MCD Election 2017: किसके लिए क्या मायने रखते हैं ये चुनाव

दिल्‍ली नगर निगम चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के लिए है.

ओम प्रकाश | News18India.com
Updated: April 25, 2017, 10:53 PM IST
MCD Election 2017: किसके लिए क्या मायने रखते हैं ये चुनाव
फाइल फोटो- इंडिया गेट
ओम प्रकाश
ओम प्रकाश | News18India.com
Updated: April 25, 2017, 10:53 PM IST
दिल्‍ली नगर निगम चुनाव बीजेपी, आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के लिए क्‍यों इतना महत्‍वपूर्ण बन गया है? दिल्‍ली के इस दंगल के क्‍या प्रतीकात्‍मक महत्‍व हैं?

वरिष्‍ठ पत्रकार सुभाष निगम बताते हैं एमसीडी चुनाव को लेकर किसी पार्टी की प्रतिष्‍ठा इस तरह से कभी दांव पर नहीं लगती थी जिस तरह इस बार लगी हुई है.



राजधानी दिल्ली के तीन नगर निगमों के लिए रविवार चुनाव हुए थे. बुधवार को परिणाम आ रहे हैं. देखना है कि 270 सीटों में से कौन कितने पर काबिज होता है. एग्जिट पोल की वजह से फिलहाल बीजेपी के समर्थक खुश हैं.
बीजेपी के लिए इसलिए महत्‍वपूर्ण


पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्‍व में लगातार चुनाव जीत रही बीजेपी एमसीडी चुनाव में भी बंपर जीत की आशा जता चुकी है. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जबरदस्त जीत की वजह से एमसीडी के चुनाव में बीजेपी की जीत लगभग तय मानी जा रही है. वरना उसके पक्ष में ऐसा माहौल नहीं रहता.

manoj_tiwari मनोज तिवारी
मनोज तिवारी का पहला टास्‍क

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दिल्‍ली में बिहार और पूर्वांचल के वोटरों की संख्‍या की वजह से भोजपुरी गायक मनोज तिवारी को बीजेपी ने दिल्‍ली प्रदेश की कमान दी. ये चुनाव उनका राजनीतिक भविष्‍य भी तय करेगा. ये उनका पहला बड़ा राजनीतिक टास्‍क है. उनके लिए इसीलिए भी चुनौती बढ़ गई है क्‍योंकि  किसी भी पुराने पार्षद को पार्टी ने टिकट नहीं दी है.

Arvind_Kejriwal      अरविंद केजरीवाल
‘आप’ को फिर ‘खास’ होने का मौका

आम आदमी पार्टी के लिए दिल्‍ली में करो या मरो की नौबत है. क्‍योंकि हाल ही में वो राजौरी गार्डन विधानसभा क्षेत्र की अपनी सीट बीजेपी को सौंप चुकी है. वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 67 सीटें जीती थीं इसलिए इस चुनाव पर सबकी नजर लगी हुई है. अगर इस चुनाव में आम आदमी पार्टी अच्‍छा नहीं करेगी तो उसके आने वाले दिन मुश्‍किल भरे हो सकते हैं.
कांग्रेस: अपने को साबित करने का एक और मौका

यह चुनाव कांग्रेस के उभार का एक और मौका है. पंजाब विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अगर दिल्‍ली नगर निगम में कांग्रेस वापसी करती है तो ये चौंकाने वाली बात हो सकती है. हालांकि जिस तरह से दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने पार्टी छोड़ी है, लगता नहीं कि माहौल कांग्रेस के पक्ष में है.

yogendra-yadav योगेंद्र यादव
योगेंद्र यादव की परीक्षा

इस चुनाव के बहाने अरविंद केजरीवाल के पुराने साथी रहे योगेंद्र यादव की भी परीक्षा होगी. देखना ये होगा कि आम आदमी पार्टी के अंतर्विरोधों से अक्टूबर 2016 में बनी ये पार्टी, कितनी सीटें जीतती हैं. सीटों की संख्‍या पर ही इस पार्टी और यादव की राजनीति आगे बढ़ेगी.
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