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'विकास' से सपा-कांग्रेस गठबंधन को परास्‍त करेंगे:  अमित शाह

'विकास' से सपा-कांग्रेस गठबंधन को परास्‍त करेंगे:  अमित शाह

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बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ने अमित शाह ने कहा है कि यूपी में मुख्‍य चुनावी मुद्दा लॉ एंड ऑर्डर और विकास होगा और अखिलेश सरकार को इसी मुद्दे पर जनता को जवाब देना होगा.

    बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ने अमित शाह ने कहा है कि यूपी में मुख्‍य चुनावी मुद्दा लॉ एंड ऑर्डर और विकास होगा और अखिलेश सरकार को इसी मुद्दे पर जनता को जवाब देना होगा.  नेटवर्क18 के ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए विशेष इंटरव्‍यू में हुए बीजेपी अध्‍यक्ष ने यूपी में विकास के मुद्दे पर अखिलेश सरकार को जमकर लताड़ा.

    अमित शाह ने कहा कि सपा-कांग्रेस, मुस्लिम, यादव और कुछ ऊंची जातियों के वोटों के आधार पर जीत की कागजी गिनती कर रहे हैं, लेकिन चुनाव का असली मुद्दा विकास और खराब लॉ एंड ऑर्डर है.



    शाह ने कहा कि खराब लॉ एंड ऑर्डर की वजह से यूपी में हर कोई परेशान है, चाहे वह यादव हो या किसी और जाति का. उन्‍होंने कहा कि बुलंदशहर में रेप की घटना हो या फिर मथुरा के बीचों-बीच रामवृक्ष यादव का सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर पुलिस पर हमला करना, ये स्थिति किसी भी यूपी वालों को पसंद नहीं है.

    बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि मेरा मानना है कि बहुमत इन्हीं मुद्दों पर आने वाला है. अगर अखिलेश समझते हैं कि वे फैमिली ड्रामा कर या गठबंधन करके इन चुनावी मुद्दों को हटा देंगे तो जान लीजिए ऐसा नहीं होने वाला है. शाह ने कहा कि कानून व्यवस्था, पश्चिमी यूपी से पलायन, अवैध तरीके पशुओं को उठाकर मारना, महिलाओं की सुरक्षा और अवैध तरीके से जमीन के कब्जे आज भी मुद्दे हैं. अखिलेश चाहे जो कर लें ये मुद्दे नहीं खत्म होंगे.

    शाह ने पार्टी के घोषणापत्र को सबसे अलग बताते हुए कहा कि विकास की असीम संभावनाओं के बाद भी पिछले 15साल में उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा की सरकारें बनने से यह राज्य काफी पिछड़ गया है.

    इस विशेष इंटरव्‍यू के दौरान बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ने नोटबंदी, राम मंदिर, परिवारवाद और आरक्षण को लेकर संघ के बयान पर भी पार्टी का रुख साफ किया.

    नोटबंदी के मुद्दे पर शाह ने कहा कि अगर कोई इतने बड़े कदम का विश्लेषण तीन महीने में करना चाहता है, तो मैं इसे जल्दबाजी मानता हूं. ये बहुत बड़ी रणनीति का एक हिस्सा है.

    शाह ने नोटबंदी के बाद बैंक में आए पैसे के सफेद होने की बात को भ्रांति बताया. बीजेपी अध्‍यक्ष ने कहा कि किसी का भी कालाधन बैंक में डालने से सफेद नहीं होगा. ये जरूर है कि जो पैसा सिस्टम में आया है, उसे गरीब कल्याण में लगाया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि ढाई लाख से ज्यादा जिसने भी पुराने नोट बैंकों में जमा कराए हैं, उनकी एक सूची बनी है. उनपर बहुत सारी एजेंसियां काम कर रही हैं.

    संघ के आरक्षण पर रुख को लेकर बीजेपी अध्‍यक्ष ने कहा- उस वक्त भी मोहन जी ने ऐसी कोई बात नहीं कही थी, न इस बार मनमोहन जी ने इस तरह का कुछ भी कहा है. उन्‍होंने कहा कि मनमोहन जी से धार्मिक आरक्षण पर सवाल पूछा गया था, मगर किसी ने सवाल निकाल दिया और जवाब दिखा दिया. अगले दिन मनमोहन जी के जवाब का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सच सामने आ चुका है. वीडियो में साफ तौर से कहा गया है कि सवाल सच्चर कमेटी के अंदर धार्मिक आरक्षण पर था. संघ भी स्पष्ट कर चुका है कि आज ऐसी स्थिति नहीं है कि आरक्षण की स्थिति को बदला जा सके. आरक्षण पर फिलहाल कोई पुनर्विचार करने की जरूरत नहीं है.

    आरक्षण के मुद्दे पर शाह ने सपा, कांग्रेस और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ये पार्टियां अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण कहां से लाएंगे?  शाह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 50 फीसदी का एक कैप बना दिया है, इसके बाद आप आरक्षण बढ़ा नहीं सकते हैं. कुछ राज्यों में 50 फीसदी पूरा का पूरा बंट चुका है. एससी, एसटी और ओबीसी के तहत अगर आप अल्पसंख्यक को आरक्षण देना चाहते हैं,  तो आप इन लोगों का हक काटेंगे.

    शाह ने कहा कि बीजेपी दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के आरक्षण का विरोध नहीं करती, जबकि धर्म के नाम पर आरक्षण मांगने वाले दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के आरक्षण में कटौती करने की बात कह रहे हैं. मैं चाहता हूं कि सपा, बसपा और कांग्रेस इस बार के चुनाव में जनता को बता दें कि वह दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों में से किसका आरक्षण काटेंगे.

    इस लंबी बातचीत के दौरान बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ने उत्‍तराखंड, गोवा, पंजाब में भी बीजेपी की जीत का दावा किया.

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