ममता कि छवि पर इससे कोई असर नहीं पड़ा है। पश्चिम बंगाल में 62% लोग चाहते हैं कि ममता फिर से मुख्यमंत्री बनें। 12% बुद्धदेब भट्टाचार्य और 3% लोग रूपा गांगुली को सीएम के तौर पर देखना चाहते हैं।

यह सर्वे पश्चिम बंगाल में 8 से 20 मार्च और असम में 9 से 17 मार्च के बीच हुआ। पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 118 पर और असम की 126 सीटों में से 50 पर यह सर्वे किया गया और पश्चिम बंगाल के 14 हजार 450 और असम के 6,027 वोटरों की राय ली गई।

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First published: March 30, 2016, 1:13 PM IST
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