Home /News /politics /

'भैया गधे पर मिट्टी ढोने का काम करता हूं...अच्छा अभी जाता हूं वरना मालिक..'

'भैया गधे पर मिट्टी ढोने का काम करता हूं...अच्छा अभी जाता हूं वरना मालिक..'

जिस बच्चे के हाथ में स्कूल बैग होना चाहिए था उसके हाथ मिट्टी से सने थे, क्योंकि उसे अपने परिवार का पेट पालना था. वो पढ़ना भी चाहता है लेकिन उसने ऐसा किया तो घर का खर्च कैसे चलेगा यही सोच उसे किताबों का रुख नहीं करने देतीं

जिस बच्चे के हाथ में स्कूल बैग होना चाहिए था उसके हाथ मिट्टी से सने थे, क्योंकि उसे अपने परिवार का पेट पालना था. वो पढ़ना भी चाहता है लेकिन उसने ऐसा किया तो घर का खर्च कैसे चलेगा यही सोच उसे किताबों का रुख नहीं करने देतीं

जिस बच्चे के हाथ में स्कूल बैग होना चाहिए था उसके हाथ मिट्टी से सने थे, क्योंकि उसे अपने परिवार का पेट पालना था. वो पढ़ना भी चाहता है लेकिन उसने ऐसा किया तो घर का खर्च कैसे चलेगा यही सोच उसे किताबों का रुख नहीं करने देतीं

    क्या नाम है तुम्हारा?
    भैया आरिफ और वो मेरा दोस्त है आतिफ.
    क्या करते हो?
    भैया गधे पर मिट्टी ढोने का काम करता हूं...अच्छा अभी जाता हूं वरना मालिक पैसे नहीं देगा.

    12 साल का आरिफ आजमगढ़ में रहता है... पढ़ना चाहता है लेकिन पैसे नहीं है.

    देश में एक और गधे को लेकर बयानबाजी करते हुए राजनेता एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यही गधा परिवारों को जिंदा रखे हुए है.

    उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की तमसा नदी किनारे गधे पर मिट्टी ढोने का काम करने वाला आरिफ बताता है कि भैया घर पर पिताजी की तबीयत बहुत खराब रहती है. इस वजह से मैं गधों पर मिट्टी ढोहने का काम करता हूं.

    12 साल के बच्चे की इतनी जिम्मेदारी वाली बातें सुनकर विश्वास नहीं हो रहा था. लेकिन उसके मिट्टी से सने हाथ पूरा सच अपने आप ही बयां कर रहे थे.

    जिस बच्चे के हाथ में स्कूल बैग होना चाहिए था उसके हाथ मिट्टी से सने थे, क्योंकि उसे अपने परिवार का पेट पालना था. वो पढ़ना भी चाहता है लेकिन उसने ऐसा किया तो घर का खर्च कैसे चलेगा यही सोच उसे किताबों का रुख नहीं करने देतीं.

    खेलने-कूदने की उम्र में जिम्मेदारी और मजबूरी ने उसे सब सिखा दिया है.

    सरकार बड़ी-बड़ी बातें करती है. बच्चों के लिए बड़े-बड़े प्लान बनाती है. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहती है. ये अकेले आरिफ या आतिफ की कहानी नहीं है. ना जाने कितने ऐसे बच्चे हैं जो ये काम करने पर मजबूर हैं.

    अगर सरकार और मंत्री सड़क पर उतर कर देखें तो उन्हें समझ आए की वाकई जिंदगी कितनी कठिन हैं. और जिस गधे पर वो राजनीति करते हैं उन गधों से इन परिवारों का गुजारा होता है.

    आपके शहर से (लखनऊ)

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर