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क्यों बादल को केजरीवाल नहीं, अमरिंदर से सता रहा है जेल जाने का डर?

ओम प्रकाश | News18India.com
Updated: December 12, 2016, 10:27 AM IST
क्यों बादल को केजरीवाल नहीं, अमरिंदर से सता रहा है जेल जाने का डर?
फोटो:: न्यूज18.कॉम

पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल क्‍यों कह रहे हैं कि कांग्रेस उनकी दुश्मन पार्टी है। जबकि उनके खिलाफ सबसे ज्‍यादा आक्रामक केजरीवाल हैं। क्या इसके पीछे कोई सोची समझी रणनीति है?

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नई दिल्‍ली। पंजाब के मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का रणनीतिक बयान आया है। हलवारा, रायकोट (लुधियाना) में उन्‍होंने लोगों से कहा कि ‘मैंनू इस बुढ़ापे जेल विच जान तो बचा लो’। उन्‍हें यह डर आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल से नहीं बल्‍कि कैप्‍टन अमरिंदर सिंह से लग रहा है। राजनीति के जानकार कह रहे हैं कि बादल के इस बयान के पीछे न सिर्फ लोगों की सहानुभूति लेने की रणनीति है, बल्‍कि विधानसभा चुनाव की लड़ाई शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस के बीच ही रखने की कोशिश भी है।

उन्‍होंने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार आ गई तो कैप्‍टन अमरिंदर सिंह झूठे केस में फंसाकर उन्‍हें जेल भेज सकते हैं। उन्‍होंने कांग्रेस को अपनी दुश्‍मन पार्टी बताया। पिछले दिनों केजरीवाल ने पंजाब में कहा था कि मैं आ गया हूं और यहीं पर खूंटा गाडकर बैठूंगा, जब तक बादलों को जेल नहीं भिजवा देते, तब तक यही पंजाब में हूं और पंजाब छोड़कर नहीं जा रहा। इस बयान के बाद बादल को केजरीवाल से डर लगना चाहिए था लेकिन वह नाम ले रहे हैं कांग्रेस नेता कैप्‍टन अमरिंदर सिंह का।

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राजनीतिक पंडितों का कहना है कि दरअसल बादल चाहते हैं कि पंजाब में कांग्रेस ही उनकी विरोधी पार्टी रहे, यही अच्‍छा है। पंजाब की सियासत को देखें तो अब तक अकाली दल और कांग्रेस ही एक दूसरे को रिपीट करते रहे हैं। इस ट्रेंड को बदलने में बसपा भी कामयाब नहीं हो पाई है, जबकि पंजाब में करीब 23 फीसदी दलित वोट हैं। 2012 के चुनाव में बसपा ने 4.29 फीसदी वोट हासिल किया था। 2014 के आम चुनावों में 24.5% वोट पाकर आम आदमी पार्टी नई ताकत के रूप में उभरी है। उसने शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।



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डीएवी कॉलेज जालंधर से पॉलिटिकल साइंस के रिटायर्ड प्रोफेसर अश्‍विनी शर्मा कहते हैं कि इलेक्‍शन में हर कोई यही चाहता है कि वही फिर रिपीट करे। उसके कम से कम राजनीतिक प्रतिद्वंदी हों, यही अकाली दल भी चाहता है। इस समय अकाली और कांग्रेस दोनों अरविंद केजरीवाल को पंजाब से बाहर का होने के कारण उन्‍हें हेलीकाप्‍टर कंडीडेट कह रहे हैं। क्‍योंकि सियासत में हर कोई चाहता है कि वर्चस्‍व सिर्फ हमारा हो। इसके लिए वह कुछ भी कहता और करता है।

फोटो: गैटी इमेजेज फोटो: गैटी इमेजेज
‘कांग्रेस और अकाली दल में मिलीभगत है। सुखबीर बादल और कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के बीच यह मीटिंग हो चुकी है कि दोनों एक दूसरे के प्रमुख प्रत्‍याशियों के लिए कमजोर कंडीडेट उतारेंगे। दोनों ही पार्टियां पिछले कई दशकों से राज्‍य की जनता को गुमराह करती रही हैं। दोनों ने इसे बारी-बारी बेरहमी से लूटा है।’

(अरविंद केजरीवाल, अमृतसर के टांगरा की एक जनसभा में)

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First published: December 12, 2016, 10:06 AM IST
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