गुजरात में बीजेपी के लिए मुश्‍किल भरे होंगे दिन, हार्दिक-जिग्‍नेश बदलेंगे हवा का रुख?

गुजरात में चुनाव इस साल दिसंबर तक होने हैं। हार्दिक पटेल का आरक्षण और जिग्‍नेश मेवानी का दलित आंदोलन बीजेपी सरकार के लिए नई चुनौती बनकर उभरा है। क्‍या भाजपा के लिए चुनावी जंग मुश्‍किल होेगी?

सारंग उपाध्याय | News18India.com
Updated: January 18, 2017, 6:25 PM IST
गुजरात में बीजेपी के लिए मुश्‍किल भरे होंगे दिन, हार्दिक-जिग्‍नेश बदलेंगे हवा का रुख?
गुजरात में चुनाव इस साल दिसंबर तक होने हैं। हार्दिक पटेल का आरक्षण और जिग्‍नेश मेवानी का दलित आंदोलन बीजेपी सरकार के लिए नई चुनौती बनकर उभरा है। क्‍या भाजपा के लिए चुनावी जंग मुश्‍किल होेगी?
सारंग उपाध्याय
सारंग उपाध्याय | News18India.com
Updated: January 18, 2017, 6:25 PM IST
गुजरात में इस साल दिसंबर के अंत में चुनाव होने हैं. हार्दिक पटेल और जिग्‍नेश मेवानी बीजेपी की सत्‍ता के खिलाफ विपक्ष की नई आवाज बनते नजर आ रहे हैं. हार्दिक की जंग पटेल समुदाय के आरक्षण के लिए है, तो जिग्‍नेश दलित समाज के अधिकार चाहते हैं. हालांकि दोनों युवा नेताओं का दावा है कि वे अपने अधिकारों के लिए राजनीति में नहीं कूदेंगे,  लेकिन एक साझा मोर्चो बनाकर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी है.

'दलित अत्याचार लड़त समिति' के जिग्‍नेश मेवानी कहते हैं- मैं सक्रिय राजनीति में नहीं आऊंगा, लेकिन बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलने की पूरी तैयारी है. हार्दिक अभी आया है, और मेरी कोशिश होगी कि हम साथ आएं और दलितों, पिछड़ों, किसानों और भूमिहीनों के साथ मिलकर एक साझा मोर्चा तैयार करें। जिग्‍नेश के मुताबिक, नई पार्टी बनाने की मेरी कोई मंशा नहीं है, ना तो मैं कांग्रेस के साथ जा रहा हूं, ना ही आप के,  लेकिन बीजेपी को घेरने की योजना पर काम चल रहा है, और कुछ दिन बाद इस प्रयास को देखेंगे.

अनामत आंदोलन समिति के प्रवक्‍ता और हार्दिक पटेल के करीबी मित्र ब्रजेश पटेल का कहना है कि आरक्षण की लड़ाई के लिए राजनीति में कूदने का कोई इरादा नहीं है. हां, हम जिग्‍नेश के साथ हैं, और कई मुद्दों पर मिलकर सरकार के खिलाफ जंग छेड़ेंगे. हमारी कोशिश होगी कि हम जल्‍द ही मिलकर साथ आएं.

अहमदाबाद से वरिष्‍ठ पत्रकार प्रकाश शाह, गुजरात में चुनावी समीकरणों को बीजेपी के लिए मुश्‍किल भरा मानते हैं. उनके मुताबिक बीजेपी के पटेल, दलित और ओबीसी वोट में गिरावट आना तय है, लेकिन बीजेपी के सत्‍ता से बाहर होने का सवाल ही नहीं है.

वे कहते हैं-  बीजेपी नरेंद्र मोदी के पहली बार सीएम बनने के बाद से ही चुनाव जीत तो रही है, लेकिन उसका वोट प्रतिशत लगातार गिर रहा है. प्रधानमंत्री ऐसे ही गुजरात के बार-बार चक्‍कर नहीं लगा रहे. ये चुनाव बीजेपी के लिए मुश्‍किल भरे होंगे.
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