सरकार के खिलाफ हिंसक युद्ध छेड़ने की तैयारी में थे हार्दिक!

सरकार के खिलाफ हिंसक युद्ध छेड़ने की तैयारी में थे हार्दिक!
प्राथमिकी में कहा गया है कि हार्दिक ने अपने समुदाय के लोगों को गुजरात सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की खातिर हिंसक तरीके अपनाने के लिए कथित तौर पर उकसाया।

प्राथमिकी में कहा गया है कि हार्दिक ने अपने समुदाय के लोगों को गुजरात सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की खातिर हिंसक तरीके अपनाने के लिए कथित तौर पर उकसाया।

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अहमदाबाद। पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल पर पुलिस ने राष्ट्रदोह का केस दर्ज किया है। पुलिस के हाथ हार्दिक और उसके साथियों की बातचीत के रिकॉर्ड हाथ लगे हैं।

25 अगस्त 2015 को पाटीदार आंदोलन के समर्थन मैं अहमदाबाद में पाटीदारों का सैलाब सड़कों पर था। इसी दिन ने पाटीदार आंदोलन ने कन्वीनर हार्दिक को एक नई पहचान दी। मंच से हार्दिक गांधी के रास्ते पर चलने की दुहाई देते रहे। शाम होते ही हार्दिक की गिरफ्तारी पर गुजरात के कई शहरों मैं हिंसा ने उग्र रूप लिया। हार्दिक और उनके साथी सोशल मीडिया पर और टीवी चैनलों पर पाटीदारों से हिंसा न करने की अपील करते रहे। फिर भी हिंसा कई जगहों पर दो दिन तक चली।

पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल और पांच अन्य लोगों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह के गंभीर आरोपों के तहत दर्ज 27 पृष्ठों वाली प्राथमिकी में कहा गया है कि हार्दिक ने अपने समुदाय के लोगों को गुजरात सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की खातिर हिंसक तरीके अपनाने के लिए कथित तौर पर उकसाया। पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के पटेल ने 18 अक्तूबर को राजकोट में भारत- दक्षिण अफ्रीका वनडे मैच से पहले पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की स्थिति में अपने सभी सहयोगियों से गुजरात के सारे राजमार्गों की नाकेबंदी करने को कहा था। हार्दिक ने मैच बाधित करने की धमकी दी थी।



दर्ज की गई प्राथमिकी में हार्दिक के खिलाफ देशद्रोह के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसमें कुलदीप नाम के एक व्यक्ति के साथ उसकी टेलीफोन पर हुई बातचीत की टेप शामिल है। इस चर्चा में हार्दिक के द्वारा उसे यह कहते सुना गया है कि सुरेंद्र नगर और राजकोट जिलों को जोड़ने वाले सायला कस्बे के पास राजमार्ग की नाकेबंदी करने में क्या वह सक्षम होंगे।
पाटीदार अमानत आंदोलन समिति के सूरत संयोजक अल्पेश कठारिया के साथ 17 अक्तूबर को हुई बातचीत में हार्दिक ने कथित तौर पर उनसे कहा है कि मैच के दिन 18 अक्तूबर को राजमार्गों की नाकाबंदी करना ना भूलें। हार्दिक ने कठारिया से कहा कि भूलें नहीं, आपको कामरेज राजमार्ग (सूरत में) की नाकाबंदी करनी है। गुजरात के सभी राजमार्गों की अवश्य ही नाकाबंदी होनी चाहिए, कोई बचना नहीं चाहिए।

कुलदीप के साथ बातचीत में उसी दिन हार्दिक ने उससे टीवी देखते रहने और क्रिकेट मैच से पहले उसकी गिरफ्तरी की खबर आने पर अपना कार्यक्रम शुरू करने को कहा था। हार्दिक ने कुलदीप से कहा था कि कल हर चीज अवश्य ही सही दिशा में होना चाहिए जब हमारी गिरफ्तारी की खबरें आएं, टीवी देखते रहना और भूलना मत कि कल करीब नौ बजे सड़कों की नाकेबंदी हो जानी चाहिए, सावधानी से देखना, आपको यह तब शुरू करना है जब हमारी गिरफ्तारी की खबरें आ जाएं।

प्राथमिकी में उसके करीबी सहयोगी दिनेश पटेल की टेलीफोन पर बातचीत भी शामिल है जिसमें उसने पीएएएस के अज्ञात सदस्य से हार्दिक की गिरफ्तारी होने की स्थिति में राजकोट क्रिकेट स्टेडियम के बाहर हिंसा शुरू करने और क्रिकेटरों का घेराव करने को भी कहा था। राजकोट ग्रामीण पुलिस ने मैच शुरू होने से पहले हार्दिक को हिरासत में ले लिया था क्योंकि उसने मैच को बाधित करने की धमकी दी थी। 19 अक्तूबर को राष्ट्र ध्वज का कथित अपमान करने को लेकर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

उसी दिन एक स्थानीय अदालत में हार्दिक की जमानत मंजूर होने के शीघ्र बाद सूरत पुलिस ने उसे देशद्रोह की शिकायत के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ यह शिकायत पुलिसकर्मियों की हत्या के लिए पटेल युवकों को कथित तौर पर उकसाने को लेकर दर्ज की गई थी। सूरत के अमरोली पुलिस थाने में उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 124 (देशद्रोह) के तहत देशद्रोह का मामला दर्ज कराया था। नगर अपराध शाखा ने गुजरात सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने को लेकर कल 22 साल पटेल नेता के खिलाफ देशद्रोह का दूसरा मामला दर्ज किया। जिन अन्य लोगों को आरोपित किया गया है उनमें चिराग पटेल, दिनेश पटेल, केतन पटेल, अमरीश पटेल और अल्पेश कठारिया शामिल हैं।
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