केपीएस गिल को श्रद्धांजलि देने पर पंजाब विधानसभा में मचा घमासान

पंजाब विधानसभा का बजट सत्र बुधवार से शुरू हो गया. जैसा कि उम्मीद थी बजट सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा.

मोहित मल्होत्रा | News18Hindi
Updated: June 15, 2017, 12:01 AM IST
केपीएस गिल को श्रद्धांजलि देने पर पंजाब विधानसभा में मचा घमासान
Photo - News18
मोहित मल्होत्रा
मोहित मल्होत्रा | News18Hindi
Updated: June 15, 2017, 12:01 AM IST
पंजाब विधानसभा का बजट सत्र बुधवार से शुरू हो गया. जैसा कि उम्मीद थी बजट सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा. सत्र के पहले दिन उन लोगों को श्रद्धांजलि दी गई जिनकी पिछले कुछ दिनों में मृत्यु हुई थी. सदन में जैसे ही पूर्व सांसद विनोद खन्ना को श्रद्धांजलि दी गई और उसके बाद पंजाब के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल को श्रद्धांजलि दिए जाने के बारे में स्पीकर ने ऐलान किया तो इसी दौरान अकाली दल ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया.

अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल की अगुवाई में अकाली दल ने सदन से वॉकआउट कर दिया. उनका कहना था कि केपीएस गिल पंजाब में आतंकवाद के वक्त कई ऐसे मामलों में शामिल थे जिसमें ये शक था कि निर्दोष सिक्खों को आतंकी बता कर उनका एनकाउंटर कर दिया गया और ऐसे पुलिस अफसर को पंजाब विधानसभा में श्रद्धांजलि लिए जाना सिख कौम का अपमान है. जब सदन में अकाली दल के कहने पर केपीएस गिल को श्रद्धांजलि दिए जाने की बात स्पीकर ने नहीं मानी तो अकाली दल सदन से वॉकआउट कर दिया.

वहीं इस पूरे मामले में आम आदमी पार्टी ने भी केपीएस गिल की विवादित छवि की बात करते हुए सदन में उन्हें श्रद्धांजलि दिए जाने का विरोध किया और आम आदमी पार्टी के सहयोगी बैंस ब्रदर्स की लोक इंसाफ पार्टी ने भी सदन से वॉकआउट कर दिया. वहीं, अकाली दल की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी ने केपीएस गिल को श्रद्धांजलि दिए जाने पर पंजाब विधानसभा में उठे विवाद से अपना पल्ला झाड़ लिया. साथ ही उन्होंने कहा कि वह केपीएस गिल को श्रद्धांजलि ना देने की अकाली दल की बात से इत्तेफाक नहीं रखते हैं.

वहीं अकाली दल और आम आदमी पार्टी और बैंस ब्रदर्स के केपीएस गिल को श्रद्धांजलि दिए जाने के विरोध को पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक पॉलिटिकल ड्रामा करार दिया. इसके अलावा पंजाब के पूर्व दिवंगत मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते और खन्ना से कांग्रेस विधायक की गुरकीरत कोटली ने केपीएस गिल को श्रद्धांजलि देने का विरोध करने वालों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि पंजाब और पूरा देश जानता है कि केपीएस गिल का पंजाब के आतंकवाद को खत्म करने में कितना बड़ा रोल है. लेकिन, अकाली दल और दूसरी सियासी पार्टियां अपनी सियासत को चमकाने के लिए केपीएस गिल की मौत के बाद भी उनके नाम पर सियासत कर रही हैं.

गुरकीरत कोहली ने कहा कि अकाली दल जब सत्ता से बाहर होता है तो वो इस तरह की हार्डलाइनर बातें करता है और पंजाब का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है.

सिद्धू ने कहा किसानों पर ध्यान दे सरकार

वहीं इस पूरे मामले पर पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने ध्यान डाइवर्ट करने की कोशिश की और किसानों के मुद्दे पर जल्द ही पंजाब सरकार की तरफ से किसानों को बड़ी राहत देने की बात कही. सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार की कोशिश सिर्फ किसानों की कर्ज माफी ही नहीं है बल्कि सरकार चाहती है कि भविष्य में ऐसी एक पॉलिसी बनाई जाए कि किसानों पर इस तरह से मोटे ब्याज और कर्जे का भार ना आए और इसके लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी. हालांकि केपीएस गिल के मुद्दे पर नवजोत सिंह सिद्धू ने गोलमोल जवाब ही दिया.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर